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हमारे शरीर में भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (Electromagnetic Field - EMF) बनता है।​विज्ञान इसे बायोइलेक्ट्रिसिटी (Bioelec...
20/01/2026

हमारे शरीर में भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (Electromagnetic Field - EMF) बनता है।
​विज्ञान इसे बायोइलेक्ट्रिसिटी (Bioelectricity) या बायोमैग्नेटिज्म (Biomagnetism) कहता है। जहाँ भी बिजली (Electrical Current) होती है, वहाँ मैग्नेटिक फील्ड अपने आप बन जाता है। चूँकि हमारा शरीर कोशिकाओं (cells) के बीच संदेश भेजने के लिए बिजली का उपयोग करता है, इसलिए हमारे शरीर के आसपास भी एक बहुत ही सूक्ष्म (weak) चुंबकीय क्षेत्र बनता है।

यह मुख्य रूप से शरीर के इन हिस्सों में पाया जाता है:
1. दिल (The Heart) - सबसे शक्तिशाली स्रोत
हमारे शरीर में सबसे मजबूत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड हमारे दिल (Heart) का होता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल का इलेक्ट्रिक फील्ड दिमाग के फील्ड की तुलना में लगभग 60 गुना और मैग्नेटिक फील्ड 5000 गुना अधिक शक्तिशाली होता है।
यह फील्ड शरीर से कई फीट दूर तक मापा जा सकता है। इसीलिए वैज्ञानिक इसे SQUID (Superconducting Quantum Interference Device) जैसे अति-संवेदनशील यंत्रों से मापते हैं।
2. दिमाग (The Brain)
हमारा दिमाग अरबों न्यूरॉन्स (Neurons) से बना है जो लगातार बिजली के संकेतों (Electrical Signals) के जरिए आपस में बात करते हैं।
यह गतिविधि भी एक मैग्नेटिक फील्ड बनाती है, हालांकि यह दिल की तुलना में बहुत कमजोर होता है।
डॉक्टर इसी फील्ड को मापने के लिए EEG (Electroencephalogram) या MEG (Magnetoencephalography) टेस्ट का उपयोग करते हैं।
3. नर्वस सिस्टम और मांसपेशियां
जब भी आप अपना हाथ हिलाते हैं या कोई काम करते हैं, तो आपकी नसों (Nerves) और मांसपेशियों में आयन्स (Ions - जैसे सोडियम और पोटेशियम) का प्रवाह होता है। यह प्रवाह भी एक हल्का चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
यह बनता कैसे है?
हमारे शरीर की कोशिकाएं (Cells) छोटी बैटरियों की तरह काम करती हैं। उनके अंदर और बाहर सोडियम (Na+), पोटेशियम (K+) और कैल्शियम जैसे चार्ज्ड पार्टिकल्स (Charged Particles) चलते रहते हैं। इस "आवेशों के प्रवाह" (Flow of Charge) से ही बिजली बनती है, और इसी बिजली से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड पैदा होता है।
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आध्यात्मिक साधनाओं (जैसे ध्यान, मंत्र जाप और योग) का हमारे शरीर के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (Electromagnetic Field) पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
विज्ञान और आध्यात्म दोनों इसे अलग-अलग नजरिए से समझाते हैं, लेकिन निष्कर्ष एक ही है—साधना से यह फील्ड 'संतुलित' और 'शक्तिशाली' होता है।
इसे समझने के लिए यहाँ तीन मुख्य वैज्ञानिक प्रमाण दिए गए हैं:
1. "हार्ट कोहेरेंस" (Heart Coherence) - सबसे बड़ा सबूत
हार्टमैथ इंस्टीट्यूट (HeartMath Institute) की रिसर्च के अनुसार, जब आप ध्यान करते हैं या सकारात्मक भावना (जैसे कृतज्ञता या भक्ति) में होते हैं, तो आपके दिल की धड़कन की लय बदल जाती है।
* सामान्य अवस्था: जब हम तनाव में होते हैं, तो दिल का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड "बिखरा हुआ" (Incoherent) होता है।
* साधना के दौरान: जब आप गहरा ध्यान या प्रार्थना करते हैं, तो दिल की तरंगें एक सुसंगत लय (Coherent Rhythm) में आ जाती हैं। इस अवस्था में दिल का चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) बड़ा और अधिक शक्तिशाली हो जाता है, जिसे शरीर के बाहर 3-4 फीट तक मापा जा सकता है।
2. मंत्र जाप और 'ओम्' का प्रभाव (Vibration & Resonance)
मंत्र जाप (जैसे 'ओम्' या 'महामृत्युंजय मंत्र') सिर्फ एक धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह शरीर में कंपन (Vibration) पैदा करता है।
* वेगस नर्व (Vagus Nerve): मंत्रों का उच्चारण गले और कान के पास 'वेगस नर्व' को उत्तेजित (stimulate) करता है। यह नर्व सीधे आपके दिमाग और दिल के इलेक्ट्रिक सिग्नल्स को कंट्रोल करती है।
* ब्रेनवेव्स (Brainwaves): 'ओम्' का जाप दिमाग को 'बीटा' (तनाव) स्टेट से 'अल्फा' (शांति) और 'थीटा' (गहरा ध्यान) स्टेट में ले जाता है। जब दिमाग शांत होता है, तो शरीर का बायो-इलेक्ट्रिक फील्ड (Bio-electric field) व्यवस्थित हो जाता है।
3. प्राण और बायो-फोटन्स (Biophotons)
हमारे शरीर की कोशिकाएं (Cells) बहुत हल्का प्रकाश छोड़ती हैं जिसे बायो-फोटन्स कहते हैं।
* कुछ वैज्ञानिक प्रयोगों (जैसे GDV कैमरा या किर्लियन फोटोग्राफी) में देखा गया है कि जो लोग नियमित साधना (योग/प्राणायाम) करते हैं, उनके शरीर से निकलने वाले इस प्रकाश (जिसे कुछ लोग आभामंडल या Aura कहते हैं) में अधिक चमक और संतुलन होता है।
* प्राणायाम (Breathing exercises) शरीर में ऑक्सीजन और आयन्स (Ions) का प्रवाह बढ़ाता है, जिससे शरीर की 'इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी' (विद्युत प्रवाह क्षमता) बेहतर होती है।
निष्कर्ष
साधना आपके शरीर के अंदर की "बिजली" (Bio-electricity) को एक लय में लाती है। जैसे एक लेज़र लाइट (Laser light) साधारण लाइट से ज्यादा शक्तिशाली होती है क्योंकि उसकी तरंगें एक साथ चलती हैं, वैसे ही साधना से आपका इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड एकाग्र (Focused) और शक्तिशाली हो जाता है।

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