22/10/2017
आइये जाने गिलोय के लाभ : –
बुखार में फायदेमंद :- गिलोय एक रसायन है जो रक्तशोधक, ओजवर्धक, हृदयरोग नाशक ,शोधनाशक और लीवर टोनिक भी है। गिलोय के रस में शहद मिलाकर लेने से बार-बार होने वाला बुखार ठीक हो जाता है। या गिलोय के रस में पीपल का चूर्ण और शहद को मिलाकर लेने से तेज बुखार तथा खांसी ठीक हो जाती है।
खून की कमी दूर करें :- गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर में खून की कमी को दूर करता है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी या शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है।
कान दर्द में लाभकारी : – गिलोय के पत्तों के रस को गुनगुना करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है। साथ ही गिलोय को पानी में घिसकर और गुनगुना करके दोनों कानों में दिन में 2 बार डालने से कान का मैल निकल जाता है।
मोटापा कम करें : – गिलोय मोटापा कम करने में भी मदद करता है। मोटापा कम करने के लिए गिलोय और त्रिफला चूर्ण को सुबह और शाम शहद के साथ लें। या गिलोय, हरड़, बहेड़ा, और आंवला मिला कर काढ़ा बनाकर इसमें शिलाजीत मिलाकर पकाएं और सेवन करें। इस का नियमित सेवन से मोटापा रुक जाता है।
आंखों के लिए फायदेमंद :- गिलोय का रस आंवले के रस के साथ मिलाकर लेना आंखों के रोगों के लिए लाभकारी होता है। इसके सेवन से आंखों के रोगों तो दूर होते ही है, साथ ही आंखों की रोशनी भी बढ़ती हैं। इसके लिए गिलोय के रस में त्रिफला को मिलाकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े में पीपल का चूर्ण और शहद मिलकर सुबह-शाम सेवन करें।
जलन दूर करें : – अगर आपके पैरों में जलन होती है और बहुत उपाय करने के बाद भी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आप गिलोय का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए गिलोय के रस को नीम के पत्ते एवं आंवला के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। प्रतिदिन 2 से 3 बार इस काढ़े का सेवन करें इससे हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाती है।
पीलिया में फायदेमंद : – गिलोय का सेवन पीलिया रोग में भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय का एक चम्मच चूर्ण, काली मिर्च अथवा त्रिफला का एक चम्मच चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से पीलिया रोग में लाभ होता है। या गिलोय के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें। एक चम्मच रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है।
खुजली दूर भगाएं : – खुजली अक्सर रक्त विकार के कारण होती है। गिलोय के रस पीने से रक्त विकार दूर होकर खुजली से छुटकारा मिलता है। इसके लिए गिलोय के पत्तों को हल्दी के साथ पीसकर खुजली वाले स्थान पर लगाइए या सुबह-शाम गिलोय का रस शहद के साथ मिलाकर पीएं।
उल्टियां में फायदेमंद : – गर्मियों में कई लोगों को उल्टी की समस्या होती हैं। ऐसे लोगों के लिए भी गिलोय बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय के रस में मिश्री या शहद मिलाकर दिन में दो बार पीने से गर्मी के कारण से आ रही उल्टी रूक जाती है।
पेट के रोगों में लाभकारी : – गिलोय के रस या गिलोय के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से पेट से संबंधित सभी रोग ठीक हो जाते है। इसके साथ ही आप गिलोय और शतावरी को साथ पीस कर एक गिलास पानी में मिलाकर पकाएं। जब उबाल कर काढ़ा आधा रह जाये तो इस काढ़े को सुबह-शाम पीयें।
