31/05/2026
गर्भावस्था में तंबाकू और सिगरेट के गंभीर दुष्प्रभाव
गर्भावस्था के दौरान तंबाकू या सिगरेट का सेवन माँ और आने वाले बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। यह न केवल जटिलताओं को बढ़ाता है, बल्कि बच्चे के विकास पर स्थायी प्रभाव डाल सकता है।
ऑक्सीजन की कमी: तंबाकू में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देते हैं। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँच पाती, जो उसके अंगों के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
समय से पहले जन्म (Preterm Birth): तंबाकू का सेवन करने वाली महिलाओं में समय से पहले प्रसव की संभावना काफी अधिक होती है, जिससे बच्चा कमजोर पैदा हो सकता है।
कम वजन (Low Birth Weight): निकोटीन के प्रभाव के कारण बच्चे का वजन सामान्य से कम रह सकता है, जिससे जन्म के बाद बच्चे को संक्रमण और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
गर्भपात और मृत शिशु का जन्म (Miscarriage and Stillbirth): तंबाकू के सेवन से गर्भपात (Miscarriage) और मृत शिशु के जन्म (Stillbirth) का जोखिम बढ़ जाता है।
प्लेसेंटा की समस्या: यह प्लेसेंटा (आंवल) से जुड़ी समस्याओं, जैसे कि प्लेसेंटा का समय से पहले अलग होना (Placental Abruption), का कारण बन सकता है, जो माँ और बच्चे दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।
फेफड़ों और विकास संबंधी समस्याएं: धुएं के संपर्क में रहने वाले बच्चों में आगे चलकर अस्थमा, फेफड़ों की बीमारी और सीखने की क्षमता में कमी जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।
साहू हॉस्पिटल और डॉ. श्रद्धा साहू इस "वर्ल्ड नो टोबैको डे" पर समाज को जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्वस्थ गर्भावस्था और सुरक्षित डिलीवरी के लिए तंबाकू का त्याग करना सबसे पहला और जरूरी कदम है।
गर्भावस्था से संबंधित किसी भी समस्या का सामना कर रहा है, तो आज ही सही सलाह लें।
अधिक जानकारी के लिए अभी परामर्श लें:
डॉ. श्रद्धा साहू (MBBS, MD)
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
📲 +91 91402 80420
📍 काली माई संतार, मुरार, ग्वालियर (म.प्र.)