17/05/2026
-भ्रांतियां मिटी, आत्मविश्वास जागा और डोनेट की विपुल ने पहली बार एसडीपी
- युवाओं के आगे आने से बचेगी जिंदगियां, नव चेतना जगेगी।
कोटा.
कोटा शहर में कई युवा ऐसे हैं जो रक्तदान को कई बार कर चुके हैं, लेकिन एसडीपी के नाम पर थोडा संकोच करते हैं, ऐसे में युवाओं को आगे आना चाहिए और जो भी भ्रम, संकोच और आत्मविश्वास की कमी है, उसे दूर करते हुए लोगों के जीवन को बचाने का प्रयास करना चाहिए।
लायंस क्लब कोटा टेक्नो के निदेशक व टीम जीवनदाता के संरक्षक व संयोजक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि कालूराम को एसडीपी की आवश्यकता थी, ऐसे में उनका पौता आयुष देर रात परेशान हो रहा था, लेकिन टीम जीवनदाता से सम्पर्क करने के बाद उन्हें एसडीपी के लिए आश्वस्त किया गया। रक्तदान कई बार कर चुके स्टेशन निवासी विपुल गुप्ता को देर रात ग्यारह बजे याद किया तो वह संकोच में थे, लेकिन उनके मन में आत्मविश्वास पैदा किया गया, उन्हें एसडीपी की सरल प्रक्रिसा को समझाया गया तो वह तैयार हो गए और उन्होंने अपने जीवन की पहली बार एसडीपी डोनेशन किया।
उसके बाद उनके चेहरे पर किसी जीत की खुशी थी, आत्मविश्वास बढा हुआ था। भुवनेश गुप्ता ने बताया कि जिस भी युवा को एसडीपी को लेकर कहीं कोई शंका है तो उसका समाधान भी है, एक बार एसडीपी करें और स्वयं अनुभव ले, एसडीपी डोनेशन किसी के जीवन को बचाने का अनमोल दृव्य है, हमे मददगार बनाना चाहिए और जीवन बचाने के इस पवित्र कार्य को करते हुए लोगों को भी जोड़ना चाहिए।
विपुल गुप्ता पूर्व में 22 बार रक्तदान कर चुके हैं। विपुल ने कहा कि मुझमें अब इतना आत्मविश्वास जग चुका है कि मेरे संपर्क में आने वाले सभी मित्रो को अब एसडीपी के लिए नियमित रूप से जागरूक करूँगा ।