Gynae Anjana

Gynae Anjana A clinic where We Listen, We Care, We Heal and where we give Compassionate Care for Women's Health.

12/08/2026

प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आ गया है? अब झाड़ू-पोछा बंद, बस चुपचाप बिस्तर पर आराम करो! 🤰🛌

क्या आपको भी कंसीव करते ही यह सलाह मिली है?

30 साल के मेरे मेडिकल करियर में मैंने देखा है कि यह एक सलाह किसी भी स्वस्थ प्रेग्नेंसी को खतरे में डाल सकती है।

पिछले दिनों मेरे क्लिनिक में आई एक बिल्कुल स्वस्थ महिला ने केवल इसी मिथक के कारण खुद को बिस्तर पर कैद कर लिया। नतीजा? उनके पैर में खून का थक्का जम गया, जिसे मेडिकल भाषा में डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis - DVT) कहते हैं।

यहाँ समझिए असली साइंटिफिक फैक्ट (The Clinical Reality):
प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलावों के कारण खून वैसे ही गाढ़ा होने लगता है। ऐसे में अगर आप एक्टिविटी बिल्कुल बंद कर देंगी, तो नसों में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाएगा और क्लॉट बनने का रिस्क बढ़ जाएगा। जब तक कोई ब्लीडिंग या हाई-रिस्क मेडिकल कंडीशन न हो, बेड रेस्ट बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

रोजाना डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की वॉक (Prenatal Walking) और एक्टिव लाइफस्टाइल ही आपको और आपके बच्चे को सुरक्षित रखेगी। बिस्तर छोड़िए, एक्टिव बनिए! ✨
👩‍⚕️ Dr. Anjana Jain (Senior Gynaecologist)
Predictive & Holistic Maternity Care, Lucknow.
📞 Contact us at: 7268989960

10/08/2026

"ट्यूब्स बंद हैं? अब तो सीधे IVF कराना पड़ेगा, वरना बच्चा नहीं हो सकता!" 🛑 क्या आपको या आपके किसी करीबी को HSG टेस्ट के बाद यही सलाह दी गई है?

30 साल के मेरे क्लिनिकल अनुभव में मैंने देखा है कि बहुत से कपल्स बिना पूरी बात समझे पैनिक में आकर महंगे फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स चुन लेते हैं।

हाल ही में मेरे लखनऊ क्लिनिक में आए एक कपल को भी यही कहा गया था। लेकिन जब हमने उनका रूट-कॉज़ असेसमेंट किया, तो समस्या स्ट्रक्चरल से ज्यादा क्रॉनिक पेल्विक इन्फ्लेमेशन (Pelvic Inflammation) और कमजोर ब्लड सर्कुलेशन की थी।

असली मेडिकल सच जानिए (The Clinical Reality):
कई बार फैलोपियन ट्यूब्स पूरी तरह से डैमेज नहीं होतीं, बल्कि अंदरूनी सूजन, टॉक्सिन्स और पेल्विक रीजन में ब्लड फ्लो की कमी के कारण अस्थायी रूप से काम करना बंद कर देती हैं।
जब आप:
1️⃣ शरीर के सिस्टमैटिक इन्फ्लेमेशन को एंटी-इन्फ्लेमेटरी डाइट से कम करते हैं
2️⃣ पेल्विक रीजन में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करते हैं
3️⃣ हॉर्मोनल एनवायरनमेंट को बैलेंस करते हैं
तो ट्यूब्स का नेचुरल फंक्शन और माइक्रो-स्मूथ मूवमेंट (Ciliary Movement) वापस लौट सकता है, जिससे नेचुरल कंसेप्शन के रास्ते खुल जाते हैं।

जल्दबाजी में पैनिक डिसीजन मत लीजिए। सही, वैज्ञानिक और नेचुरल रास्ते को एक मौका जरूर दें! ✨
👩‍⚕️ Dr. Anjana Jain (Senior Gynaecologist)
Predictive & Holistic Maternity Care, Lucknow.
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07/08/2026

मानसून की ठंडक और बारिश हर किसी को पसंद होती है, लेकिन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए यह मौसम थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने का समय होता है! 🌧️🤰

30 साल के मेरे क्लिनिकल अनुभव में मैंने देखा है कि बारिश के मौसम में हॉर्मोनल बदलावों के साथ इम्यूनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे वाटरबोर्न इंफेक्शंस (Waterborne Infections) और फ्लू का खतरा बढ़ जाता है।

