Jai Maa Kali astrologer

Jai Maa Kali  astrologer MAA KI KIRPA
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10/08/2026

आजकल यूट्यूब इंस्ट्राग्राम ट्विटर फेसबुक पर कोई इवेंट अवार्ड सेमिनार करवा रहा है और नाम भी अपने से नए नए रख रहा है जैसे ज्योतिष ऊर्जा अवॉर्ड 2026 और उन सेलिब्रिटी को बुलाकर सम्मान दिलवा रहा है जिन्हें ज्योतिष का आधार ही नहीं पता बस उनके नाम से बड़े बड़े होटलों में सेमिनार करवाकर ज्योतिष का ज्ञान नहीं बल्कि फोटो शूट करवा रहे है और उन्हीं से 95% ऐसे नए ज्योतिषी हो रहे है जो खुद ही नये नये सूत्र बनाकर नये नये टोटके भी लाते है जिसका किसी भी वेद शास्त्र पुराण मे वर्णन तक नही क्या ऐसे टोटके हमारा भला कर सकते है ज़रा सोचे ज्योतिष है कोई नीम ऐ हकीम नहीं सकते
एस्ट्रो रोहित चोपड़ा 075088 66666

08/08/2026
08/08/2026

दाम्पत्य जीवन में कलह दुःख को दूर कैसे करें जिससे वैवाहिक जीवन सुख मह हो जाएं बाद ओ सीधा अर्थ है भगवान शंकर की शरण और उनके इस पवित्त पावन मंत्र का जाप शुरू करें ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव एक अत्यंत पवित्र शिव मंत्र है इसमें भगवान शिव को माता पार्वती के अर्धांग पति के रूप में संबोधित किया जाता है यह मंत्र साधक को दांपत्य जीवन में सुख मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है
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*रोहित चोपड़ा 7508866666**
*ज्योतिषाचार्य व वास्तुविद***

भगवान  #शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों.. ?शिवजी की आधी परिक्रमा करने का विधान है। वह इसलिए की शिव के सोमसूत्र को लांघा नहीं ...
30/07/2026

भगवान #शिव की अर्ध परिक्रमा क्यों.. ?

शिवजी की आधी परिक्रमा करने का विधान है। वह इसलिए की शिव के सोमसूत्र को लांघा नहीं जाता है। जब व्यक्ति आधी परिक्रमा करता है तो उसे चंद्राकार परिक्रमा कहते हैं। शिवलिंग को ज्योति माना गया है और उसके आसपास के क्षेत्र को चंद्र। आपने आसमान में अर्ध चंद्र के ऊपर एक शुक्र तारा देखा होगा। यह शिवलिंग उसका ही प्रतीक नहीं है बल्कि संपूर्ण ब्रह्मांड ज्योतिर्लिंग के ही समान है।

''अर्द्ध सोमसूत्रांतमित्यर्थ: शिव प्रदक्षिणीकुर्वन सोमसूत्र न लंघयेत ।।
इति वाचनान्तरात।''

सोमसूत्र :

शिवलिंग की निर्मली को सोमसूत्र की कहा जाता है। शास्त्र का आदेश है कि शंकर भगवान की प्रदक्षिणा में सोमसूत्र का उल्लंघन नहीं करना चाहिए, अन्यथा दोष लगता है। सोमसूत्र की व्याख्या करते हुए बताया गया है कि भगवान को चढ़ाया गया जल जिस ओर से गिरता है, वहीं सोमसूत्र का स्थान होता है। एस्ट्रो रोहित चोपड़ा

क्यों नहीं लांघते सोमसूत्र :

सोमसूत्र में शक्ति-स्रोत होता है अत: उसे लांघते समय पैर फैलाते हैं और वीर्य ‍निर्मित और 5 अन्तस्थ वायु के प्रवाह पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इससे देवदत्त और धनंजय वायु के प्रवाह में रुकावट पैदा हो जाती है। जिससे शरीर और मन पर बुरा असर पड़ता है। अत: शिव की अर्ध चंद्राकार प्रदशिक्षा ही करने का शास्त्र का आदेश है।

तब लांघ सकते हैं :

शास्त्रों में अन्य स्थानों पर मिलता है कि तृण, काष्ठ, पत्ता, पत्थर, ईंट आदि से ढके हुए सोम सूत्र का उल्लंघन करने से दोष नहीं लगता है,

लेकिन
‘शिवस्यार्ध प्रदक्षिणा’ का मतलब शिव की आधी ही प्रदक्षिणा करनी चाहिए।

किस ओर से करनी चाहिये परिक्रमा

भगवान शिवलिंग की परिक्रमा हमेशा बांई ओर से शुरू कर जलाधारी के आगे निकले हुए भाग यानी जल स्रोत तक जाकर फिर विपरीत दिशा में लौटकर दूसरे सिरे तक आकर परिक्रमा पूरी करें।

!! ॐ नमः शिवाय !!