गैस दूर करे : – गैस, जोडों का दर्द ,शरीर का टूटना, असमय बुढापा वात असंतुलित होने का लक्षण हैं। गिलोय का एक चम्मच चूर्ण को घी के साथ लेने से वात संतुलित होता है ।
गठिया : – गिलोय का चूर्ण शहद के साथ खाने से कफ और सोंठ के साथ आमवात से सम्बंधित बीमारीयां (गठिया) रोग ठीक होता है।
बाँझपन से मुक्ति : – गिलोय और अश्वगंधा को दूध में पकाकर नियमित खिलाने से बाँझपन से मुक्ति मिलती हैं।
रक्त कैंसर : – गिलोय का रस और गेहूं के जवारे का रस लेकर थोड़ा सा पानी मिलाकर इस की एक कप की मात्रा खाली पेट सेवन करने से रक्त कैंसर में फायदा होगा।
कैंसर में लाभ : – गिलोय और गेहूं के ज्वारे का रस तुलसी और नीम के 5-7 पत्ते पीस कर सेवन करने से कैंसर में भी लाभ होता है।
टी. बी. रोग :- टी. बी. रोग में गिलोय सत्व, इलायची तथा वंशलोचन को शहद के साथ लेने से लाभ होता है।
मिर्गी रोग भगाए :- गिलोय और पुनर्नवा का काढ़ा बना कर सेवन करने से कुछ दिनों में मिर्गी रोग में फायदा दिखाई देगा।
पित्त की बीमारी :- एक चम्मच गिलोय का चूर्ण गुड के साथ खाने से पित्त की बिमारियों में सुधार आता है और कब्ज दूर होती है।
बवासीर दूर करे :- मट्ठे के साथ गिलोय का 1 चम्मच चूर्ण सुबह शाम लेने से बवासीर में लाभ होता है।
मुंहासे दूर करे : – मुंहासे, फोड़े-फुंसियां और झाइयो पर गिलोय के फलों को पीसकर लगाये मुंहासे, फोड़े-फुंसियां और झाइयां दूर हो जाती है।
हृदयरोग के लिये लाभकारी : – गिलोय एक रसायन है, यह रक्तशोधक, ओजवर्धक, हृदयरोग नाशक , शोधनाशक और लीवर टोनिक भी है। यह पीलिया और जीर्ण ज्वर का नाश करती है अग्नि को तीव्र करती है, वातरक्त और आमवात के लिये तो यह महा विनाशक है।
पपीता के पत्ते के फायदे : Amrit Ras, Swine Flu ka ilaj
क्या आप जानते हैं कि पपीते के पत्ते कई औषधीय गुणों से भरे हुए हैं? आपके शरीर के जितने भी रोग हैं वह पपीते के पत्तों के रस के इस्तमाल से दूर हो सकते हैं। पपीते के पत्ते खाने में कडुए लगते हैं लेकिन उनमें कमाल के गुण छुए हुए होते हैं। पपीते के पत्तों में विटामिन A, B, C, D और E और कैल्शियम की मात्रा भी होती है।
1. डेंगू में बहुत ज़्यादा फायदेमंद :- डेंगू से लड़ने में पपीते की पत्तिया बहुत ही ज़्यादा फायदेमंद मानी जाती हैं। यह ब्लड में तेज़ी के साथ गिर रहे प्लेट्स को फिर से बढ़ाने, खून के थक्के जमने को रोकते हैं। लिवर को डैमेज होने से बचाते हैं, क्योंकि डेंगू वाइरस की वजह से इन सभी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं। इसलिए पपीते के पत्तो का रस डेंगू के इलाज के लिए कारगर माना जाता हैं।
2.भूख बढ़ाता हैं :- अगर आपको भूख ना लगने की परेशानी हो गयी हो तो पपीते के पत्ते की चाय बना कर पिए, इससे आपकी खोई हुई भूख दुबारा से वापिस लौट आती हैं।
3.बॉडी की इम्यूनिटी को बढ़ाए :- इन चमत्कारी पत्तियो में बॉडी की इम्यूनिटी को बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं। इन पत्तियो में सर्दी-जुकाम से लड़ने की क्षमता होती हैं। यह ब्लड में वाइट सेल्स और प्लेट्स को बढ़ाने करने में सहायता करते हैं।
4. ब्लड प्लेट्स बढ़ाने में कारगर :- पपीते के पत्तो का जूस पीने से खून में प्लेट्स की कमी को पूरा किया जा सकता हैं। इस चमत्कारी पत्तो में खून में ब्लड प्लेट्स को बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं। इसके लिए पपीते के पत्तो का रस रोजाना 2 चम्मच कुछ दिनों तक पीना चाहिए।
5. पीरियड्स के दर्द में राहत दिलाए :- पीरियड के दर्द से राहत पाने के लिए एक काढ़ा बनाए जिसमे 1 पपीते की पत्ती को इमली, नमक और 1 ग्लास पानी के साथ मिक्स करे। फिर इसे उबाले और काढ़ा बना कर ठंडा करके पिए। इससे आपको पीरियड के दर्द से काफ़ी आराम मिलेगा।
