16/01/2026
रमादान और डायबिटीज 🌙
रमादान का पाक महीना आने वाला है. इस महीने में रोजेदार बिना अन्न जल लिए रोजे रखेंगे. भोजन का समय भी बदल जाएगा. कुछ एहतियात के साथ डायबिटीज के अधिकतर मरीज रोजे रख सकते हैं
जिन लोगों की शुगर कंट्रोल में है, जो ऐसी दवाइयों लें रहे हैं जिनसे लो शुगर नही होती और जो लोग स्वस्थ हैं वे आराम से रोजा रख सकते हैं. वहीं दूसरी ओर जिनकी शुगर लेवल कंट्रोल में नही है, जिनको किडनी की समस्या है, जो महिलाएं गर्भवती हैं , जिनको टाइप 1 डायबिटीज है उनको रोजे रखने मे अधिक रिस्क रहता है.
अधिकतर लोग जो रोज़े रखते हैं आमतौर पर यह गलती करते हैं कि जो दवाई पहले से चल रही होती है उसे ही रोज़ों के दौरान भी चालू रखते हैं. इससे शुगर में अप्रत्याशित उतार चढ़ाव आ सकता है. इसलिए डायबिटीज के मरीजों को रमादान के पहले अपने डॉक्टर से मिल कर अपनी दवाइयों में जरूरी बदलाव करवा लेनी चाहिए जिससे कम रिस्क के साथ रमादान के व्रत का पालन किया जा सके.