Ayurvedic treatment

Ayurvedic treatment Enjoy life with ayurveda Es bhag dhod zindagi ko aur energetic banaye aur life ko khus numa banaye ayurveda se jo rake app ke budape ka khayal.

26/12/2020
12/04/2020

All type sanitazer nd mask nd gloves avilable

12/04/2020

Any one require sanitazer nd mask nd gloves pls contact all type avilable

🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳                  *अनेकता में एकता,ही हमारी शान है।*                                     *इसलिए**मेरा भारत...
15/08/2018

🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 *अनेकता में एकता,ही हमारी शान है।* *इसलिए*
*मेरा भारत महान है।*
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
*72 वें स्वन्त्रतादिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।*
*🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳*
*🇮🇳जय हिंद ,जय भारत🇮🇳*
Jai ayurved jai javan jai kishaan

08/08/2018

Ayurvedic ved ने कहा कि डेंगू-चिकनगुनिया के रोग में गिलोय की पत्तियां रामबाण हैं, जो कि आसानी से सड़कों पर मिल जाती हैं इनकी डंडी तोड़कर उनके पत्तियों का रस निकालकर सेवन करने से डेंगू-चिकनगुनिया दोनों छूमंतर हो जाते हैं।रोगियों को डेली अनार का जूस पीना चाहिए, जो कि शरीर में ताकत बढ़ाता है और इंसान को स्वस्थ रखता है।रोगियों को पपीते का सेवन करना चाहिए, अगर पपीते का पत्ता मिल जाए तो ये और भी अच्छा है।इंसान को खूब पानी पीना चाहिए।डेंगू से बचने के लिए एलोवेरा, पपीता, बकरी के दूध का सेवन कीजिए।बाहर के खाने से बचना चाहिए और शरीर को ढंकने वाले पूरे वस्त्र पहनने चाहिए।पपीता, अनार, एलोवीरा, गेहूं और ज्वार के रस का इस्तेमाल करना बहुत फायदा देता है। और रोज कम से कम 15-20 मिनट योग करना चाहिए या टहलना चाहिए।

हालांकि auyrvedic drs की बातों से एम्स के डॉक्टर इत्तफाक नहीं रखते हैं। इससे पहले भी एम्स ने कहा था कि इस बात के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं कि जड़ी-बूटी से डेंगू का इलाज हो सकता है। लेकिन हां ayurvedic drs ने जिन चीजों का सेवन करने के लिए कहा है उससे इंसान की इम्यून पॉवर जरूर स्ट्रांग होती है और जिसकी इम्यूनिटी अच्छी होती है वो जल्दी बीमार नहीं होता है।

08/08/2018

डेंगू बुखार को अन्य नाम से भी जाना जाता हैं जो की इस तरह हैं – हड्डी तोड़ बुखार, Break bone feverइसमें बुखार तेज आता हैं हैं, और यह एक दिन में करीबन पांच से छह बार तक आता हैं.यह दो तरह के होते हैं एक तरह के डेंगू में आपको उसके लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं वहीं दूसरे तरह के डेंगू में शरीर पर किसी भी तरह का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता हैं, देखने में आया हैं की ऐसा बुखार अपने आप ठीक हो जाता हैं.अपनी नाक और मसूड़ों में खून निकले या उलटी और मल में खून निकलने लगे तो यह डेंगू बुखार के गंभीर लक्षण माने जाते हैं, ऐसे मेंबिना वक्त गवाए डॉक्टर के पास इलाज के लिए पहुंच जाना चाहिए ताकि समय से इस-का उपचार हो जाये.

08/08/2018

Dengu spc. Trentment

31/05/2018

1.कुछ महिलाओं को सहवास के दौरान दर्द होता है? 2.कुछ महिलाओं को ऑर्गेज्म नहीं हो पाता?।3.नाभि के नीचे और प्यूबिक एरिया के आसपास दर्द?।4.लुब्रिकेशन की कमी से सेक्स के दौरान दर्द?call me 9602574093 ya whataspp

@@@@@सेक्‍स में कमी@@@@@@

महिलाओं में सेक्‍स में कमी डिप्रेशन, थकान या तनाव की वजह हो सकती है। इसके अलावा और भी वजह हो सकती है जैसे पार्टनर जिस तरह छूता है, वह पसंद नहीं आना, पसीना से या उसके मुंह से पान-तंबाकू वगैरह की बदबू आना आदि। कई महिलाओं को शरीर के कुछ खास हिस्सों पर हाथ लगाने से दर्द महसूस होता है या अच्छा नहीं लगता। इससे भी वे सेक्स से बचने लगती हैं।

# # # #लुब्रिकेशन की कमी # # # #

महिलाओं के जनन अंग में लुब्रिकेशन (गीलापन) को उत्तेजना का पैमाना माना जाता है। कुछ महिलाओं को इसमें कमी की शिकायत होती है। ऐसे में सहवास काफी तकलीफदेह हो जाता है। लुब्रिकेशन में कमी तीन वजहों से हो सकती है। इन्फेक्शन, हार्मोंस में गड़बड़ी या फिर तरीके से फोर प्ले न होना।

$$$$$सहवास में दर्द$$$$$$

कुछ महिलाओं को सहवास के दौरान दर्द होता है। कई बार यह दर्द बहुत ज्यादा होता है और ऐसे में महिला सेक्स से बचने लगती है। साथी को इस दर्द का अहसास नहीं होता। उसे लगता है कि साथी महिला उसे सहयोग नहीं दे रही।

