Dr Kailash Naath Gupta

Dr Kailash Naath Gupta Dr. Kailash Naath Gupta, a consummate and accomplished Pulmonologist, Chest & Critical Care Specialist and an expert in Sleep disorder.

इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जिसके लक्षण संक्रमण के 2 से 21 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं।शुरुआती लक्षण सामान्य...
18/05/2026

इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जिसके लक्षण संक्रमण के 2 से 21 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं।
शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है।

बात करें शुरुआती लक्षणों की तो इसमें तेज बुखार, थकान, शरीर दर्द, सिरदर्द, गले में खराश जैसी परेशानी हो सकती है। इसके बाद मरीज में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, स्किन पर चकत्ते,किडनी और लीवर से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। गंभीर मामलों में मरीज को आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव भी हो सकता है, जैसे उल्टी या मल में खून आना, नाक और मसूड़ों से खून आना, महिलाओं में वेजाइनल ब्लीडिंग होना शामिल है। कुछ मरीजों में भ्रम, चिड़चिड़ापन और आक्रामक व्यवहार जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

अब तक भारत में इबोला वायरस का कोई बड़ा प्रकोप नहीं हुआ है।
हालांकि, पिछले वर्षों में कुछ संदिग्ध मामले सामने आए थे, लेकिन जांच के बाद अधिकतर मामलों में इबोला की पुष्टि नहीं हुई। भारत सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां एयरपोर्ट स्क्रीनिंग और निगरानी के जरिए सतर्क रहती हैं, खासकर उन देशों से आने वाले यात्रियों पर जहां इबोला के मामले मिले हों।

इबोला मुख्य रूप से अफ्रीका के कुछ देशों में फैलता रहा है, जैसे:
📍 कांगो
📍 युगांडा
📍 गिनी
📍 सिएरा लियोन

भारत में फिलहाल आम लोगों के लिए घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन जागरूक रहना और सही जानकारी रखना जरूरी है।

क्या गले में छोटी-छोटी गाँठें भी टीबी हो सकती हैं?हाँ! यह लिम्फ़ नोड ट्यूबरक्लॉसिस हो सकता है, जिसे Tuberculous Lymphade...
14/05/2026

क्या गले में छोटी-छोटी गाँठें भी टीबी हो सकती हैं?
हाँ! यह लिम्फ़ नोड ट्यूबरक्लॉसिस हो सकता है, जिसे Tuberculous Lymphadenitis भी कहा जाता है। इस स्थिति में गले के लिम्फ नोड्स धीरे-धीरे सूज जाते हैं और कई बार समय के साथ इनमें से तरल भी निकलने लगता है।

मुख्य लक्षण:
• 1 या उससे अधिक सूजे हुए लिम्फ नोड्स (हफ्तों/महीनों तक रह सकते हैं)
• सूजन बिना दर्द के
• कभी-कभी बुखार
• वजन घटना
• अत्यधिक थकान
• रात में पसीना आना

यदि आपको या आपके किसी करीबी को ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।

TB (Tuberculosis) से डरें नहीं, सही इलाज कराएं!TB एक गंभीर बीमारी है, लेकिन timely diagnosis aur complete treatment se i...
07/05/2026

TB (Tuberculosis) से डरें नहीं, सही इलाज कराएं!
TB एक गंभीर बीमारी है, लेकिन timely diagnosis aur complete treatment se ise पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
⚠️ TB के Common Symptoms:
✔️ 2 हफ्तों से ज्यादा खांसी आना
✔️ Fever & night sweats
✔️ Weight loss & भूख कम लगना
✔️ कमजोरी और थकान
✔️ Chest pain & सांस लेने में तकलीफ
👨‍⚕️ Dr Kailash Nath Gupta
Director, Centre for Chest Diseases
💡 Agar aap ya aapke kisi apne ko ye symptoms hain, to delay na karein. Early diagnosis saves lives!

