12/01/2025
🚨 वायरस की दस्तक
होगी घर घर तक..... #होम्योपैथी पहुंचेगी जन जन तक
✍️ आजकल के नाम से वर्तमान में समाज में भय का जो माहौल बन रहा है यह HMPV से भी कहीं अधिक घातक है, क्योंकि फोबिया एक साइकोलॉजिकल (मानसिक) रोग है, जो आपको कैंसर, ट्यूबरक्यूलोसिस इत्यादि ऑटोइम्यून रोग से लेकर डिप्रेशन, शुगर, बीपी, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, मिर्गी, दौरे, पागलपन इत्यादि गंभीर समस्या पैदा करने की क्षमता रखता है। क्योंकि फोबिया हर उस रोग के लक्षण पैदा करने की क्षमता रखता है जिसका भय आपके मन में बैठ गया है। फोबिया है।
तो आइए समझते है, क्या है
का पूरा नाम है। यह एक सामान्य है। किंतु इसका गलत इलाज या इसको Supress करना या कफ को सुखाना जानलेवा बन जाता है।
( )
H = Human (मनुष्य)
M = Meta (बाद में', 'साथ में', 'परे', 'बीच में', या 'पीछे')
P = Pneumo (निमोनिया)
V = Virus (वायरस)
साइंस साइड से ईमानदारी से पढ़े लिखे होशियार लोग नाम से ही समझ गए होंगे कि यह एक साधारण रोग है जिसे हम के नाम से जानते हैं बस अंतर इतना है कि निमोनिया और 'मेटा' शब्द जोड़ कर " " बना दिया जिसका मतलब है निमोनिया के पहले, निमोनिया के साथ और निमोनिया के बाद होनेवाली समस्याएं माने निमोनिया के शुरुआती, निमोनिया के दौरान और निमोनिया के बाद के लक्षण।
यह तभी घातक या मृत्यु का कारण बनता है जब इसका गलत इलाज किया जाए या रोग को सप्रेस किया जाए।
इससे बड़ी आसानी से बचा जा सकता है तो आइए इससे बचने के लिए आपको कुछ ऐसी जानकारियां देते हैं जो दुनिया सभी चिकित्सा पद्धतियों के सारे उपायों से भी अतिउच्च दर्जे की चिकित्सा है और मेरा निजी अनुभव भी है।
तो आइए अब यह जानते है कि इससे बचाव और चिकित्सा के लिए कौन कौन सी होम्योपैथी दवाएं आपके पास होनी बेहद जरूरी है।
👇
बच्चे को एक दिन 1M की एक खुराक दें 24-72 घंटे बाद 1M की एक खुराक दें।
नोट :- 15-20 दिन से पहले न दोहराएं
👇
1M एक खुराक (दोहराएं नहीं)
1M एक खुराक (दोहराएं नहीं)
दोनों दवाओं में 10-15 मिनट का अंतर (गैप) रखें इसके बाद
1) यदि बच्चे की छाती में जकड़न हो, सांस लेने में दिक्कत हो सिर पर पसीना हो, तो 200 हर 10-15 मिनट के अंतर(गैप) पर दें
2) यदि बच्चे की छाती में घड़ घड़ या खड़ खड़ की आवाज हो तो 200 हर 10-15 मिनट के अंतर(गैप) पर दें
3) यदि बच्चे के नाक के नथुने फड़क रहे हों तो 200 और 200 हर 10-15 मिनट के अंतर(गैप) पर अल्टरनेट करके दें
4) यदि बच्चा सांस लेते हुए रोता है तो 200 हर 10-15 मिनट के अंतर(गैप) पर दें
5) यदि बच्चे के कफ में ब्लड हो तो 200 हर 10-15 मिनट के अंतर (गैप) पर दें।
यदि दवा देने के बाद भी लेवल नहीं बढ़ता तो 1M की एक खुराक दें।
एक-एक, दो-दो घंटे में HMPV ठीक होगा
80-90 % केस इतने में ही सेटल हो जाएंगे यदि इसके बाद भी थोड़ी बहुत तकलीफ बची रह जाए तो जिस दवा का चुनाव किया है उसी दवा को रोज 1 या 2 बार परिस्थिति अनुसार दे सकते है कुछ दिनों के लिए।
☺️तो अब से, आज से, अभी इसी क्षण से एकदम निश्चिंत रहिए कि जब तक आपके पास होम्योपैथी रहेगी दुनिया की कोई भी बड़े से बड़ी महामारी आपको अस्पताल तक नहीं जाने देगी इसलिए खुश रहे, स्वस्थ रहें, मस्त रहें
"एलोपैथी हो या ना हो, तुमसे बढ़कर अपनी औकात है।"
"मैं बिना एलोपैथी के इलाज करूं......
तो भी बच्चा नहीं मरेगा।"
और, तेरे पास गया एलोपैथी में तो......
एक भी बच्चा नहीं बचा पाएगा।
तू क्या सोचता है ?....
"एलोपैथी नहीं रहेगा तो बच्चे मर जाएंगे क्या ?
एक बच्चा भी नहीं मरेगा साला"
सिर्फ ऐल्कोहॉल देखकर वॉटर समझा क्या ?......
"ऐटम बॉम्ब है मैं"
होम्योराज.......
"मैं एलोपैथी नहीं लेगा पुष्पराज"
Specialist in