¥¥¥¥ऑर्गेज्म न होना या देर से होना¥¥¥¥

महिलाओं में यह शिकायत आम होती है कि उनका पार्टनर उन्हें संतुष्ट किए बिना ही छोड़ देता है। कुछ को ऑर्गेज्म नहीं होता और कुछ को होता है, पर महसूस नहीं होता। कुछ महिलाओं को लुब्रिकेशन के दौरान ही जल्दी ऑर्गेज्म हो जाता है। कुछ को बहुत देर से ऑर्गेज्म होता है।

€€€€₩₩वैजाइनल पेन₩₩€€€€

कभी-कभी महिलाओं को नाभि के नीचे और प्यूबिक एरिया के आसपास दर्द महसूस होता है। यह दर्द वैसा ही होता है, जैसा पीरियड्स के दौरान होता है। इसकी वजह यह है कि उत्तेजना होने पर प्राइवेट पार्ट के आसपास खून का बहाव होता है। ऐसे में लुब्रिकेशन होता है, पर क्लाइमैक्स नहीं होता। इससे इस एरिया में खून जम जाता है और दर्द होने लगता है।

&&&&&समाधान&&&&&

सेक्स समस्या का सबसे बड़ा कारण है, पति-पत्‍नी का सेक्स समस्याओं के बारे में बात करने से कतराना। पति और पत्‍नी दोनों में आपसी समझ इतनी होनी चाहिए कि एक-दूसरे से कोई भी बात न छुपाए। इतना ही नहीं इस मामले में पत्‍नी कभी पहल नहीं करती। ऐसे में पति को चाहिए कि उनका व्यवहार ऐसा हो कि उनकी पत्‍नी उनसे हर बात शेयर कर सकें। यदि आप चाहते हैं कि आप अपने साथी से सभी समस्याओं खासकर सेक्स समस्याओं के बारे में बातचीत कर सकें तो आपको अपने साथी को विश्वास में लेना होगा। यदि आप अपने साथी को अपनी कोई सेक्स समस्या के बारे में बताना चाहते हैं तो आप उसे सीधे-सपाट शब्दों में ना कहें बल्कि उसके लिए थोड़ा समय लें और अपने साथी को बातचीत और प्यार से सहज करें। इसके बात सामान्य बातचीत के बाद ही अपनी समस्या बताएं।

31/05/2018

43% महिलाओं में कोई न कोई लैंगिक विकार।
हार्मोंस बदलने के कारण होती हैं ऐसी समस्याएं।
ल्यूकोरिया की समस्या महिलाओं में काफी आम है।
अक्सर होती है यौनेच्छा की कमी की शिकायत।
App call kare ya whatassp kare
9602574093📱📱📱📱📱📲📲📲📲
हार्मोंस में बदलाव-----

माहवारी शुरू होने के बाद महिलाओं में हार्मांस परिवर्तन होने लगता है। इस बदलाव के कारण उनमें शारीरिक रूप से कुछ न कुछ परिवर्तन आते रहते है। ये परिवर्तन उस समय और बढ़ जाती हैं, जब महिलाएं सेक्स करती हैं या फिर सेक्स करने से पहले गर्भधारण से बचने के लिये गर्भनिरोधक गोलियों का नियमित सेवन करती है। महिलाओं में पुरूषों के मुकाबले सेक्स समस्याएं अधिक होती है। कुछ स्थितियों में सेक्स के तत्काल बाद सेक्स समस्याएं होने लगती हैं तो कभी संभोग के दौरान। इन समस्याओं से बचने के लिए महिलाओं को सेक्स‍ के सामान्य तरीके अपनाने चाहिए।

ल्यूकोरिया की समस्या-------

योनि से सफेद, चिपचिपा गाढ़े पानी का स्राव होना आज युवावस्था की महिलाओं के लिए आम समस्या हो गई है। सामान्य भाषा में इसे सफेद पानी यानी ल्यूकोरिया कहा जाता है।

योनि में खुजली---------

कई कारणों से महिलाओं को योनि में खुजली होने लगती है। इसके कई कारण है, जैसे- इन्फेक्शन होना, ठीक से सफाई न होना, फिरंग, रोजाना कब्ज रहना और संभोग करने वाले व्यक्ति के यौनांगों में इन्फेक्शन होना, रक्त विकार इत्यादि इसके प्रमुख कारण हैं।

गर्भाशय संबंधी बीमारियां---------

कई बार प्यूबिक हेयर्स की ठीक से सफाई न करने के कारण उनमें स्थित कीटाणु योनि मार्ग में प्रविष्ट होकर कई योनि गर्भाशय संबंधी समस्याओं को उत्पन्न करते हैं। यौनांगों की इसीलिए ठीक तरह से सफाई होना बेहद आवश्यक है।

सेक्स के प्रति विमुख होना---------

स्त्रियों को सबसे अधिक शिकायत यौनेच्छा की कमी होती है। कई महिलाओं की सेक्स करने में बिल्कुल भी रूचि नहीं होती। यानी उनकी सेक्स भावना बिल्कुल खत्म हो चुकी होती है। जो कि एक गंभीर सेक्स समस्या होती है। कई बार ये स्थिति मेनोपोज के बाद आती है तो कई महिलाओं में मेनोपोज से पहले ही महिलाओं मे सेक्स के प्रति अनिच्छा हो जाती है। हालांकि महिलाओं के मामले में अच्छे स्वास्थ्य की महिला का सेक्स जीवन खराब स्वास्थ्य वाली महिला की तुलना में सिर्फ़ 3-4 साल ही बढ़ता है.

Address

Jodhpur City
342001

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm

Telephone

+919602574093

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ayurvedic treatment posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Ayurvedic treatment:

Shortcuts

Share

Category