13/05/2026
आज शाम को हम सबको ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर एक नया इतिहास रचना है धोरों कि धरती गोगङियावाला में आसमान को हमें गौमाता के नारों से गूंजाना हैं, हमें गौमाता के खातिर सिर कटवाने नहीं है बल्कि सिर गिनवाने कि आवश्यकता है, तो आप सब इस पोस्टर को प्रशनल निमंत्रण समझें और ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचे जी