Astro Naadi Sutra

Astro Naadi Sutra In Institute Dedicated To Research In Astrological Planetary Aspects In Relation To Human Allments And Related Problems

फिल्म: महबूबागीत: "मेरे नैना सावन भादों, फिर भी मेरा मन प्यासा"यह गीत केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, यह उस जातक की व्यथा...
17/06/2026

फिल्म: महबूबा

गीत: "मेरे नैना सावन भादों, फिर भी मेरा मन प्यासा"

यह गीत केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, यह उस जातक की व्यथा है जिसकी कुंडली में 'संतुष्टि' का अभाव है। आइए देखते हैं कि यह 'प्यास' और 'आंसुओं' का क्या ज्योतिषीय गणित है।

१. नैना सावन भादों: जल तत्व और चन्द्रमा का पीड़ित होना
ज्योतिष में हमारी आंखें सूर्य (दाहिनी) और चन्द्रमा (बाईं) का प्रतिनिधित्व करती हैं। जब किसी जातक के 'नैना सावन भादों' की तरह बरसते हैं, तो इसका सीधा अर्थ है कि कुंडली में 'जल तत्व' की अधिकता या 'चन्द्रमा' का अति-भावुक होना।

जब चन्द्रमा कर्क, वृश्चिक या मीन राशि (जल राशियां) में बैठा हो और उस पर शनि (Shani) की दृष्टि हो, तो व्यक्ति के मन में गहरा अवसाद (Depression) भर जाता है। शनि समय का कारक है, और वह आंसुओं को रुकने नहीं देता। सावन-भादों की तरह आंसू बहते रहना, कुंडली में 'विष योग' (चन्द्रमा+शनि) या 'पुनर्फू' योग का संकेत है, जहाँ जातक चाहकर भी अपने आंसुओं को थाम नहीं पाता।

२. फिर भी मेरा मन प्यासा: शुक्र और केतु का मिलन

यह पंक्ति इस गीत की आत्मा है। बाहर से आंसू बह रहे हैं (बहुत कुछ मिल चुका है), फिर भी मन प्यासा है (अंदर खालीपन है)।
ज्योतिषीय दृष्टि से यह 'शुक्र' (Venus) और 'केतु' (Ketu) की युति है। शुक्र प्रेम और भोग का कारक है, जबकि केतु 'विरक्ति' और 'असंतोष' (Dissatisfaction) का। जब कुंडली में शुक्र के साथ केतु बैठता है, तो जातक को प्रेम मिलता है, सुख भी मिलता है, लेकिन उसे कभी यह तृप्ति नहीं होती कि 'यह पर्याप्त है'।

केतु शुक्र के सुख को खा जाता है, जिससे जातक हमेशा एक ऐसी प्यास लिए घूमता है जो कभी नहीं बुझती। वह एक अनजाने साए की तलाश में रहता है जो उसे पूर्णता दे सके।

३. ये जो रात दिन हैं, ये जो रात दिन हैं, ये जो रात दिन हैं...

गीत की यह पुनरावृत्ति 'कालचक्र' और 'शनि की साढ़ेसाती' का साक्षात चित्रण है। जब जातक साढ़ेसाती के दौर से गुजरता है, तो उसे दिन और रात का भेद मिटा हुआ महसूस होता है।
कुंडली के बारहवें भाव (व्यय) में जब राहु का गोचर होता है, तो व्यक्ति का समय जैसे थम सा जाता है। उसे लगता है कि उसकी पूरी ऊर्जा, उसका पूरा जीवन इसी 'प्रतीक्षा' में व्यय हो रहा है। यह उस जातक की स्थिति है जिसका 'पंचमेश' (प्रेम का स्वामी) 'अष्टम' (अनिश्चितता) या 'द्वादश' (हानि) में फंस गया हो।

४. ज्योतिषीय उपचार और निष्कर्ष
इस स्थिति से उबरने के लिए ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है?

