Dr. Gauri Jagdale - Gynaecologist

Dr. Gauri Jagdale - Gynaecologist Consultant- Motherhood Hospital, Kharadi

Dr. Gauri Jagdale
MBBS MS DNB Obstetrics & Gynaecology,
Fellowship in Surgical Endoscopy,
Fellowship in Aesthetic Gynaecology,
Founder & Director - Vedant Clinic Keshav Nagar.

23/05/2026

गर्मी का मौसम और प्रेगनेंसी: क्या करें और क्या नहीं?

गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और बढ़ता तापमान प्रेग्नेंट महिलाओं और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माताओं के लिए कई परेशानियाँ लेकर आता है। इस मौसम में डिहाइड्रेशन, सिरदर्द, चक्कर आना और पैरों में सूजन (Swelling) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।

इस वीडियो में, कंसलटेंट गाइनोकोलॉजिस्ट Dr. Gauri Jagdale शेयर कर रही हैं कुछ बेहद आसान और असरदार समर केयर टिप्स, जो इस गर्मी में आपको और आपके होने वाले बच्चे को सुरक्षित और स्वस्थ रखेंगे।

🔑 इस वीडियो में आप जानेंगे:
हाइड्रेशन का सही तरीका: दिन में 3-4 लीटर लिक्विड (पानी, नारियल पानी, फ्रूट जूस, ORS) क्यों और कैसे लें?

डिहाइड्रेशन के लक्षण: डार्क यूरिन, सिरदर्द और चक्कर आने पर क्या करें?

सही कपड़ों का चुनाव: गर्मी में कॉटन के ढीले कपड़े पहनने के फायदे।

धूप से बचाव: दोपहर 11 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से क्यों बचें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल कैसे करें?

पैरों की सूजन से राहत: गर्मी म�

20/05/2026

उल्टे बच्चे को सीधा करने के आसान तरीके और एक्सरसाइज ।

इस वीडियो में डॉ. गौरी जगदाळे (Consultant Gynecologist and Obstetrician) ने यह जानकारी दी है कि प्रेग्नेंसी में यदि बच्चा उल्टा (Breech Position) हो, तो वह खुद से कब तक सीधा हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कुछ ऐसी आसान एक्सरसाइज और तरीकों के बारे में बताया है जिन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद घर पर किया जा सकता है।

बच्चा खुद से कब तक सीधा होता है?
🔹 36 वीक्स (36 Weeks) तक का समय: डॉ. गौरी के अनुसार, आमतौर पर प्रेग्नेंसी के 36वें हफ्ते तक बच्चा गर्भ में अपनी पोजीशन खुद ही ठीक कर लेता है और उसका सिर नीचे (Cephalic Position) आ जाता है।
🔹 पैनिक न करें: यदि 36 वीक्स से पहले सोनोग्राफी में बच्चा उल्टा आता है, तो घबराने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है, क्योंकि तब तक स्थिति बदलने की पूरी संभावना होती है।

उल्टे बच्चे को सीधा करने की 3 आसान एक्सरसाइज
⚠️ महत्वपूर्ण नोट: कोई भी एक्सरसाइज शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से कन्सल्ट (सलाह) करना बेहद ज़रूरी है। डॉक्टर की अनुमति के

18/05/2026

प्रेगनेंसी में बच्चा उल्टा (Breech Baby) क्यों होता है?

प्रेगनेंसी के दौरान जब सोनोग्राफी रिपोर्ट में ‘Breech Presentation’ या ‘बच्चा उल्टा है’ लिखा आता है, तो अक्सर होने वाली माताएं घबरा जाती हैं। क्या यह सामान्य है? क्या सिजेरियन (C-Section) ही एकमात्र रास्ता है?

इस वीडियो में, डॉ. गौरी जगदाळे (Consultant Gynecologist & Obstetrician) विस्तार से समझा रही हैं कि ब्रीच बेबी क्या होता है और ऐसा क्यों होता है।

इस वीडियो में आप जानेंगे:

Cephalic vs. Breech Presentation: सामान्य और उल्टी पोजीशन में क्या अंतर है?

ब्रीच बेबी के प्रकार: Frank Breech, Complete Breech और Incomplete Breech क्या होते हैं?

