MZS Social Awareness

MZS Social Awareness Doctor

29/03/2026
29/03/2026

No kings Rally



26/03/2026
This is how you reward your friends who stand by you in difficult times
23/03/2026

This is how you reward your friends who stand by you in difficult times

23/03/2026

"Trump, fearing Iran's response, backed down from his 48-hour ultimatum," Islamic Republic of Iran Broadcasting said in a post on X.

23/03/2026

US President Donald Trump has claimed thatthe US and Iran could reach a deal in five days or sooner andIran wants to make a deal badly.

Breaking Newsजो ट्रंप कह रहे थे ईरान से बातचीत नहीं होगी उसी ट्रम्प ने किया बातचीत के ‘संभावित’ नतीजे का एलानट्रंप का पू...
23/03/2026

Breaking News

जो ट्रंप कह रहे थे ईरान से बातचीत नहीं होगी उसी ट्रम्प ने किया बातचीत के ‘संभावित’ नतीजे का एलान

ट्रंप का पूरा पोस्ट पढ़िए

“मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका और ईरान देश के बीच पिछले दो दिनों में मिडिल ईस्ट में हमारी दुश्मनी के पूरी तरह से हल के बारे में बहुत अच्छी और फायदेमंद बातचीत हुई है। इन गहरी, डिटेल्ड और असरदार बातचीत के अंदाज़ और टोन के आधार पर, जो पूरे हफ़्ते जारी रहेंगी, मैंने डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर को निर्देश दिया है कि वे ईरानी पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ़ किसी भी और सभी मिलिट्री हमलों को पांच दिन के लिए टाल दें, यह चल रही मीटिंग्स और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद! प्रेसिडेंट डोनाल्ड जे. ट्रंप”




🚨 FAKE Calls for "Digital Arrest" are scams to extort money 🚨 Beware of such calls!❌ Don't panic - There is no such thin...
25/11/2025

🚨 FAKE Calls for "Digital Arrest" are scams to extort money 🚨
Beware of such calls!

❌ Don't panic - There is no such thing as a digital arrest.
❌ Don't share - Never disclose personal or financial information.
❌ DON'T PAY

✅ Immediately report to cybercrime.gov.in or call 1930 for help.

📢 On this 90th Anniversary, RBI Kehta Hai… Jaankaar Baniye, Satark Rahiye!
Visit rbikehtahai.rbi.org.in/da for more details.

📌 Issued in public interest by the Reserve Bank of India

🚨 FAKE Calls for "Digital Arrest" are scams to extort money 🚨 Beware of such calls!❌ Don't panic - There is no such thin...
23/11/2025

🚨 FAKE Calls for "Digital Arrest" are scams to extort money 🚨
Beware of such calls!

❌ Don't panic - There is no such thing as a digital arrest.
❌ Don't share - Never disclose personal or financial information.
❌ DON'T PAY

✅ Immediately report to cybercrime.gov.in or call 1930 for help.

📢 On this 90th Anniversary, RBI Kehta Hai… Jaankaar Baniye, Satark Rahiye!
Visit rbikehtahai.rbi.org.in/da for more details.

📌 Issued in public interest by the Reserve Bank of India

Secure .gov websites use HTTPS A lock ( ) or https:// means you’ve safely connected to the .gov website. Share sensitive information only on official, secure websites.

12/11/2025

21वीं सदी के भारत में पत्रकारिता में एंकर ही पत्रकार समझे जाने लगे और असली पत्रकार पीछे हो गए इसका नतीजा यह हुआ कि खबरों की जगह प्रोपेगेंडा और सच्चाई की जगह झूठ और फैक्ट की जगह गलत खबरें फैलने लगीं

सनसनी फैलाने के लिए झूठ बोले जाने लगे, असलियत दबकर रह गई, आरोपियों के नाम और उन की पालिटिकल टिल्ट देखकर उनके ऊपर सॉफ्ट होना और किसी 'अलग' तरह के नाम को ढूंढने की कोशिश--इस वजह से पत्रकारिता की मान्यताएं यानी वैल्यूज खत्म हो गईं

नतीजा यह हुआ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पत्रकारिता के स्तर को बहुत ही ज्यादा निम्न माना जाने लगा, जग हंसाई होने लगी, किसी भी मामले में सजायाफ्ता या आरोपी या ऐसा शख्स जिसके खिलाफ सुबूत हों उसके बारे में कोई भी नेगेटिव शब्द न लिखना मगर..
. जिस व्यक्ति का कोई भी लिंक ना मिले और न सुबूत हो मगर फिर भी सिर्फ उसका नाम किसी 'और तरह' का हो तो उसको ही बगैर सुबूत के आरोपी बना देना और जांच से पहले ही इस तरह पेश करना जैसे वह क्रिमिनल हो..

उसे बदनाम करना और टार्गेट करना, यह दोहरी मानसिकता और विकृत माइंडसेट इसकी वजह से पूरा समाज ही नहीं बल्कि विश्व भर में बदनामी शुरू हो गई...