6. पिंपल्स ख़त्म करे :- अगर आप पिंपल्स की प्रॉब्लम्स से परेशान हैं तो पपीते की सुखी पत्तियो को लेकर पानी के साथ मिक्स करके पेस्ट बना ले। फिर इस पेस्ट को चेहरे पर लगा कर सूखा ले और फिर पानी से चेहरे को धो ले। इससे कुछ ही दीनो में आपके पिंपल्स दूर हो जाएँगे।
7. कैंसर होने से बचाए :- पपीते के पत्तो में कैंसर को रोकने वाले तत्व होते हैं। यह इम्यूनिटी को बढ़ाता हैं और सर्वाइकल कॅन्सर, ब्रेस्ट ब्रेस्ट, लिवर कैंसर, फेफड़ो के कैंसर होने से रोकने में मदद करता हैं।
8. मलेरिया में भी लाभकारी :- पपीते के पत्ते मलेरिया से भी लड़ने में क्षक्ष्म होते हैं। पपीते के पत्तियो का रस मलेरिया को बढ़ने से रोकता हैं। मलेरिया और डेंगू दोनो ही मच्छरों के काटने से होता हैं। पपीते के पत्ते का जूस दोनो रोगो में बहुत ही फायदेमंद होता हैं।
9. परिजीवियो को ख़त्म करे :- पपीते की पत्तियो में 50 एक्टिव सामग्री होती हैं जो की बैक्टीरिया, फंगस, परजीवी, वाइरस और कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकती हैं।
तुलसी के फायदे : Amrit Ras, Swine Flu ka ilaj
आयुर्वेद के अनुसार तुलसी में ऐसे-ऐसे गुण हैं जिसकी किसी और किसे पाैधे से तुलना नहीं की जा सकती। इसीलिए इसे The mother medicine of nature भी कहा जाता है। इस औषधि को एक गमले में लगाकर आप आराम से घर में रख सकते हैं। कहते हैं इसे घर में रखने से ही उस परिवार के सदस्यों का infection, cold cough और viral infection से बचाव रहता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो इसमें strong medicinal properties होने के कारण जब लोग सुबह शाम की पूजा करने इसके पास आते हैं तो इसकी सुगंध और आसपास शुद्द हवा में जब सांस लेते हैं तो infection से होने वाली काफी सारी बीमारियों से उनका बचाव हो जाता है। Amrit Ras, Swine Flu ka ilaj, dengue ka ilaj
ह्रदय संबंधित बीमारियां और डायबिटीज को ठीक करे, सांस सम्बन्धी बीमारियों को ठीक करे, Kidney stone dissolve करने में सहायक हैं, Immune system को बेहतर बनाये, आँखों की देखभाल और दिमाग के लिए लाभप्रद है, धूम्रपान छुड़ाये और तनाव कम करे, Mouth freshener की तरह काम करे, खून शुद्ध करे, चेहरे के दाग धब्बों से छुटकारा दिलाये, बालों की समस्याओं को दूर करे
तुलसी में antibacterial, anti-fungal और antiviral गुण होने के साथ-साथ बहुत सारे beneficial compounds और antioxidants हैं। इसमें विटामिन A , C , K , और बी विटामिन्स भी काफी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। मिनरल्स जैसे कि manganese, कॉपर, कैल्शियम, आयरन, सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम का भी यह एक अच्छा स्त्रोत है। इन सब गुणों के होते हुए तुलसी को एक बेमिसाल पौधा माना गया है। बहुत से लोग तुलसी की पत्तियों को चबा कर खाते हैं ताकि इसके औषधीय गुणों का पूरा फायदा ले सकें और चुस्त रह सकें। Amrit Ras, Swine Flu ka ilaj, dengue ka ilaj
तुलसी antibiotics की तरह काम कर अलग-अलग बुखार को ठीक करने में सक्षम है। हमें तुलसी की पत्तियों को कभी नहीं उबालना चाहिए। तुलसी में कीटाणुओं को खत्म करने के गुण होते हैं जिसके कारण वायरल इंफेक्शन से हमारा बचाव रहता है। यह एक प्रभावशाली antioxidant इज्नोल होता है जो हमारे ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखता है और खून से कोलेस्ट्रॉल के स्टार को कम करता है।