18/05/2026
इबोला एक गंभीर और जानलेवा वायरस है, जिसके लक्षण संक्रमण के 2 से 21 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं।
शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद ज़रूरी है।
बात करें शुरुआती लक्षणों की तो इसमें तेज बुखार, थकान, शरीर दर्द, सिरदर्द, गले में खराश जैसी परेशानी हो सकती है। इसके बाद मरीज में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, स्किन पर चकत्ते,किडनी और लीवर से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। गंभीर मामलों में मरीज को आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव भी हो सकता है, जैसे उल्टी या मल में खून आना, नाक और मसूड़ों से खून आना, महिलाओं में वेजाइनल ब्लीडिंग होना शामिल है। कुछ मरीजों में भ्रम, चिड़चिड़ापन और आक्रामक व्यवहार जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
अब तक भारत में इबोला वायरस का कोई बड़ा प्रकोप नहीं हुआ है।
हालांकि, पिछले वर्षों में कुछ संदिग्ध मामले सामने आए थे, लेकिन जांच के बाद अधिकतर मामलों में इबोला की पुष्टि नहीं हुई। भारत सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां एयरपोर्ट स्क्रीनिंग और निगरानी के जरिए सतर्क रहती हैं, खासकर उन देशों से आने वाले यात्रियों पर जहां इबोला के मामले मिले हों।
इबोला मुख्य रूप से अफ्रीका के कुछ देशों में फैलता रहा है, जैसे:
📍 कांगो
📍 युगांडा
📍 गिनी
📍 सिएरा लियोन
भारत में फिलहाल आम लोगों के लिए घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन जागरूक रहना और सही जानकारी रखना जरूरी है।