मानसून में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए 4 गोल्डन रूल्स:
1️⃣ स्ट्रीट फूड को 'ना' कहें: बाहर के कटे फल, गोलगप्पे और कच्चे सलाद से बचें। सिर्फ ताजा पका हुआ घर का खाना खाएं।

2️⃣ उबला या फिल्टर्ड पानी: डिहाइड्रेशन और पेट के इंफेक्शन से बचने के लिए साफ पानी ही पीएं।

3️⃣ मच्छरों से बचाव: डेंगू और मलेरिया से बचने के लिए फुल स्लीव्स पहनें और सेफ मॉस्किटो रेपेलेंट इस्तेमाल करें।

4️⃣ पैरों की स्वच्छता: गीले जूतों या बारिश के पानी से बचें ताकि फंगल इंफेक्शन न हो।

अगर आपको जरा सा भी बुखार, दस्त या कमजोरी महसूस हो, तो खुद से दवाइयां (Self-Medication) न लें।

सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें और इस सुहावने मौसम का आनंद लें! ✨

👩‍⚕️ Dr. Anjana Jain (Senior Gynaecologist)

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05/08/2026

🚨 हर Breast Change सामान्य नहीं होता!

⚠️ Lump, Ni**le Discharge या Skin Changes को Ignore करना खतरनाक हो सकता है

क्या आपने breast में:
❌ कोई lump महसूस किया है?
❌ ni**le से discharge notice किया है?
❌ skin में बदलाव या गड्ढे देखे हैं?
❌ breast का shape बदलता महसूस किया है?
और फिर खुद को समझाया —
“शायद कुछ नहीं होगा…” 💭

तो अब इसे हल्के में लेना बंद कीजिए। 🚨
बहुत सी महिलाएँ डर, hesitation या “बाद में दिखा लेंगे” सोचकर
breast changes को महीनों तक ignore करती रहती हैं…
लेकिन early diagnosis कई बार जिंदगी बचा सकता है। 🎗️

⚠️ याद रखिए:
हर lump cancer नहीं होता…
लेकिन हर unusual change की जांच जरूरी होती है।
अगर समय रहते diagnosis हो जाए,
तो treatment ज्यादा effective और recovery के chances ज्यादा बेहतर होते हैं। 💖

🚫 सबसे बड़ी गलती क्या है?
Pain न होने पर भी lump को ignore करना।
⚠️ Breast cancer के शुरुआती stages में कई बार दर्द नहीं होता।
इसीलिए awareness और timely consultation बेहद जरूरी है।

अगर आपको:
❌ Lump
❌ Ni**le discharge
❌ Skin dimpling
❌ Swelling
❌ Shape changes
महसूस हों…
👉 तो delay मत कीजिए।

👩‍⚕️ सही समय पर जांच आपकी health और life दोनों protect कर सकती है।
👩‍⚕️ Dr. Anjana Jain
MBBS, DGO | 30+ Years Experience
Women’s Breast Health & Cancer Awareness Expert
📍 Gynae Anjana Clinic, Lucknow
📞 7268989960
✨ Your Body Is Not Overreacting…
It Is Communicating. 💖

04/08/2026

अनचाहे गर्भ से लंबे समय के लिए सुरक्षा चाहती हैं लेकिन हॉर्मोनल गोलियों के साइड-इफेक्ट्स से डरती हैं? 🛡️

कॉपर-T (Copper-T) एक अत्यंत सुरक्षित, हॉर्मोन-फ्री (Hormone-Free) और लंबे समय (5-10 वर्ष) तक असरदार रहने वाला IUD डिवाइस है। लेकिन इसे कब और कैसे लगवाना चाहिए, यह जानना बेहद जरूरी है।

कॉपर-T लगवाने के सही समय:
1️⃣ पीरियड्स के दौरान या तुरंत बाद: इस समय प्रेग्नेंसी का रिस्क सबसे कम होता है और इन्सर्शन आसान होता है।
2️⃣ इमरजेंसी कंट्रासेप्शन: अनप्रोटेक्टेड संबंध के 5 दिनों के भीतर।
3️⃣ डिलीवरी के बाद: नॉर्मल या सी-सेक्शन डिलीवरी के 10 मिनट के भीतर या 6 सप्ताह बाद।
4️⃣ गर्भपात (Abortion) के तुरंत बाद: यदि कोई इंफेक्शन न हो।

मुख्य फायदे:
✅ पूरी तरह हॉर्मोन-फ्री (No Weight Gain, No Mood Swings)
✅ निकालने के बाद फर्टिलिटी तुरंत वापस आती है
✅ 5 से 10 साल तक निश्चिंत सुरक्षा

⚠️ सावधानी: इसे हमेशा एक अनुभवी डॉक्टर से ही लगवाएं। पेल्विक इंफेक्शन या बिना कारण ब्लीडिंग होने पर इसे बिना डॉक्टरी जांच के न लगवाएं।
👩‍⚕️ Dr. Anjana Jain (Senior Gynaecologist)
Predictive & Non-Surgical Holistic Maternity Care, Lucknow.
📞 Contact us at: 7268989960

02/08/2026

"35 की उम्र हो गई? अब तो अंडे खत्म हो गए होंगे, तुरंत IVF करा लो!" ⏳❌

क्या आपको भी उम्र का पड़ाव पार करते ही इसी तरह डराया जा रहा है?