रिजल्ट यह हुआ कि देश के बाहर के बाहर इमेज बन गई कि भारत की पत्रकारिता स्टैंडर्ड नहीं, ये बात है भी कि सेगमेंट, सेक्शन, पार्टी कनेक्शन, आइडेंटिटी यानी आपकी कोई भी पहचान जैसे धर्म या जाति के आधार पर होती है

यानी यहां अगर एक व्यक्ति एक धर्म का है तो उसकी किसी भी घटना में नाम आने पर न फोटो छापा जाएगा, न हैडलाइन में उसका नाम होगा और न उसके कृत्यों के बारे में कुछ लिखा जाएगा बल्कि सब कुछ सॉफ्ट कर दिया जाएगा

और अगर दूसरे धर्म का व्यक्ति होगा तो उसकी सजा तो दूर, केस चलने बल्कि एफआईआर से पहले ही उसका नाम न भी आया हो तो भी जबरदस्ती उसकी फोटो छाप कर उसको बदनाम किया जाएगा

मिसाल के तौर पर घटना कुछ और है मगर वहां एक गाड़ी के मालिक का नाम देवेंद्र है तो ये नहीं बताया जाएगा बल्कि कई साल पहले देवेंद्र ने किस से गाड़ी खरीदी थी, उसका नाम अलग तरह का हो तो उसको ही घटना से जोड़ दिया जाएगा

इस तरह से ज्यूडिशल प्रोसेस को भी डिस्टर्ब करना यानी जो काम प्रॉसिक्यूशन और कोर्ट का है, वह कोर्ट में पहुंचने से पहले ही एक तरफ माहौल बना कर और झूठ फैला कर, लीगल प्रोसेस को subvert करने की कोशिश

समाज में नफरत बढ़ाना, शांति भंग करना और इस तरह से मीडिया ने जो किया, इससे पूरे विश्व में भारत की पत्रकारिता को इस तरह से देखा जाने लगा कि यहां आदमी निष्पक्ष नहीं है

एंकर या गटर जर्नलिज्म के प्रैक्टिशनर किसी तरह के आंकड़े से मतलब नहीं रखते और न वह साल भर में बाकी दर्जनों मामलों पर लिखेंगे, उनको आंकड़े नहीं पता, हकीकत से मतलब नहीं

वह सिर्फ ऐसा केस चाहते हैं जहां उनको एक खास एंगल या कम्यूनल माहौल बनाने का मौका मिले और जांच से पहले ही नफरत का एनवायरनमेंट बना कर समाज को इसमें झोंक दें

वह सिर्फ यह चाहते हैं कि किसी तरह सही धर्म के आधार पर किसी भी घटना को टीवी या अखबार में छापें, जब आप सिर्फ झूठ और नफरत का कारोबार करें, देश और समाज को धोखा दें

इसीलिए लोग जब विदेश में जाते हैं तो उनको अंदाजा होता है कि उनके यहां हो रही पत्रकारिता और राजनीति को बाहर अच्छी निगाह से नहीं देखा जाता बल्कि हैरानी का इजहार होता है

क्योंकि वहां के समाज में लोग कोई बात इतनी ज्यादा बाएस से नहीं देखते और कुछ सिस्टम्स हैं, जैसे जस्टिस के सिस्टम में फेयरनेस है, बाहर लोगों को अंदाजा हो चुका है कि यह न्याय पर आधारित व्यवस्था नहीं है

क्योंकि मीडिया हाउस एक खास सेगमेंट के लोगों के हाथ में है उसी प्रकार के लोगों को एंकर बनाते हैं जिनका न पत्रकारिता का कोई खास तजुर्बा होता है और ना उनको फेयरनेस के बारे में कुछ मालूम होता है

वह सिर्फ एक चीज जानते हैं कि Hate sells यानी सांप्रदायिकता, भेदभाव, नफरत, प्रोपेगेंडा, झूठ और ऐसी खबरें जिसकी वजह से समाज में खौफ या सनसनी फैले और समाज में दरार आए, वही उनको छापना है

सिर्फ एक मिसाल है, ये लोग एक केस में सनसनी फैला कर पचास करोड़ लोगों को पच्चीस करोड़ लोगों के खिलाफ गुस्सा दिलाने और भड़काने की कोशिश करते हैं

इससे समाज का इतना बड़ा नुकसान होता है, देश में पूरे पूरे समाज आपस में एक दूसरे पर शक और सस्पिशन करने लगें, तो ये कितना घातक है, आधा समाज मिडिया देखना बंद कर चुका है, एंकरों की तनख्वाहें पांच से पचास लाख हैं

सिस्टम तो बर्बाद कर ही दिया, आने वाले दिनों में मीडिया में जो नौकरियां हैं वह खत्म होती चली जाएंगी और गवर्नमेंट एडवर्टाइजमेंट का सिलसिला भी तीन से पांच साल में कम हो जायदा

मगर एंकरों के बल पर होने वाली इस विकृत पत्रकारिता के दौर को हमेशा याद रखा जाएगा, ये वह भयावह दौर है जब कई आ-त - की केस में आरोपी को इलेक्शन में लड़ाया और जिताया जाता है मगर मीडिया की आवाज नहीं निकलती

अ-मीश से अंज*ना, सा*वंत से &रूर, अ*रनब से चि*त्रा, इस्मिता अंधकार तक ये ज्यादातर लोग आज इस हालत के जिम्मेदार हैं कि इंटरनेशनली भारत का मीडिया अब 180 देशों में 159 वें नंबर पर है, बस 180 तक पहुंचने की देर है

[Shams Ur Rehman Alavi]

Address

Nagpur

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when MZS Social Awareness posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category