30/08/2026
Just for today, अगस्त~30
अच्छा करना, अच्छा महसूस करना(Doing good, feeling good)
"हम अपने कर्मों की प्रतिक्रियाओं की और उद्देश्यों की जांच करते हैं। अक्सर हमें यह दिखाई देता है कि जो हम महसूस कर रहे हैं उससे बेहतर हमारी जीवनचर्या है।"
Basic Text, p. 43
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जिस तरह हम दूसरों से बर्ताव करते हैं उससे हमारे अपने हालातों का भी अभ्यास मिल जाता है। जब हम शांत होते हैं, तब हम दूसरों के साथ इज्जत और करुणा से पेश आते हैं।लेकिन जब हम अपनी धुरी से कुछ उखड़ा-उखड़ा सा महसूस करने लगते हैं तब हम दूसरों के प्रति असहनशील और धैर्यहींन हो जाते हैं। अगर हम अपनी कार्यसूची का लगातार जायजा लें, तो हम पाएंगे कि हम शायद दूसरों से बुरा व्यवहार उन-उन क्षणों में ही करते हैं, जब हम अपने बारे में बुरा महसूस कर रहे होते हैं।
हमारी कार्यसूची में जो बात खुलकर सामने नहीं आ पाती, वह सिक्के का दूसरा पहलू है कि जब हम दूसरों से अच्छा व्यवहार करते हैं तब हम अपने बारे में अच्छा महसूस करते हैं। जब हम इस रचनात्मक सत्य को नकारात्मक सच्चाई के साथ जोड़कर देखते हैं, तभी हम अपनी कार्यसूची का जायजा लेते हुए अपने बारे में सही छवि को देख पाते हैं और फिर अलग तरह से पेश आने लगते हैं।
जब-जब हम बुरा महसूस करें, तब-तब हम कुछ रुक कर दिशा और शक्ति पाने के लिए प्रार्थना करते हैं। तब हम अपने आस-पास के लोगों से नम्रता, शालीनता और उसी लगाव से व्यवहार करने का फैसला करते हैं जैसा कि हम अपने साथ चाहते हैं। नम्र होने का फैसला ले लेने से हम सब उस खुशी और मानसिक शांति को पा सकते हैं, उसे लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं, पोषित कर सकते हैं जिसकी हम कामना कर रहे होते हैं। और इस तरह से हम अपने चारों तरफ बिखरे लोगों के दिलों में जिस हर्षोल्लास को जगा कर उनकी चेतना को खुशी से भर देते हैं, तो वहीं चेतना हमारी अध्यात्मिक भलाई को विकसित करती है।
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सिर्फ आज के दिन : मैं याद रखूँगा कि अगर मैं अपना आचरण बदल लूं तो उसी के अनुसार मेरे विचार भी मेरे कार्यों का अनुकरण करने लगेंगे।