Bliss Healers Point

Bliss Healers Point We pride in our treatment methods and techniques. Our amenities and techniques are of superior stand

Gurgaon PATIENTS CAN EXPERIENCE EFFECTIVE NATUROPATHIC CURE AT BLISS HEALERS POINT NATUROPATHY Naturopathy is a medical approach which believes that the human body is capable of curing it of various ailments with natural means. At our naturopathy center, Bliss Healers Point, has all the sophisticated infrastructures and facilities in place for the treatment of patients. Our services are offered at

a large scale, amidst the natural surroundings of Gurgaon. Are you in Delhi and looking for a nature cure center, move to Gurgaon Bliss Healers Point and end your search for the best naturopathy treatments here in the lap of nature!

20/09/2020
05/06/2020

प्राकृतिक चिकित्सा और उसके फायदे

चिकित्सा प्रणाली

आज हमारी चिकित्सा प्रणाली बेहद विकसित और कुशल है। बड़ी से बड़ी बीमारियों का दुनिया भर में इलाज संभव होता है। लेकिन कई बार नई चिकित्सा पद्धति के कुछ साइड इफेक्ट भी देखने को मिल जाते हैं। कभी-कभी तो यह साइड इफेक्ट जानलेवा भी साबित हो जाते हैं।

चिकित्सा

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर चिकित्सा की कौन-सी पद्धति सबसे कुशल और कम साइड इफेक्ट से युक्त है, तो इसका जवाब है प्राकृतिक चिकित्सा।

क्या है प्राकृतिक चिकित्सा

अगर आप नहीं जानते तो हम बता दें कि प्राकृतिक चिकित्सा रोगों से लड़ने की कुछ बेहद प्राचीन पद्धतियों में से एक है। इसमें औषधियों का अधिक प्रयोग किए बिना उपचार किया जाता है। प्रकृति के पांचों मूल तत्वों का पालन करते हुए यह मनुष्य को रोगों से लड़ने के काबिल बनाती है।

भारत सरकार

आज भारत सरकार इस पद्धति का इस्तेमाल करने पर काफी जोर दे रही है। आयुष मंत्रालय ने देश में कई जगह आयुष सेंटर और प्राकृतिक चिकित्सा के केन्द्र खोले हैं।

चिकित्सा प्रणाली

इस चिकित्सा प्रणाली में रोगों के इलाज के लिए पंच तत्वों के साथ सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली का प्रयोग किया जाता है। इस चिकित्सा प्रणाली की चर्चा ऋग्वेद, अथर्ववेद आदि में भी मिलती है।

05/06/2020

जिस तरह गन्दे पानी का कीड़ा स्वच्छ पानी में नहीं टिकता।
उसी तरह "डिटॉक्स डाइट" लेने के बाद आपके शरीर में रोग व्याधियां नहीं टिकती और आप स्वस्थ हो जाते हैं!
*आहार ही औषधि है।

भारतीय हस्त पक्षारण की प्रक्रिया ........🙏🏻सैनीटाइजर का विकल्प है ‘फिटकरी’... 90 रुपये का सैनीटाइजर आज बाजार में 300 से ...
22/03/2020

भारतीय हस्त पक्षारण की प्रक्रिया ........
🙏🏻
सैनीटाइजर का विकल्प है ‘फिटकरी’...
90 रुपये का सैनीटाइजर आज बाजार में 300 से 500 रुपये में बिक रहा है और उसका भी भरोसा नहीं कि वह असली है या नकली! सैनीटाइजर का भारतीय विकल्प है ‘फिटकरी’ जो बाजार में आसानी से और नाममात्र के मूल्य पर उपलब्ध है।
‘फिटकरी’ (हायड्रेटेड पोटेशियम एल्युमिनियम सल्फेट) K2SO4 Al2(SO4)3.24H2O एक पारंपरिक भारतीय सैनीटाइजर है। जब हम फिटकरी के पानी से अपने हाथों को धोते हैं या स्नान में उपयोग करते हैं तब कोई भी विषाणु हमारे शरीर पर जिंदा नहीं रह सकता। गरम पानी में फिटकरी डालकर कुल्ले करने से गले और मुंह के विषाणु नष्ट होते हैं। इसी प्रकार ‘फिटकरी’ से हाथ धोकर हम अपने हाथों के विषाणुओं को भी नष्ट कर सकते हैं। इसलिए हमेशा फिटकरी का एक टुकड़ा अपने साथ रखें, जब जैसी जरूरत हो, अपने को सैनीटाइज कर लें।

Aromatherapy for Anxiety 8 essential oils for anxiety you should tryLavender Oil. Lavender is the most popular of all es...
06/02/2020

Aromatherapy for Anxiety

8 essential oils for anxiety you should try
Lavender Oil. Lavender is the most popular of all essential oils. ...
Rose Oil. Inhaling rose oil promotes calmness and reduces any tension that you may be feeling; it's often recommended to those who are grieving or depressed.
Vetiver Oil. ...
Ylang Ylang Oil. ...
Frankincense Oil. ...
Geranium Oil. ...
Jasmine Oil. ...
Chamomile Oil.