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27/07/2026

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26/07/2026

1. मान-सम्मान, प्रतिष्ठा व लक्ष्मी प्राप्ति के लिए किए जाने वाली पूजा, उपाय/टोटकों के लिए पश्चिम दिशा की ओर मुख करके बैठना शुभ होता है।

2. गुरु ग्रह को सौभाग्य, सम्मान और समृद्धि नियत करने वाला माना गया है। शास्त्रों में यश व सफलता के इच्छुक हर इंसान के लिए गुरु ग्रह दोष शांति का एक बहुत ही सरल उपाय बताया गया है। यह उपाय औषधीय स्नान के रूप में प्रसिद्ध है इसे हर इंसान दिन की शुरुआत में नहाते वक्त कर सकता है। नहाते वक्त (गुड़, सोने की कोई वस्तु, हल्दी, शहद, शक्कर, नमक, मुलेठी, पीले फूल, सरसों) चीजों में से थोड़ी मात्रा में कोई भी एक चीज जल में डालकर नहाने से गुरु दोष शांति होती है और व्यक्ति को समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

3. समाज में उचित मान सम्मान प्राप्ति के लिए रात में सोते समय सिरहाने ताम्बे के बर्तन में जल भर कर उसमें थोड़ा शहद के साथ कोई भी सोने/चांदी का सिक्का या अंगूठी रख लें फिर सुबह उठकर प्रभु का स्मरण करने के बाद सबसे पहले बिना कुल्ला किए उस जल को पी लें, जल्दी ही आपकी यश, कीर्ति बड़ने लगेगी।

4. रात को सोते समय अपने पलंग के नीचे एक बर्तन में थोड़ा सा पानी रख लें, सुबह वह पानी घर के बाहर डाल दें इससे रोग, वाद-विवाद, बेइज्जती, मिथ्या लांछन आदि से सदैव बचाव होता रहेगा।

5. दुर्गा सप्तशती के द्वादश (12वें) अध्याय के नियमित पाठ करने से व्यक्ति को समाज में मान सम्मान और मनवांछित लाभ की प्राप्ति होती है।

6. समाज में मान सम्मान की प्राप्ति के लिए कबूतरों/चिड़ियों को चावल-बाजरा मिश्रित करके डालें, बाजरा शुक्रवार को खरीदें व शनिवार से डालना शुरू करें।

7. अपने बच्चे के दूध का प्रथम दांत संभाल कर रखें, इसे चांदी के यंत्र में रखकर गले या दाहिनी भुजा में धारण करने से व्यक्ति को समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

8. आप अगर चाहते हैं कि आपके कार्यों की सर्वत्र सराहना हो, लोग आपका सम्मान करें, आपकी यश कीर्ति बड़े तो रात को सोने से पूर्व अपने सिरहाने तांबे के बर्तन में जल भरकर रखें और प्रात:काल इस जल को अपने ऊपर से सात बार उसार करके किसी भी कांटे वाले पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा नियमित 40 दिन तक करने से आपको अवश्य ही लाभ मिलेगा।

9. ज्येष्ठा नक्षत्र में जामुन के वृक्ष की जड़ लाकर अपने पास संभल कर रखने से उस व्यक्ति को समाज से/प्रसाशन से अवश्य ही मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

10. गले, हाथ या पैर में काले डोरे को पहनने से व्यक्ति को समाज में सरलता से मान सम्मान की प्राप्ति होती है, उसे हर क्षेत्र में विजय मिलती है।
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*ज्योतिषाचार्य व वास्तुविद***

25/07/2026

*. 🔹अमावस्या व पितृ दोष🔹*
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एस्ट्रो रोहित चोपड़ा 7508866666
▪️जन्म कुंडली में विद्यमान पितृ दोष काफी समस्याओं का सामना करवाता है। घर में रोग- परेशानियां बने रहते हैं/ शादी- विवाह योग्य बच्चों की शादियां नहीं हो पाती/ संतान प्राप्ति में बाधा होने लगती है/ जन्म कुंडली के जिस भाव में भी पितृ दोष बनता है उस भाव से संबंधित बड़ी परेशानी उत्पन्न होती है।

▪️पितृ दोष के लिए अमावस्या का दिन विशेष महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन स्नान- दान- पुण्य- जप इत्यादि का विशेष महत्व है।
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▪️यदि आपकी जन्म कुंडली में पितृदोष विद्यमान है तो आप अमावस्या के दिन कुछ सामान्य उपाय करके पितृ दोष से मुक्ति पा सकते हैं और पितरों के आशीर्वाद के भागीदार बन सकता है,जैसे-: किसी पवित्र सरोवर में स्नान करना या फिर गंगाजल पानी में डालकर स्नान करना/ सूर्य अर्घ्य देना/ भोजन का पहला हिस्सा गाय के लिए निकालना/ पक्षियों को दाना देना/ मंत्र या नाम जप करना/ गीता का सातवें अध्याय का पठन या श्रवन करना / तुलसी व पीपल वृक्ष के नीचे दीपक लगाना/ सुबह- शाम संध्या करना और भगवान से पितरों की मुक्ति की प्रार्थना करना।।
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*यह रचनाएं मेरी नहीं है। मुझे अच्छी लगी तो आपके साथ शेयर करने का मन हुआ।🌷*
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ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ
एस्ट्रो रोहित चोपड़ा 7508866666
*🌷सदैव प्रसन्न रहिये!!🌷*
*🌷जो प्राप्त है-पर्याप्त है!!🌷*
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