30 साल के मेरे क्लिनिकल अनुभव में मैंने देखा है कि बहुत सी करियर-ओरिएंटेड महिलाएं '35 Fertility Cliff' के नाम पर गहरी चिंता और पैनिक में आ जाती हैं।

हाल ही में मेरे लखनऊ क्लिनिक में आई 37 वर्षीय पेशेंट पैनिक में आकर महंगे फर्टिलिटी प्रोसीजर्स करवाने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन जब हमने उनके बेसिक बायोमार्केट्स (Biomarkers) का असेसमेंट किया, तो उनकी एग क्वालिटी और यूटेरिन हेल्थ बिल्कुल सही थी।

असली मेडिकल सच जानिए (The Clinical Reality):
उम्र सिर्फ एक नंबर (Chronological Age) है; आपकी असली फर्टिलिटी आपके बायोलॉजिकल हेल्थ और मेटाबॉलिज्म पर निर्भर करती है। 35 के बाद एग काउंट जरूर धीरे-धीरे कम होता है, लेकिन एग्स पूरी तरह खत्म नहीं होते!

जब आप:
1️⃣ बेसिक हॉर्मोनल और मेटाबॉलिक बायोमार्केट्स को ऑप्टिमाइज करते हैं
2️⃣ स्ट्रेस और इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं
3️⃣ सेलुलर हेल्थ और ब्लड फ्लो बेहतर करते हैं
तो 35 की उम्र के बाद भी एक स्वस्थ और सुरक्षित नेचुरल प्रेग्नेंसी पूरी तरह संभव है।
उम्र के डर से पैनिक डिसीजन मत लीजिए। सही, वैज्ञानिक और नेचुरल रास्ते पर भरोसा रखिए! ✨
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Predictive & Non-Surgical Holistic Maternity Care, Lucknow.
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31/07/2026

"ग्रहण लगा है! न कुछ काटना, न सुई धागा छूना, न बाहर निकलना... वरना बच्चे का होंठ कट जाएगा!" 🌘❌

क्या आपको भी प्रेग्नेंसी के दौरान ऐसी डरावनी चेतावनी दी गई है?

30 साल के मेरे मेडिकल करियर में मैंने देखा है कि इस बेबुनियाद डर के कारण कई महिलाएं अपने जरूरी चेकअप तक छोड़ देती हैं।

हाल ही में मेरे क्लिनिक में आई एक होने वाली माँ ने ग्रहण के खौफ में आकर अपना बेहद जरूरी 'एनामली स्कैन' (Structural Ultrasound) मिस कर दिया। इसकी वजह से बच्चे की एक ऐसी बीमारी का पता चलने में देरी हो गई, जिसका समय पर इलाज संभव था।

असली मेडिकल सच जानिए (The Clinical Fact):
चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण केवल एक सामान्य खगोलीय घटना (Astronomical Event) है। इसका आपके गर्भ में पल रहे बच्चे की बनावट से कोई संबंध नहीं है। बच्चे का होंठ कटना (Cleft Lip/Palate) विशुद्ध रूप से जेनेटिक (Genetics) और शुरुआती एम्ब्रियोनिक डेवलपमेंट पर निर्भर करता है, किसी चाकू या ग्रहण पर नहीं।

अंधविश्वास के डर को छोड़िए और समय पर अपने सारे स्कैन और मेडिकल टेस्ट करवाइए! ✨
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30/07/2026

"PCOS हो गया है? तुरंत दूध, पनीर और गेहूं की रोटी खाना छोड़ दो!" 🥛🌾

❌ क्या आपने भी सोशल मीडिया स्क्रोल करते हुए यह रटी-रटाई सलाह सुनी है?

