03/01/2026
GJU गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
दिव्यांग एकाधिकार पुनर्वास ट्रस्ट एवं गुजविप्रौवि के बीच हुआ एमओयू
यूजीसी आरसीआई गाइडलाइंस के अनुरूप हुआ यह शैक्षणिक सहयोग
हिसार, जनवरी 03, 2026
दिव्यांगता, पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य एवं कौशल विकास के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने की दिशा में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) एवं दिव्यांग एकाधिकार पुनर्वास ट्रस्ट, हिसार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। यह एमओयू विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान, योग विज्ञान, फिजियोथेरेपी एवं नर्सिंग विभागों के साथ शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं व्यावहारिक सहयोग को औपचारिक स्वरूप प्रदान करता है। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, कौशल विकास एवं व्यावसायिक दक्षताओं में उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर गुजविप्रौवि की ओर से कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई, कुलसचिव डॉ. विजय कुमार, डीन इंटरनेशनल अफेयर्स प्रो. ओमप्रकाश सांगवान, तकनीकी सलाहकार प्रशासनिक प्रो. विनोद छोकर तथा मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार उपस्थित रहे। वहीं दिव्यांग एकाधिकार पुनर्वास ट्रस्ट की ओर से संस्थापिका श्रीमती संजू वर्मा, संस्थान समन्वयक श्री राजपाल सिंह बसानीवाल एवं मनोवैज्ञानिक डॉ. निधि गर्ग की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि एमओयू के तहत दोनों संस्थान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एवं रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) द्वारा समय-समय पर जारी नवीनतम एवं उच्च स्तरीय गाइडलाइंस के अनुरूप संचालित पाठ्यक्रमों—विशेषकर मनोविज्ञान, योग विज्ञान, फिजियोथेरेपी एवं नर्सिंग—में आपसी अकादमिक, प्रशिक्षण एवं व्यावसायिक सहयोग प्रदान करेंगी। दोनों पक्ष क्रमबद्ध, योजनाबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से नए कुशल प्रोफेशनल्स के विकास हेतु संयुक्त रूप से कार्य करेंगे।
उल्लेखनीय है कि दिव्यांग एकाधिकार पुनर्वास ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से हिसार में दिव्यांग बच्चों एवं युवतियों के लिए पुनर्वास एवं मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं निरंतर प्रदान कर रहा है। ट्रस्ट द्वारा विशेष शिक्षा, स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, मनोवैज्ञानिक परीक्षण एवं निदान सहित गाइडेंस एवं काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
दोनों संस्थानों के इस संयुक्त प्रयास से विद्यार्थियों को यूजीसी-आरसीआई मानकों के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा तथा दिव्यांगता एवं पुनर्वास के क्षेत्र में प्रशिक्षित, संवेदनशील एवं दक्ष प्रोफेशनल्स समाज को उपलब्ध हो सकेंगे।