01/08/2026
#इंद्रलुप्त
successful case of Alopecia Areata by Ayurved treatment
“रोमकूपानुगं पित्तं वातेन सह मूर्च्छितम्।
प्रच्यावयति रोमाणि ततः श्लेष्मा सशोणितः ॥
रुणद्धि रोमकूपाँस्तु ततो अन्येषामसंभवः ।
तदिन्द्रलुप्तम ख़ालित्यम रुह्येति च विभाव्यते॥”
— सुश्रुत नि. 13/33-34)
जब कुपित वात दोष के साथ पित्त दोष सिर के रोमछिद्रों (रोमकूपों) में पहुँचता है, तो बाल झड़ने लगते हैं। इसके बाद कुपित कफ (श्लेष्म) और रक्त (शोणित) रोमछिद्रों के मार्ग को बंद कर देते हैं।
अवरोध होने के कारण उस स्थान पर नए बाल दोबारा नहीं उग पाते हैं। इसी रोग को आयुर्वेद में इंद्रलुप्त, खलित या रुह्य कहा जाता है।
Alopecia Areata एक Autoimmune Disease है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) बालों की जड़ों (Hair Follicles) पर आक्रमण कर देती है, जिससे अचानक गोल-गोल पैच में बाल झड़ने लगते हैं।
इस केस में 3 माह की आयुर्वेदिक चिकित्सा के बाद प्रभावित स्थान पर संतोषजनक Hair Regrowth प्राप्त हुआ।
आयुर्वेद में इन्द्रलुप्त की चिकित्सा दोषों का सम्यक् संतुलन, धातु-पोषण एवं रोमकूपों के स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित कर, दोष-दुष्टि, अग्नि स्थिति, आहार-विहार एवं मनोभाव का समग्र मूल्यांकन कर उपचार किया जाता है। नियमित चिकित्सा, आहार-संशोधन और दिनचर्या पालन से Alopecia Areata को ठीक किया जा सकता है।
Alopecia areata की प्रारंभिक अवस्था में ही यदि आयुर्वेद चिकित्सक से आयुर्वेद चिकित्सा शुरू कर दी जाए तो दोष संतुलन शीघ्र स्थापित होता है और ठीक होने में अपेक्षाकृत कम समय लगता है।
Autoimmune Disease में आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह से आयुर्वेद चिकित्सा जरूर लेना चाहिये ।
जय गुरुदेव 🙏
जय आयुर्वेद 🙏
Dr Narottam Netam
Ayurvedacharya, Rasa-Chikitsak
BAMS, MD (Ayurved- Rasa Shastra & Bhaisajya Kalpana From GAC Raipur )
9770565123