बच्चा उल्टा होने के मुख्य कारण:

गर्भाशय (Uterus) का आकार (Unicornuate or Bicornuate uterus)।

एम्नियोटिक फ्लूइड (Amniotic Fluid) का कम या ज्यादा होना।

प्लेसेंटा (Placenta) की स्थिति।

प्री-टर्म प्रेगनेंसी (34-35 हफ्ते)।

गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स (Fibroids) की गांठ।

घबराएं नहीं, सही जानकारी और डॉक्टरी सलाह से आप अपनी प्रेगनेंसी को सुरक्षित बना सकती हैं।

15/05/2026

बेबी हेड डाउन होने पर क्या महसूस होता है? लक्षण और संकेत

इस वीडियो में डॉ. गौरी जगदाळे ने प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे के “हेड डाउन” (Head Down) होने के लक्षणों और संकेतों के बारे में विस्तार से बताया है।

बेबी हेड डाउन होने के लक्षण:

जब बच्चा हेड डाउन पोजीशन में आता है, तो शरीर में ये बदलाव महसूस हो सकते हैं:

पेट के आकार में बदलाव: पेट ऊपर से खाली और नीचे के हिस्से में भरा हुआ महसूस होता है।

सांस लेने में आसानी: पेट के ऊपरी हिस्से में दबाव कम होने के कारण सांस लेना पहले से आसान हो जाता है।

पेल्विक दबाव (Pelvic Pressure): पेल्विक क्षेत्र (निचले हिस्से) में दबाव और खिंचाव बढ़ जाता है, जिससे चलने-फिरने में कठिनाई हो सकती है।

बार-बार यूरिन आना: बच्चे का सिर मूत्राशय (bladder) पर दबाव डालता है, जिससे बार-बार पेशाब जाने की इच्छा होती है।

प्राइवेट पार्ट में दर्द: योनि के क्षेत्र में स्ट्रेचिंग जैसा दर्द महसूस हो सकता है।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?
डॉ. गौरी के अनुसार, हेड डाउन होने �

Behind every patient’s recovery is a nurse who offered more than just medicine they offered hope, comfort, and a smile w...
12/05/2026

Behind every patient’s recovery is a nurse who offered more than just medicine they offered hope, comfort, and a smile when it was needed most. Today, we celebrate the “healing hands” that keep our healthcare system running with grace and courage. Happy International Nurses Day!

Day

10/05/2026

Tiny kicks, sleepless nights, and a love that knows no bounds. Wishing a very Happy Mother’s Day to all the incredible moms who make the impossible look easy. ❤️

09/05/2026

बेबी हेड डाउन पोजीशन: 38 हफ़्ते बीत गए और सिर नीचे नहीं? घबराएं नहीं!

क्या आप अपनी गर्भावस्था के अंतिम हफ्तों में हैं और बेबी की पोजीशन को लेकर चिंतित हैं? इस वीडियो में, डॉ. गौरी जगदाळे (Vedant Clinic) विस्तार से बता रही हैं कि ‘बेबी हेड डाउन’ यानी इंगेजमेंट की प्रक्रिया क्या होती है और इसके कितने समय बाद लेबर पेन शुरू हो सकता है।

इस वीडियो में आप जानेंगे:

37-38 हफ़्ते बीतने पर भी सिर नीचे न हो तो क्या करें? घबराएं नहीं, अल्ट्रासाउंड और डॉक्टर की सलाह से इसे कैसे ट्रैक करें।

हेड डाउन पोजीशन (Engagement) कब होती है? पहली प्रेगनेंसी और दूसरी/तीसरी प्रेगनेंसी में इसमें क्या अंतर होता है।

बेबी के सिर नीचे करने के बाद लेबर पेन कब शुरू होता है? क्या इसमें दिन लगते हैं या हफ़्तें?

Cervix का रोल: लेबर शुरू होने के लिए सिर्फ हेड डाउन होना काफी नहीं, सर्विक्स का सॉफ्ट होना भी ज़रूरी है।

गर्भावस्था के अंतिम पड़ाव में सही जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। अपनी शंकाओं को दूर करने के �

Thalassemia is a genetic blood disorder that affects millions, but with early screening and the right care, patients can...
08/05/2026

Thalassemia is a genetic blood disorder that affects millions, but with early screening and the right care, patients can lead fulfilling lives. On World Thalassemia Day, we stand ‘Together for Thalassemia,’ focusing on uniting our communities and prioritizing the needs of every patient.