जल का दान और चंद्रमा को बल: ऐसे जातकों को पूर्णिमा का व्रत करना चाहिए और शिवजी को जलाभिषेक करना चाहिए। जल का प्रवाह (बहते पानी में चांदी बहाना) मन के आंसुओं को कम करने में मदद करता है।

शुक्र की संतुष्टि: चूंकि केतु असंतोष देता है, अतः ऐसे जातक को अपनी रचनात्मक ऊर्जा (शुक्र) को 'सेवा' (केतु) में बदलना चाहिए। जब हम दूसरों की प्यास बुझाते हैं, तो हमारी अपनी आंतरिक प्यास कम होने लगती है।

सात्विक आहार: चूंकि यह जल तत्व का दोष है, अतः तामसिक भोजन से बचें, जो मन की चंचलता और उदासी को बढ़ाता है।

यह गीत उन लोगों के लिए है जिनका भाग्य तो महान है, जिनके पास संसार की सारी सुख-सुविधाएं (सावन भादों की प्रचुरता) हैं, लेकिन आत्मा में कहीं कोई 'अधूरापन' या 'अपूर्ण प्रेम' का घाव है, जो समय के साथ भरता नहीं।

28/05/2026

CP
Where is your Rahu

Rahu in each Nakshatra - Effects & Remedies👇

1. Ashwini Rahu ➔ Impulsive decisions & rushing everything.
Remedy ➔ Slow down before major decisions.

2. Bharani Rahu ➔ Obsession with control/desire.
Remedy ➔ Be practical.

3. Krittika Rahu ➔ Karmic conflicts
Remedy ➔ Speak less.

4. Rohini Rahu ➔ Attachment to comfort
Remedy ➔ Avoid emotional decisions.

5. Mrigashira Rahu ➔ Endless searching.
Remedy ➔ Focus deeply

6. Ardra Rahu ➔ Emotional chaos & mental storms.
Remedy ➔ Reduce overstimulation.

7. Punarvasu Rahu ➔ Repeating the same life patterns.
Remedy ➔ Finish what you start.

8. Pushya Rahu ➔ Validation through others.
Remedy ➔ Learn boundaries.

9. Ashlesha Rahu ➔ Manipulation, suspicion.
Remedy ➔ Avoid toxic people.

10. Magha Rahu ➔ Ego linked with status/family.
Remedy ➔ Practice humility.

11. Purva Phalguni Rahu ➔ Pleasure & comfort addictions.
Remedy ➔ Build discipline.

12. Uttara Phalguni Rahu ➔ Dependency on relationships
Remedy ➔ Strengthen self-worth.

13. Hasta Rahu ➔ Control issues & perfectionism.
Remedy ➔ Stop micromanaging.

14. Chitra Rahu ➔ Image obsession/social comparison.
Remedy ➔ Detach from external validation.

15. Swati Rahu ➔ Restlessness & unstable.
Remedy ➔ Create stable routine.

16. Vishakha Rahu ➔ Extreme ambition
Remedy ➔ Slow, consistent effort.

17. Anuradha Rahu ➔ Emotional dependency
Remedy ➔ Protect emotional energy.

18. Jyeshtha Rahu ➔ Power struggles & trust issues
Remedy ➔ Stop needing control.

19. Mula Rahu ➔ Sudden destruction/rebuilding.
Remedy ➔ Let it go.

20. Purva Ashadha Rahu ➔ Overconfidence & denial.
Remedy ➔ Accept criticism.

21. Uttara Ashadha Rahu ➔ Pressure to “prove yourself”
Remedy ➔ Stop comparisons.

22. Shravana Rahu ➔ Overthinking
Remedy ➔ Reduce external noise.

23. Dhanishta Rahu ➔ obsession without emotional peace.
Remedy ➔ Balance ambition with rest.

24. Shatabhisha Rahu ➔ Isolation & detachment.
Remedy ➔ Stay connected to real people.

25. Purva Bhadrapada Rahu ➔ Extreme thinking & intensity.
Remedy ➔ Avoid self-destruction.

26. Uttara Bhadrapada Rahu ➔ Emotional heaviness.
Remedy ➔ Stay active consistently.

27. Revati Rahu ➔ Confusion, escapism.
Remedy ➔ Stay grounded

Which Rahu Nakshatra do you have?

