05/07/2026
🤰 गर्भावस्था में एनीमिया (खून की कमी) कब होता है? – 10 महत्वपूर्ण बातें
खून कम? फिर माँ और शिशु स्वस्थ कैसे रहेंगे?
एनीमिया हटेगा, स्वस्थ गर्भावस्था बढ़ेगी।
गर्भावस्था में शरीर को सामान्य से अधिक आयरन और फोलिक एसिड की आवश्यकता होती है।
यदि भोजन से पर्याप्त आयरन नहीं मिलता, तो एनीमिया हो सकता है।
जुड़वाँ गर्भ, बार-बार गर्भधारण या कम अंतराल में गर्भ होने पर खतरा बढ़ जाता है।
पहले से खून की कमी होना भी एक प्रमुख कारण है।
अत्यधिक उल्टी, कुपोषण या कृमि (कीड़े) का संक्रमण भी कारण बन सकता है।
एनीमिया से कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना और धड़कन तेज हो सकती है।
गंभीर एनीमिया से समय से पहले प्रसव, कम वजन का शिशु और प्रसव के दौरान जटिलताएँ हो सकती हैं।
इसकी पहचान हीमोग्लोबिन (Hb) जाँच से की जाती है।
सभी गर्भवती महिलाओं को नियमित ANC जाँच और आयरन-फोलिक एसिड की गोलियाँ लेनी चाहिए।
समय पर उपचार से माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रहते हैं।
🩺 एनीमिया का उपचार कब और कैसे होता है?
हल्का एनीमिया (Hb 10–10.9 g/dL): आयरन-फोलिक एसिड की गोलियाँ, आयरन युक्त भोजन और नियमित जाँच।
मध्यम एनीमिया (Hb 7–9.9 g/dL): आयरन की गोलियाँ या आवश्यकता अनुसार IV Iron (आयरन ड्रिप/इंजेक्शन)।
गंभीर एनीमिया (Hb 7 g/dL से कम): तत्काल विशेषज्ञ की देखरेख में उपचार; आवश्यकता होने पर रक्त चढ़ाना (Blood Transfusion) तथा कारण का इलाज।
🥗 आयरन युक्त भोजन: हरी पत्तेदार सब्जियाँ, चना, राजमा, सोयाबीन, दालें, गुड़, खजूर, अनार, किशमिश और विटामिन C युक्त फल।
डॉ. प्रियंका शाही (MBBS, MD)
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ | प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजिस्ट
श्री साई सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
काशी बाजार, वृंदावन कॉलोनी, छपरा
📞 7654932130, 9430811466