Knowledge is the first step toward prevention. Let’s work together to bridge the care gap and support those on their journey toward better health.

VedantClinic

07/05/2026

प्रेगनेंसी का आखिरी महीना: बेबी हेड डाउन के लक्षण जो आपको पता होने चाहिए।

इस वीडियो में डॉ. गौरी जगदाळे ने गर्भावस्था के अंतिम महीनों में होने वाली ‘बेबी हेड डाउन’ (Head Engagement) की प्रक्रिया और उसके लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

यहाँ वीडियो का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:

मुख्य विषय: बेबी हेड डाउन (हेड एंगेजमेंट)
प्रक्रिया: सामान्यतः गर्भावस्था के 36वें से 37वें सप्ताह के बीच, बच्चे का सिर मां के पेल्विक बोन (श्रोणि की हड्डी) में नीचे की ओर प्रवेश करता है。

शारीरिक परिवर्तन: इस दौरान मां का पेट ऊपर से खाली या कम महसूस होता है और नीचे की तरफ अधिक भरा हुआ दिखने लगता है।

बेबी हेड डाउन के प्रमुख लक्षण
डॉक्टर ने इस बदलाव को पहचानने के लिए निम्नलिखित लक्षणों का उल्लेख किया है:

सांस लेने में आसानी: जब बच्चा नीचे की ओर खिसकता है, तो ऊपरी अंगों पर दबाव कम हो जाता है, जिससे मां को सांस लेना आसान महसूस होता है।

पेल्विक प्रेशर: पेल्विक क्षेत्र (पे�

7 Years of Healing & 1 Special Day of Giving! ❤️On the auspicious occasion of Maharashtra Day and the 7th Anniversary of...
06/05/2026

7 Years of Healing & 1 Special Day of Giving! ❤️
On the auspicious occasion of Maharashtra Day and the 7th Anniversary of Vedant Clinic, Dr. Gauri Jagdale spent a meaningful morning at Sarathi Primary and Secondary School, Kharadi.

This day holds a deeply personal significance, as it marks the birth anniversary of her beloved father, Mr. Nagnath Jagdale Sir. An exemplary Principal in Solapur, he is unfortunately no longer with us, but his legacy of education and leadership continues to inspire.

Seeing the smiles on these children’s faces during the prize distribution was the perfect way to honor his memory and celebrate our journey. Here’s to many more years of health, service, and community spirit! 🥂✨

Kharadi CommunityService, EducationMatters, GivingBack, HealthAndEducation, SarathiSchool

05/05/2026

क्या धड़कन रुकने पर दवा से उसे वापस लाया जा सकता है?

एक माँ के लिए अपने बच्चे की पहली धड़कन सुनना सबसे यादगार पल होता है, लेकिन कभी-कभी धड़कन को लेकर मन में कई सवाल और चिंताएँ भी होती हैं। डॉ. गौरी जगदाले इस वीडियो के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को शिशु की हृदय गति के बारे में जागरूक कर रही हैं और कठिन परिस्थितियों में उन्हें सकारात्मक रहने की सलाह दे रही हैं।

वीडियो में बताए गए मुख्य बिंदु:

सामान्य हार्ट रेट: गर्भ में बच्चे की सामान्य हृदय गति 110 से 160 बीट प्रति मिनट (bpm) के बीच होती है।

हृदय गति में बदलाव: यह समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए अपने डॉक्टर से इसके बारे में चर्चा करते रहना चाहिए।

मिथक और वास्तविकता: वीडियो में स्पष्ट किया गया है कि हार्ट रेट के आधार पर बच्चे के जेंडर (लड़का या लड़की) का पता नहीं लगाया जा सकता।

हृदय गति रुकने पर क्या करें?: यदि किसी सोनोग्राफी में हृदय गति दिखाई देती है और अगली बार नहीं, तो इसे दवा या इंजेक्शन से वापस नहीं ला�

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