01/08/2025
नजला :- इसके लक्षण, कारण और होम्योपैथिक इलाज
नजला /allergic rhinitis एक आम श्वसन समस्या है, जिसमें नाक से पानी बहना, छींकें आना, गले में खराश, खांसी आदि लक्षण होते हैं।
यह आमतौर पर एलर्जी, सर्दी या वायरल संक्रमण के कारण होता है।
यह रोग ऊर्ध्व श्वसन तंत्र (Upper Respiratory Tract) को प्रभावित करता है।
नजला के लक्षण (Symptoms)
प्रमुख लक्षण:-
बार-बार छींक आना एलर्जी ।
आंखों में पानी आना, खुजली चलना।
संक्रमण के कारण सिरदर्द विशेष रूप से माथे पर भारीपन।
नाक से पानी बहना,पानी पारदर्शी या कभी-कभी पीला/हरा।
कानों में दबाव या दर्द यदि संक्रमण बढ़ जाए।
गले में खराश और कभी-कभी खांसी।
थकावट और सुस्ती लगातार नजला की वजह से शरीर थका हुआ लगता है
नजला के कारण (Causes)
कारण:-
ठंडी हवा का संपर्क जैसे AC में रहना, बारिश में भीगना ।
ठंडे खाद्य-पदार्थ आइसक्रीम, ठंडा पानी ।
वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण फ्लू, सर्दी।
धूल, पराग एलर्जी ।
एलर्जी के कारण साइनस संक्रमण क्रोनिक नजले में कमजोर इम्युनिटीबार-बार बीमार पड़ना।
होम्योपैथिक इलाज (Homeopathic Treatment)
होम्योपैथी में इलाज व्यक्ति के लक्षणों पर आधारित होता है। नीचे कुछ आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं दी गई हैं:
Allium Cepa 30
Euphrasia 30
Nux Vomica 30
Arsenicum Album 30
Pulsatilla 30
Kali Bichromicum 30
Natrum Mur 30
नोट: होम्योपैथिक दवाएं व्यक्ति की शारीरिक बनावट, मानसिक स्थिति और लक्षणों पर आधारित होती हैं, इसलिए होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह पर ही दवा ले अपने से कोई भी दवा नहीं लेवे।
नजला कोई गंभीर रोग नहीं है, लेकिन यदि लक्षण लगातार बने रहें, तो यह साइनसाइटिस, ब्रोंकाइटिस या अस्थमा का कारण बन सकता है।
होम्योपैथिक दवाएं इसमें अच्छे परिणाम दे सकती हैं।