विश्व अस्थमा दिवस सांस लेना आसान होना चाहिए, लेकिन अस्थमा के मरीजों के लिए यह एक चुनौती बन सकता है।🔹 बार-बार खांसी🔹 सीने...
05/05/2026

विश्व अस्थमा दिवस

सांस लेना आसान होना चाहिए, लेकिन अस्थमा के मरीजों के लिए यह एक चुनौती बन सकता है।

🔹 बार-बार खांसी
🔹 सीने में जकड़न
🔹 सांस फूलना या सीटी जैसी आवाज
🔹 धूल, धुआं या एलर्जी से परेशानी

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और उपचार से अस्थमा को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

Centre for Chest Diseases की ओर से अपील —
जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और अपने फेफड़ों का ध्यान रखें।

🏥 हर आपात स्थिति में हम आपके साथ सदा खड़े हैं
🕒 24x7 इमरजेंसी एवं आईसीयू सुविधा उपलब्ध

हर सांस है अनमोल

एड्स और डायबिटीज जैसी बीमारी का रास्ता ट्यूबरकुलोसिस के तरफ भी मूढ़ सकता है।एड्स और डायबिटीज जैसी बीमारियों से मरीज बहुत...
30/04/2026

एड्स और डायबिटीज जैसी बीमारी का रास्ता ट्यूबरकुलोसिस के तरफ भी मूढ़ सकता है।
एड्स और डायबिटीज जैसी बीमारियों से मरीज बहुत कमजोर हो जाता है और मरीज का इम्‍यून सिस्‍टम भी कमजोर हो जाता है जिससे मरीज में ट्यूबरकुलोसिस का खतरा बढ़ जाता है। विकासशील देशों में एड्स पीडि़त मरीज को सबसे पहले तपेदिक का ही खतरा होता है।

क्‍या आप जानते हैं एच.आई.वी से ग्रसित व्‍यक्ति यदि टी.बी. बेसिलीस से संक्रमित हो जाए तो उसको टी.बी होने का खतरा लगभग छह गुना बढ़ जाता हैं। क्षय रोग किसी आम व्‍यक्ति को भी हो सकता है लेकिन एड्स पीडि़त व्‍यक्ति के लिए यह खतरा सामान्‍य से दुगुना होता है।

यदि एच आई वी पीडि़त मरीज टी.बी का ईलाज बीच में ही छोड़ दे तो उसके प्रतिरोधक क्षमता पर तो असर पड़ता ही है साथ ही मरीज में टी.बी के जीवाणुओं की संख्‍या और अधिक बढ़ जाती है और मरीज का ठीक होना मुश्किल हो जाता है।

ऐसा नहीं कि एड्स के मरीजों में टी.बी का उपचार संभव नहीं बल्कि मरीज का सही समय पर उपचार किया जाए तो ना सिर्फ मरीज में टी.बी को बढ़ने से रोक सकते हैं बल्कि मौत के जोखिम को भी टाला जा सकता है।

दमा और एलर्जी का बड़ा कारण: धूलभारत में रेस्पिरेटरी एलर्जी का सबसे प्रमुख कारण धूल है। आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं की तुल...
23/04/2026

दमा और एलर्जी का बड़ा कारण: धूल

भारत में रेस्पिरेटरी एलर्जी का सबसे प्रमुख कारण धूल है। आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं की तुलना में पुरुषों में एलर्जी के मामले अधिक पाए जाते हैं।

बच्चों में अस्थमा के लगभग 90% और वयस्कों में करीब 50% मामलों की जड़ एलर्जिक रिएक्शन होता है। यह प्रतिक्रिया धूल, पराग (पोलन), घास, कीड़े-मकोड़े, और पालतू जानवरों के रोंए जैसे सामान्य कारकों से ट्रिगर होती है।

कई बार कुछ खाद्य पदार्थ भी एलर्जी का कारण बन सकते हैं। दरअसल, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इन सामान्य पदार्थों को खतरनाक मान लेती है और आईजीई (IgE) एंटीबॉडी बनाने लगती है। इसके साथ ही हिस्टामाइन जैसे रसायनों का स्राव होता है, जिससे नाक बंद होना, नाक बहना, आंखों में खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते, और कुछ मामलों में अस्थमा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं।

सावधानी ही बचाव है — एलर्जी के कारणों से दूरी बनाएं और समय रहते उपचार लें।

BronchoscopyIf you are experiencing persistent infection, chronic cough, or any abnormal findings in a chest X-ray, doct...
16/04/2026

Bronchoscopy

If you are experiencing persistent infection, chronic cough, or any abnormal findings in a chest X-ray, doctors may recommend a bronchoscopy.