Copi pest

गोचर राहु कुंभ बनाम केतु सिंहराहु कहता है दर्द दिखा तो रहा हूँअब तो इलाज मिलना चाहिएकेतु कहता है इलाज मिलेगालेकिन पहले म...
26/02/2026

गोचर राहु कुंभ बनाम केतु सिंह

राहु कहता है दर्द दिखा तो रहा हूँ

अब तो इलाज मिलना चाहिए

केतु कहता है इलाज मिलेगा

लेकिन पहले मुझे पहचान दो

यहां 2 अलग अलग लोग हैं

एक राहु बन कर दर्द दिखा रहा है

तो कोई सामने से कह रहा है इलाज तो

होगा लेकिन पहले मुझे पहचानो

और यही पर सारी दिक्कत है

प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे से कट जाते हैं

क्योंकि प्रेमिका कह रही है दर्द देखो

और इलाज करो जल्दी से

लेकिन प्रेमी आ कर कहता है पहले

रिश्ता बनाओ फिर इलाज होगा

और अगर कोई दर्द देख ही नहीं रहा

तो वो दिल में जगह भी नहीं बना पा रहा

मतलब इनबॉक्स में जवाब नहीं मिलेगा

लेकिन यहां उस से भी बड़ा छलावा है

क्योंकि राहु शतभिषा में है मतलब

इलाज खुद ही करने वाला है बस

नाटकबाजी हो रही है कि कोई तो देखो

तो फिर रिश्ता कैसे बनेगा और बचेगा

यहां राहु कहता है बस साथ बने रहो

केतु सिंह को अपने आप पहचान मिलेगी

लेकिन केतु पूर्वाफाल्गुनी में

अगर प्रेमी प्रेम बरसाने की बजाय

सवाल करने लगे कि कुछ तो छिपा है

तो वहां प्रेमिका कहेगी तुम कोई प्रेमी हो

या फिर कोई सीबीआई आफिसर

और वो दरवाजा ही बंद कर देगी

यानी ब्लॉक, टूटन, दूरी, तकरार

अंतिम सूत्र - जहां पूर्वाफाल्गुनी खोज में निकल जाएगी, वहां शतभिषा और गहराई में जाकर छिप जाएगी। लेकिन जहां पूर्वाफाल्गुनी प्रेम बरसाने लगेगी, वहां शतभिषा अपने ज़ख्म खुद ही सामने कर देगी।

भूमि पूजन की तिथि चुनते समय ध्यान देने योग्य बातेंभूमि पूजन के शुभ महीने: वैशाख, फाल्गुन, कार्तिक, माघ, भाद्रपद, पौष, अग...
27/12/2025

भूमि पूजन की तिथि चुनते समय ध्यान देने योग्य बातें
भूमि पूजन के शुभ महीने: वैशाख, फाल्गुन, कार्तिक, माघ, भाद्रपद, पौष, अग्रहायण और श्रावण।
जिन महीनों में भूमि पूजन नहीं करना चाहिए: चैत्र, ज्येष्ठ, आषाढ़ और अश्विन।
भूमि पूजन के लिए शुभ नक्षत्र: उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, रोहिणी, मृगशिरा, रेवती, चित्रा, अनुराधा, शतभिषा, धनिष्ठा, हस्त और पुष्य।
भूमि पूजन के लिए शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी और पूर्णिमा।
भूमि पूजन के लिए शुभ लग्न: वृषभ,मिथुन, सिंह, वृश्चिक, धनु और कुंभ।
भूमि पूजन के लिए सप्ताह के शुभ दिन: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार।
जिन दिनों में भूमि पूजन से बचना चाहिए: शनिवार, रविवार और मंगलवार।

27/11/2025

सूत्र:------
शनि केतु की युति लंबे बाल देती है
लेकिन बाल टूटते भी बहुत ज्यादा है इस युति वालो के

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303803

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