Getwell Hospital & Advanced Endoscopy Centre - Dr. Mayank Bhargava

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Getwell Hospital & Advanced Endoscopy Centre - Dr. Mayank Bhargava Doctor in Kullu city, Lovely place of loving people of Himachal Pradesh

18/04/2026
Fibroscan Liver test  "शास्त्री नगर, कुल्लू में ....लिवर से संबंधित जांच"लिवर जाँच का कैंप 21 Feb 2026  को Getwell Hospi...
13/02/2026

Fibroscan Liver test "शास्त्री नगर, कुल्लू में ....लिवर से संबंधित जांच"

लिवर जाँच का कैंप 21 Feb 2026 को Getwell Hospital, Shastri Nagar, Kullu में आयोजित किया जायेगा।

यदि आप Fatty Liver, खून गाढा (High Cholesterol & Triglycerides ), शराब के ज्यादा सेवन और हैलटीटीस से ग्रसित है तो खाली पेट सुबह 10 बजे आये।

पेट दर्द से पीड़ित मरीज  की एंडोस्कोपी में अलसर दिखाई दिया। ये अलसर  बैक्टीरिया की वजह से होते है I इलाज से पूर्णतया ठीक ...
29/01/2026

पेट दर्द से पीड़ित मरीज की एंडोस्कोपी में अलसर दिखाई दिया। ये अलसर बैक्टीरिया की वजह से होते है I

इलाज से पूर्णतया ठीक हो जाते है

Fibroscan Liver test  "शास्त्री नगर, कुल्लू में ....लिवर से संबंधित जांच"लिवर जाँच का कैंप 28 January 2025  को Getwell H...
19/01/2026

Fibroscan Liver test "शास्त्री नगर, कुल्लू में ....लिवर से संबंधित जांच"

लिवर जाँच का कैंप 28 January 2025 को Getwell Hospital, Shastri Nagar, Kullu में आयोजित किया जायेगा।

यदि आप Fatty Liver, खून गाढा (High Cholesterol & Triglycerides ), शराब के ज्यादा सेवन और हैलटीटीस से ग्रसित है तो खाली पेट सुबह 10 बजे आये। Hospital & Advanced Endoscopy Centre - Dr. Mayank Bhargava Kullu

15/01/2026

नेत्र चिकित्सा के 10 बड़े मिथक: सत्य बनाम भ्रम

विज्ञापनों और सुनी-सुनाई बातों के कारण रोगियों में कई भ्रांतियां फैल गई हैं। एक जागरूक रोगी के रूप में आपको इन मिथकों और उनके पीछे के वैज्ञानिक सत्य को जानना आवश्यक है।

🚫 मिथक 1: "मोतियाबिंद के 'पकने' की प्रतीक्षा करनी चाहिए"
दावा: जब तक मोतियाबिंद पूरी तरह पक न जाए (दिखना बंद न हो जाए), तब तक ऑपरेशन नहीं कराना चाहिए।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
यह बहुत पुरानी धारणा है।
* वास्तविकता: आधुनिक 'फेको' (Phaco) तकनीक में मोतियाबिंद का कच्चा (नरम) होना ही बेहतर है। पकने पर लेंस पत्थर जैसा सख्त हो जाता है, जिससे सर्जरी में जटिलता (Complication) का जोखिम बढ़ जाता है और रिकवरी में समय लगता है।

* निष्कर्ष: जैसे ही दैनिक कार्यों में कठिनाई हो, सर्जरी करा लेनी चाहिए।

🚫 मिथक 2: "गर्मियों में आँखों का ऑपरेशन नहीं कराना चाहिए"
दावा: गर्मी के मौसम में पसीने के कारण संक्रमण (Infection) का डर रहता है, इसलिए केवल सर्दियों में सर्जरी करानी चाहिए।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
आज के युग में मौसम का सर्जरी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
* वास्तविकता: आधुनिक तकनीक (Micro-incision) और वातानुकूलित (AC) अस्पतालों के कारण अब संक्रमण का खतरा न के बराबर है। चीरा इतना सूक्ष्म होता है कि वह तुरंत भर जाता है।

* निष्कर्ष: आप वर्ष के किसी भी महीने में सुरक्षित रूप से सर्जरी करवा सकते हैं।

🚫 मिथक 3: "ड्रॉप्स से मोतियाबिंद घुल जाएगा"
दावा: ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं, विशेष 'हर्बल ड्रॉप्स' से मोतियाबिंद घुल जाएगा।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
विश्व भर में ऐसी कोई भी प्रमाणित औषधि नहीं है जो वयस्क मोतियाबिंद को ठीक कर सके।
* वास्तविकता: मोतियाबिंद लेंस के प्रोटीन का जमना (Denaturation) है, जैसे उबला हुआ अंडा। इसे किसी भी ड्रॉप से वापस पारदर्शी नहीं बनाया जा सकता।

* निष्कर्ष: शल्यक्रिया (Surgery) ही इसका एकमात्र स्थायी उपचार है।

🚫 मिथक 4: "एक आँख का मोतियाबिंद दूसरी आँख में फैल सकता है"
दावा: यदि एक आँख का ऑपरेशन नहीं कराया, तो संक्रमण दूसरी आँख में भी चला जाएगा।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
मोतियाबिंद कोई संक्रमण (Infection) या छूत की बीमारी नहीं है।
* वास्तविकता: यह एक उम्र से जुड़ी प्रक्रिया है। यह दोनों आँखों में अलग-अलग गति से विकसित हो सकता है, परंतु यह एक आँख से दूसरी आँख में "फैलता" नहीं है।

