05/10/2025
✨ “लाख जलाए दीप, न बुझ पाया मन का अँधियारा…” ✨
यह गीत जीवन की कसक, अभिलाषाओं के बंधन और अधूरी चाहतों की वेदना को उजागर करता है।
दीप जलाने पर भी मन का अंधियारा न मिटना, विश्वासों की डूबती नैया और आँखों में भरे आँसू – इस रचना की आत्मा हैं।
यह हर उस हृदय की पुकार है जिसने संघर्ष, पीड़ा और टूटते सपनों का अनुभव किया है।
💠 Credits:
🎵 Lyrics : Shri Ramesh Chandra ‘Anil’
🎬 Concept, Direction & Production by Dr Vipul Saxena
🎼 Music Directors : Yatish Acharya & R Shreedhar
🎼 Arranger Support - Astha Saxena
🎤 Singer : Ayush Agnivanshi
🎚 Recording & Mixing : Shiva
🎥 Video & Special Effects : Lucky Gandharva
🙏 अगर यह गीत आपके दिल को छू ले, तो Like | Share | Comment | Subscribe ज़रूर करें और अपने विचार हमारे साथ साझा करें।
Hashtags: