01/04/2026
कैंसर के मरीज को सांस की तकलीफ — स्टेंट से मिली राहत
यह केस एक बहुत महत्वपूर्ण सीख देता है:
54 वर्षीय पुरुष गंभीर सांस की तकलीफ (dyspnea) के साथ आए, जिसमें उन्हें लेटने पर सांस और ज्यादा खराब हो रही थी (orthopnea)। उनका ऑक्सीजन स्तर (SpO₂) केवल 60% था, जो कि बेहद खतरनाक स्थिति है। 10 L/min हाई-फ्लो ऑक्सीजन देने के बावजूद भी उनका saturation सिर्फ लगभग 90% तक ही पहुंच पाया।
जांच में:
चेस्ट एक्स-रे में दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से (right lower lobe) का collapse दिखा
ब्रोंकोस्कोपी में दाहिने इंटरमीडिएट ब्रोंकस (सांस की नली) का पूरा रास्ता बंद पाया गया
बायोप्सी में squamous cell carcinoma (फेफड़े का एक प्रकार का कैंसर) की पुष्टि हुई
इस गंभीर स्थिति में bronchial stenting किया गया (यानी बंद airway को खोलने के लिए स्टेंट डाला गया)।
👉 परिणाम चौंकाने वाले और बेहद सकारात्मक थे:
ऑक्सीजन स्तर बिन ऑक्सीजन के ही 92% तक पहुंच गया
मरीज की सांस लेने की तकलीफ में स्पष्ट सुधार हुआ
🔑 महत्वपूर्ण संदेश:
कैंसर के मरीज में सांस फूलना (dyspnea) हमेशा “अंतिम स्थिति” का संकेत नहीं होता।