* निष्कर्ष: प्रत्येक आँख का उपचार उसकी स्थिति के अनुसार स्वतंत्र रूप से होता है।

🚫 मिथक 5: "AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) अपने आप सर्जरी करती है"
दावा: रोबोट या AI पूरी सर्जरी करता है और डॉक्टर केवल देखते हैं।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
मोतियाबिंद के लिए कोई भी 'ऑटोमैटिक रोबोट' सर्जन नहीं है।
* वास्तविकता: मशीनें केवल दबाव संतुलित करने और नाप-जोख में सहायता करती हैं। उपकरण का संचालन और निर्णय मानव चिकित्सक ही करते हैं।

* निष्कर्ष: "AI द्वारा सर्जरी" केवल एक विपणन (Marketing) का शब्द है।

🚫 मिथक 6: "बिना चीरा (No Incision) सर्जरी संभव है"
दावा: आँख को काटे बिना लेजर से मोतियाबिंद निकाला जाता है।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
पुराने लेंस को बाहर निकालने और नया लेंस डालने के लिए आँख में प्रवेश करना अनिवार्य है।
* वास्तविकता: "ब्लेडलेस" का अर्थ केवल इतना है कि चीरा ब्लेड के बजाय लेजर से लगाया गया है। आँख में सूक्ष्म छिद्र (Port) अवश्य बनता है।

* निष्कर्ष: "शून्य चीरा" का दावा शरीर-विज्ञान के विरुद्ध है।

🚫 मिथक 7: "महंगा लेंस लगवाने पर जीवन भर चश्मे की आवश्यकता नहीं होगी"
दावा: मल्टीफोकल (Multifocal) लेंस लगवाने के बाद चश्मा कभी नहीं लगेगा।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
कोई भी लेंस 100% चश्मा मुक्ति की गारंटी नहीं दे सकता।
* वास्तविकता: आधुनिक लेंस चश्मे पर निर्भरता अत्यधिक कम कर देते हैं, परंतु बहुत बारीक अक्षरों को पढ़ने या विशेष कार्यों के लिए भविष्य में हल्के नंबर के चश्मे की आवश्यकता पड़ सकती है।

* निष्कर्ष: यह "चश्मा मुक्ति" नहीं, बल्कि "चश्मे पर निर्भरता में कमी" है।

🚫 मिथक 8: "नेत्र-व्यायाम और आहार से मोतियाबिंद ठीक हो जाएगा"
दावा: अनुलोम-विलोम, त्राटक या विशेष भोजन से मोतियाबिंद हट जाएगा।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
व्यायाम और अच्छा आहार आँखों के स्वास्थ्य के लिए उत्तम है, परंतु बने हुए मोतियाबिंद को नहीं हटा सकता।
* वास्तविकता: यह एक संरचनात्मक परिवर्तन (Structural Change) है। व्यायाम करने से सफेद बाल काले नहीं होते, वैसे ही धुंधला लेंस साफ नहीं होता।

* निष्कर्ष: व्यायाम रोकथाम में सहायक हो सकता है, उपचार में नहीं।

🚫 मिथक 9: "ऑपरेशन में बहुत दर्द होता है"
दावा: आँख का ऑपरेशन बहुत पीड़ादायक होता है और सुई चुभती है।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
आधुनिक सर्जरी लगभग दर्द-रहित (Painless) होती है।
* वास्तविकता: अब सुन्न करने के लिए इंजेक्शन के स्थान पर अक्सर केवल विशेष ड्रॉप्स (Topical Anesthesia) का प्रयोग होता है। रोगी को पता भी नहीं चलता कि ऑपरेशन कब हो गया।

* निष्कर्ष: दर्द के डर से सर्जरी टालना बुद्धिमानी नहीं है।

🚫 मिथक 10: "केवल लेंस की सफाई होगी, बदला नहीं जाएगा"
दावा: बाहर से कुछ नहीं डाला जाएगा, केवल लेजर से लेंस साफ होगा।
✅ वैज्ञानिक सत्य:
प्राकृतिक लेंस को निकालना और कृत्रिम लेंस (IOL) प्रत्यारोपित करना अनिवार्य है।
* वास्तविकता: यदि लेंस हटाकर नया नहीं डाला गया, तो रोगी को अत्यधिक धुंधला दिखेगा (इसे Aphakia कहते हैं)।

* निष्कर्ष: कृत्रिम लेंस आँख का अभिन्न अंग बन जाता है।

🙏🏻🙏🏻परामर्श
भ्रामक विज्ञापनों और "जादुई दावों" से सावधान रहें। मोतियाबिंद एक सामान्य प्रक्रिया है और इसका उपचार दक्ष नेत्र शल्यचिकित्सक (Eye Surgeon) द्वारा ही संभव है, किसी शॉर्टकट से नहीं।

Address

Getwell Hospital & Advanced Endoscopy Centre, Shastri Nagar
Kullu
175101

Telephone

+918988182444

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