Bronchoscopy is a procedure used to examine the airways and lungs. It is usually performed by a lung specialist (Pulmonologist).

During this procedure, a thin tube is inserted through the nose or mouth into the lungs. It helps in diagnosing lung diseases, removing mucus, or collecting a small tissue sample for laboratory testing.

This service is available at all Centre for Chest centers.

📸 In this image: Dr. Kailash Nath Gupta, Director, Centre for Chest, performing bronchoscopy.

पावन पर्व बैसाखी की सभी अन्नदाता किसानों, सिख समाज एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।यह पर्व हमारी समृ...
14/04/2026

पावन पर्व बैसाखी की सभी अन्नदाता किसानों, सिख समाज एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

यह पर्व हमारी समृद्ध कृषि परंपरा, परिश्रम और खुशहाली का प्रतीक है। नई फसल के साथ यह दिन जीवन में नई आशा, ऊर्जा और समृद्धि का संदेश लेकर आता है।

ईश्वर से प्रार्थना है कि यह पावन अवसर आप सभी के जीवन में सुख, शांति और उन्नति लेकर आए।

#बैसाखी

फेफड़े हेल्दी रखने का आसान उपाय क्या आप अपने फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत रखना चाहते हैं?तो अपनी डाइट में ऐसे फूड्स शामिल ...
12/04/2026

फेफड़े हेल्दी रखने का आसान उपाय

क्या आप अपने फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत रखना चाहते हैं?
तो अपनी डाइट में ऐसे फूड्स शामिल करें जिनमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भरपूर हों 👇

✅ बेरीज
✅ ग्रीन टी
✅ हल्दी
✅ अदरक

ये प्राकृतिक चीजें आपके लंग्स को साफ रखने, सूजन कम करने और सांस लेने की क्षमता बेहतर बनाने में मदद करती हैं।

आज से ही अपनी लाइफस्टाइल में ये छोटे बदलाव अपनाएं और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

आख़िर टीबी (TB) मरीज से दूरी क्यों ज़रूरी है?टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो हवा के माध्यम से फैलती है। जब मरीज खांसता, छी...
09/04/2026

आख़िर टीबी (TB) मरीज से दूरी क्यों ज़रूरी है?

टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो हवा के माध्यम से फैलती है। जब मरीज खांसता, छींकता या बोलता है, तो उसके जरिए निकले कण आसपास के लोगों को संक्रमित कर सकते हैं — खासकर परिवार के सदस्यों को।

👉 इसलिए जरूरी है कि:
✔ मरीज से सुरक्षित दूरी बनाए रखें
✔ मास्क का उपयोग करें
✔ कमरे को हवादार रखें
✔ मरीज को खांसते/छींकते समय मुंह ढकने के लिए कहें
✔ दवाइयों का पूरा कोर्स समय पर पूरा कराएं

💡 सही सावधानी और पूरा इलाज करने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है और आपका परिवार सुरक्षित रह सकता है।

आपके फेफड़े हर सेकंड काम करते हैं—उनका ख्याल हर दिन रखें।स्वस्थ फेफड़ों के लिए एक अच्छा लाइफस्टाइल बहुत ज़रूरी है।धूम्रप...
06/04/2026

आपके फेफड़े हर सेकंड काम करते हैं—उनका ख्याल हर दिन रखें।

स्वस्थ फेफड़ों के लिए एक अच्छा लाइफस्टाइल बहुत ज़रूरी है।
धूम्रपान से दूरी, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और साफ हवा—ये छोटी आदतें आपको बड़ी बीमारियों से बचा सकती हैं।

साफ सांस लें, स्वस्थ जीवन जिएं।

#साफ_सांस

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