07/06/2026
**न्यूजपेपर पर खाना खाने या उसमें लपेटकर खाने के कई गंभीर नुकसान हैं।** FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने भी इसे लेकर बार-बार चेतावनी जारी की है और 2018 के पैकेजिंग नियमों के तहत इसे प्रतिबंधित किया गया है।
# # # मुख्य नुकसान:
1. **प्रिंटिंग इंक (स्याही) के जहरीले केमिकल्स**
न्यूजपेपर की स्याही में **सीसा (Lead)**, भारी धातुएँ, phthalates, aromatic hydrocarbons, naphthylamine, benzophenone आदि होते हैं। गर्म, तेलयुक्त या नम खाना (जैसे समोसा, वड़ा पाव, पकोड़ा) रखने पर ये केमिकल पिघलकर या घुलकर खाने में मिल जाते हैं।
2. **कैंसर का खतरा**
लंबे समय तक इस्तेमाल से लीवर, ब्लैडर, प्रोस्टेट कैंसर और अन्य प्रकार के कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है। ये केमिकल carcinogen माने जाते हैं।
3. **हार्मोन असंतुलन और प्रजनन संबंधी समस्याएँ**
एंडोक्राइन डिसरप्टर्स हार्मोन बिगाड़ सकते हैं, जिससे पुरुषों में नपुंसकता, महिलाओं में मासिक धर्म की समस्या और बच्चों में विकास संबंधी मुद्दे हो सकते हैं।
4. **पाचन तंत्र की समस्याएँ**
पेट में घाव, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल दिक्कतें, डाइजेशन खराब होना, nausea आदि।
5. **बैक्टीरिया और संक्रमण का खतरा**
न्यूजपेपर कई हाथों से गुजरता है, धूल-मिट्टी, वायरस-बैक्टीरिया लग जाते हैं। इससे फूडबोर्न इलनेस (food poisoning) हो सकता है।
6. **अन्य लंबे समय के नुकसान**
- लीवर और किडनी डैमेज
- न्यूरोलॉजिकल समस्या (दिमाग संबंधी)
- एलर्जी, स्किन प्रॉब्लम
- आँखों की रोशनी पर असर (कुछ रिपोर्ट्स में)
- बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को ज्यादा खतरा।
# # # क्यों होता है ये?
न्यूजपेपर **food-grade** नहीं होता। रिसाइकल्ड पेपर में पुराने केमिकल्स भी हो सकते हैं। गर्मी + तेल = केमिकल्स तेजी से खाने में घुलते हैं।
# # # क्या करें?
- **सुरक्षित विकल्प**: प्लेट, banana leaf, parchment paper (बटर पेपर), clean steel/aluminium foil (खाने के लिए बने), या food-grade paper use करें।
- स्ट्रीट फूड खरीदते समय vendor से कहें कि न्यूजपेपर न इस्तेमाल करें।
- घर पर भी पुराने अखबार पर कभी खाना न रखें।
ये आदत छोटी लगती है, लेकिन रोजाना करने से नुकसान जमा होता जाता है। स्वस्थ रहने के लिए सावधानी बरतें! अगर कोई पुरानी आदत है तो आज से बदल लें।