Dr. Bibhuranjan

Dr. Bibhuranjan वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, लेखक
संपा?

मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर द्वारा इस बार अंगिका की पढ़ाई शुरू नहीं करना चिंतनीय।मुंगेर के तमाम जनप्रतिनिधि ख्वाब में जी...
02/04/2024

मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर द्वारा इस बार अंगिका की पढ़ाई शुरू नहीं करना चिंतनीय।
मुंगेर के तमाम जनप्रतिनिधि ख्वाब में जी रहे हैं। जिस दिन अंगिका भाषी जग गये उस जनप्रतिनिधि को एहसास हो जायेगा।

01/08/2023

आय नमामि गंगे घाट सुल्तानगंज, भागलपुर पर भव्य आरती के कार्यक्रम छै। हर्षित होवै के बात छै कि गंगा आरती के बाद राजकीय सांस्कृतिक कार्यक्रम छै। जेकरा में अंगिका भजन के प्रस्तुति भजन सम्राट पं. सुनिल मिश्र आरु हुनकर बेटी अलका मिश्रा द्वारा होतै। निवेदन छय कि नमामि गंगे घाट पेॅ 8 बजे रात से होवै वला इ प्रस्तुति के आनन्द अंगिका भाषी लीयै आरु पटना महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में एकरा देखियै।
निवेदक
अंग अंगिका महोत्सव 2023 परिवार।

शोक ::::::::::::::::अंग क्षेत्र के भागलपुर निवासी अंगिका और हिन्दी के लब्धप्रतिष्ठित, ख्यातिप्राप्त  विद्वान हास्य कवि र...
23/05/2023

शोक
::::::::::::::::

अंग क्षेत्र के भागलपुर निवासी अंगिका और हिन्दी के लब्धप्रतिष्ठित, ख्यातिप्राप्त विद्वान हास्य कवि रामावतार राही की असामयिक निधन से पूरा साहित्य जगत शोकाकुल है।
भगवान उनको अपने श्रीचरणों में जगह दे।

इस कार्यक्रम में मेरी अंतिम मुलाकात। आज हृदयाघात से कम नहीं है।

🚩🥢🚩🥢🚩🥢🚩🥢🚩🥢

21/05/2023

पत्रकारिता करना तो सब चाहते हैं और करने वाले कर भी रहे हैं। लेकिन आज के पत्रकार नेता और अधिकारियों की जी हुजूरी करने में लगे हैं। हर पत्रकार नेता और अधिकारियों को "सर- सर" कह कर सम्बोधित करते हैं जो पत्रकारिता के खिलाफ है। लेकिन पत्रकारिता को सीखना नहीं चाह रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकार अभिरंजन जी के साक्षात्कार को गौर से सुनें इन्होंने कभी अपने साक्षात्कार में "सर" शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। जबकि लालू प्रसाद कोई बच्चे नहीं हैं। फिर भी इनके साथ अभिरंजन जी की बेवाकी आज की पत्रकारिता को सीधे आईना दिखाती है।
काश आज के पत्रकार इस साक्षात्कार से कुछ सीख पाएंगे!

यह कैसा मजदूर दिवस?:::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::अपना है मजदूर दिवसआधी रोटी खाता हूंमजदूर दिवस मनाता हूंहां! ...
01/05/2023

यह कैसा मजदूर दिवस?
:::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::

अपना है मजदूर दिवस
आधी रोटी खाता हूं
मजदूर दिवस मनाता हूं
हां! मजदूर दिवस मनाता हूं

झोली रहती खाली हरदम
बच्चों की ललक अधूरी रहती
रोज कल पर थोप कर
उसको मैं मनाता हूं
आधी रोटी खाता हूं
मजदूर दिवस मनाता हूं
हां! मजदूर दिवस मनाता हूं

गैस चूल्हा और कुकर है घर में
एक छोटा सा टीभी भी
राशनकार्ड नहीं है घर में
और! मजदूर दिवस मनाता हूं

बीबी घर में है, तो बताऊं
टीभी है वह भी बतला दूं
पेट है भूखी किसे बताऊं
नियम कहता है
बीबी है तो ठीक है
टीभी है तो ग़लत है
गरीब हैं तो टीभी कैसे?
राशनकार्ड नहीं मिलेगा
स्मार्ट फोन क्यों पास है
आधे पेट कौन भरेगा
ऐसा मजदूर दिवस क्यों लाते हैं
हम मजदूर दिवस मनाते हैं

सरस्वती है पर लक्ष्मी दूर
लाख जतन पर अन्न है दूर
शरीर तोड़ कमाता हूं
पर बच्चों की खुशियां है दूर
कहां से लाऊं खुशियां बोलो
पढ़ा लिखा बेरोजगार हूं
जो मिलता है काम उसे मैं
निष्ठापूर्वक निभाता हूं
पैसे नहीं मिलते हैं उतने
कि! बच्चों की खुशियां ला सकूं
मजदूर हूं, मजदूर दिवस मनाता हूं

किसे बताऊं,
यह दिवस नहीं हमारा है
तकदीर के मारे
तिनका तिनका जोड़ रहा हूं
बच्चों के खातिर अब भी मैं
कमरतोड़ मेहनत करता हूं
बिन राशनकार्ड के
रोटी को तरसता हूं
फिर कैसा दिवस
जिसे मैं मनाता हूं
यह मजदूर दिवस नहीं हमारा
फिर भी! मजदूर दिवस मनाता हूं।

Address

Patna

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dr. Bibhuranjan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share