03/02/2025
प्रभु राम को अपना सर्वस्व मानने वाले और रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास रामचरितमानस की एक चौपाई में लिखते हैं संकट कटै मिटै सब पीरा, जो सुमिरै हनुमत बल बीरा। हनुमान जी भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण कर कष्टों का निवारण करते हैं। जिस घर में हनुमान जी की मूर्ती होती है वह घर मंगल, शनि, पितृ और भूतादि के दोष से मुक्त होता है।
वहां सकारात्मक शक्तियों का वास होता है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि घर के सही दिशा में हनुमान जी की मूर्ती रखी हो। वास्तुशास्त्र के अनुसार हनुमान जी का चित्र उत्तर की दीवार पर दक्षिण की ओर देखते हुए लगाना चाहिए। दक्षिण दिशा में मुख किए हुए हनुमान जी का चित्र इसलिए शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिशा में हनुमान जी ने अपना सर्वाधिक प्रभाव दिखाया है। इस दिशा में हनुमान जी का चित्र लगाने से घर के अंदर आने वाली नकारात्मक शक्तियां हनुमान जी के तस्वीर को देख लौट जाती हैं और घर में सदा सकारात्मक शक्तियों का वास होता है। इससे घर में सुख समृद्धि बढ़ती है और धन प्राप्ति के साधन में वृद्धि होती है। तथा धर के सदस्यों का स्वास्थ सही रहता है, इससे वो बुरी नजर से बचे रहते हैं।