AT-HOME AROMATHERAPY: HOW TO USE ESSENTIAL OILS  a diffuser.....  a dry evaporation.....  the oils in water. ... . ...  ...
31/01/2020

AT-HOME AROMATHERAPY: HOW TO USE ESSENTIAL OILS

a diffuser.....
a dry evaporation.....
the oils in water. ...
. ...
an aromatic Bathing. ...
. ...
oil-steeped compresses. ...
oils in your perfume.....

Most essential oils will last up to a year when you store them in a cool, dark place. Toss them if they have lost their odor or turn thick and cloudy.

NOTE: If you are pregnant or have a health condition, check with your doctor before using essential oils. Even though they are natural, they are still potent and should be used with care.

Apni baat apke sath 🙏🏻


15/06/2019
Happy family Event                       By         Dr.Bharti Aggarwal          On 19th May 2019         Time 4 to 6 pm ...
09/05/2019

Happy family Event
By
Dr.Bharti Aggarwal
On 19th May 2019
Time 4 to 6 pm

Mother's day is a celebration of mother and child .As we all know mother is the giving one so why Mother's day be any different .

Come with your child and learn how to D-stress him or her through various therapies.

Address : 167 second floor
Sector 56 (Gurugram )
Call Now 99530 02295

23/04/2019

नाभी कुदरत की एक अद्भुत देन है
एक 62 वर्ष के बुजुर्ग को अचानक बांई आँख से कम दिखना शुरू हो गया। खासकर रात को नजर न के बराबर होने लगी।जाँच करने से यह निष्कर्ष निकला कि उनकी आँखे ठीक है परंतु बांई आँख की रक्त नलीयाँ सूख रही है। रिपोर्ट में यह सामने आया कि अब वो जीवन भर देख नहीं पायेंगे।.... मित्रो यह सम्भव नहीं है..
मित्रों हमारा शरीर परमात्मा की अद्भुत देन है...गर्भ की उत्पत्ति नाभी के पीछे होती है और उसको माता के साथ जुडी हुई नाडी से पोषण मिलता है और इसलिए मृत्यु के तीन घंटे तक नाभी गर्म रहती है।
गर्भधारण के नौ महीनों अर्थात 270 दिन बाद एक सम्पूर्ण बाल स्वरूप बनता है। नाभी के द्वारा सभी नसों का जुडाव गर्भ के साथ होता है। इसलिए नाभी एक अद्भुत भाग है।
नाभी के पीछे की ओर पेचूटी या navel button होता है।जिसमें 72000 से भी अधिक रक्त धमनियां स्थित होती है
नाभी में देशी गाय का शुध्द घी या तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है।
1. आँखों का शुष्क हो जाना, नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिये उपाय...
सोने से पहले 3 से 7 बूँदें शुध्द देशी गाय का घी और नारियल के तेल नाभी में डालें और नाभी के आसपास डेढ ईंच गोलाई में फैला देवें।
2. घुटने के दर्द में उपाय
सोने से पहले तीन से सात बूंद अरंडी का तेल नाभी में डालें और उसके आसपास डेढ ईंच में फैला देवें।
3. शरीर में कमपन्न तथा जोड़ोँ में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए उपाय :-
रात को सोने से पहले तीन से सात बूंद राई या सरसों कि तेल नाभी में डालें और उसके चारों ओर डेढ ईंच में फैला देवें।
4. मुँह और गाल पर होने वाले पिम्पल के लिए उपाय:-
नीम का तेल तीन से सात बूंद नाभी में उपरोक्त तरीके से डालें।
नाभी में तेल डालने का कारण
हमारी नाभी को मालूम रहता है कि हमारी कौनसी रक्तवाहिनी सूख रही है,इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है।
जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है तब हम हिंग और पानी या तैल का मिश्रण उसके पेट और नाभी के आसपास लगाते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था।बस यही काम है तेल का।
अपने स्नेहीजनों, मित्रों और परिजनों में इस नाभी में तेल और घी डालने के उपयोग और फायदों को शेयर करिये।
करने से होता है , केवल पढ़ने से नहीं
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