30 साल के मेरे क्लिनिकल करियर में मैंने देखा है कि बिना सोचे-समझे पूरे फूड ग्रुप्स को डाइट से हटा देना कितना खतरनाक हो सकता है।

हाल ही में मेरे लखनऊ क्लिनिक में आई एक युवा लड़की ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की वीडियो देखकर डेयरी और ग्लूटेन पूरी तरह बंद कर दिया। नतीजा? उनके शरीर में गंभीर पोषक तत्वों की कमी हो गई, शरीर क्रॉनिक स्ट्रेस में चला गया और उनके पीरियड्स ही आने पूरी तरह बंद हो गए (Hypothalamic Amenorrhea)।

असली मेडिकल सच जानिए (The Clinical Fact):
चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, जब तक आपको डेयरी (Lactose Intolerance) या ग्लूटेन (Celiac Disease) से कोई वास्तविक मेडिकल एलर्जी या गंभीर इन्फ्लेमेशन न हो, तब तक इन्हें पूरी तरह बंद करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

हर महिला का मेटाबॉलिज्म अलग होता है। बिना मेडिकल सुपरविज़न के की गई क्रैश डाइटिंग आपके हार्मोन्स को ठीक करने के बजाय और बिगाड़ देती है।
फूड बैन के अंधविश्वास से बचिए। आपको कस्टमाइज्ड, संतुलित न्यूट्रिशन और सही लाइफस्टाइल मैनेजमेंट की जरूरत है! ✨
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28/07/2026

"प्रेगनेंट हो? तो पपीता, आम और अनानास को हाथ भी मत लगाना, शरीर में गर्मी बढ़ जाएगी!" 🥭🍍

गर्भ ठहरते ही यह चेतावनी हर भारतीय महिला को दी जाती है। पर क्या इसका कोई वैज्ञानिक आधार है?

30 साल के मेरे अनुभव में मैंने देखा है कि इस एक मिथक के डर से कई महिलाएं जरूरी पोषण से महरूम रह जाती हैं।

पिछले दिनों मेरे क्लिनिक में आई एक होने वाली माँ ने डर के मारे सारे फल खाना छोड़ दिया था, जिससे उन्हें गंभीर माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी और एक्यूट कॉन्स्टिपेशन (Constipation) हो गया।

असली मेडिकल सच (The Clinical Fact):
चिकित्सा विज्ञान में 'बॉडी हीट' जैसा कोई शब्द नहीं है। केवल कच्चे या आधे पके पपीते (जिसमें लेटेक्स और पपेन होता है) से बचना चाहिए। पूरी तरह पके हुए आम, पपीता या अनानास सीमित मात्रा में खाना पूरी तरह सुरक्षित है। इनमें मौजूद फाइबर और विटामिन्स आपकी प्रेग्नेंसी को और आसान बनाते हैं।

अंधविश्वास छोड़िए, सही और वैज्ञानिक पोषण अपनाइए! ✨
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25/07/2026

"अल्ट्रासाउंड में सिस्ट आई है? तुरंत ऑपरेशन कराओ वरना ये कैंसर बन जाएगी या फट जाएगी!" 🛑

क्या आपको भी किसी रूटीन स्कैन के बाद इसी तरह डराया गया है?

30 साल के मेरे क्लिनिकल अनुभव में मैंने देखा है कि ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) का नाम सुनते ही महिलाएं गहरे मानसिक तनाव में चली जाती हैं। पिछले दिनों मेरे लखनऊ क्लिनिक में एक युवा होने वाली दुल्हन आईं, जो डर के मारे तुरंत सर्जरी कराने की तैयारी कर चुकी थीं। लेकिन जब हमने उनकी रिपोर्ट देखी, तो वह एक साधारण फिजियोलॉजिकल सिस्ट थी। हमने केवल सही काउंसिलिंग और 'वेट एंड वॉच' की नीति अपनाई, और महज दो पीरियड्स के बाद वह सिस्ट बिना किसी दवा या चीरा-फाड़ी के पूरी तरह खुद-ब-खुद घुल गई।

असली मेडिकल सच जानिए (The Clinical Reality):
हर महीने महिलाओं के अंडाशय में अंडे बनने की प्रक्रिया के दौरान पानी की छोटी थैलियां या सिंपल सिस्ट बनना पूरी तरह नॉर्मल है। इन्हें 'फंक्शनल' या 'फिजियोलॉजिकल' सिस्ट कहते हैं। 90% मामलों में ये सिस्ट कुछ ही हफ्तों में अपने आप ठीक हो जाती हैं। बिना सोचे-समझे इन पर कैंची चलवाना आपकी फर्टिलिटी और अंडों की क्वालिटी (Ovarian Reserve) को नुकसान पहुंचा सकता है।

हर सिस्ट को ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती। पैनिक मत होइए, सही और वैज्ञानिक रास्ता चुनिए! ✨
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