20/09/2026
WhatsApp मैं कभी-कभार ही देखता हूँ—दिन में कुछ घंटों के अंतराल पर। परंतु एक सुबह जब मैंने WhatsApp खोला, तो एक मैसेज देखा। उसमें किसी डॉक्टर का दिया हुआ पेपर था और पूछा गया था, “यह मेरी मम्मी हैं। इनके लिए क्या इलाज चाहिए?”
मैं थोड़ा-सा uninterested हो गया था, क्योंकि कई बार फोन पर सलाह देना उतना अच्छा नहीं रहता। पूरी बात जानने में कई बार चैट करनी पड़ती है, परंतु फिर भी मरीज को बिना देखे पूरी बात पता नहीं चल पाती। इसलिए फोन या WhatsApp पर सलाह देना कोई भी डॉक्टर बहुत ज्यादा पसंद नहीं करता।
परंतु नीचे एक ऐसी लाइन लिखी थी, जिसने मुझे तुरंत response करने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने लिखा था, “भैया, मैं आपका नवोदय का junior हूँ,” और साथ में अपना batch भी लिखा था। मेरे और उनके batch में दस वर्षों से अधिक का अंतर था।
परंतु नवोदय केवल एक स्कूल नहीं, एक emotion है। इसलिए अगर कोई कहता है कि “मैं नवोदय से हूँ”, तो चाहे हमारे बीच दस-पंद्रह वर्षों का फर्क क्यों न हो, कहीं-न-कहीं एक विशेष अपनापन आ जाता है। हो सकता है कि आप उनसे कभी न मिले हों। अपनी व्यस्तता के कारण व्यक्ति अधिकतर लोगों से मिल भी नहीं पाता। परंतु जब यह एक शब्द आता है कि “मैं नवोदय से हूँ”, तो ऐसे WhatsApp message का तुरंत reply करना mandatory हो जाता है।
खैर, मैंने तुरंत reply किया और साथ ही उनसे कहा, “भाई, मरीज को देखना बेहद जरूरी होता है। सिर्फ X-ray पर इलाज करना बहुत सही नहीं होता। आप चाहें तो इन्हें लेकर आ जाइए।”
मुझे लगा था कि वह जगह साढ़े चार सौ किलोमीटर—लगभग चार सौ-पाँच सौ किलोमीटर—दूर है, इसलिए वहाँ से मरीज अक्सर नहीं आते। परंतु एक दिन उन्होंने बिना परेशान किए केवल WhatsApp पर मैसेज किया, “भैया, मैं कल आ रहा हूँ। आप हैं तो appointment दे दीजिए।”
मैंने appointment दे दिया। मुझे लगा कि वे किसी नजदीकी जगह से आ रहे होंगे। परंतु जब उन्होंने दोबारा लिखा, “आप मुझे अपना address भेज दीजिए,” तब मैंने ध्यान से देखा कि वे लगभग साढ़े चार सौ किलोमीटर दूर से आ रहे हैं।
अब मुझ पर pressure था कि मैं इस मरीज को कैसे ठीक करूँ, क्योंकि मरीज में result आना बहुत जरूरी था।
मरीज घुटने के दर्द से परेशान थीं। घुटने का दर्द आजकल लगभग हर दूसरे मरीज को हो रहा है और यह काफी mysterious है। कई बार यह age-related होता है, इसलिए इसे पूरी तरह समझना थोड़ा मुश्किल था।
जब मैंने माताजी का X-ray बहुत ध्यान से देखा, तो मुझे लगा कि वे कुछ वर्षों से परेशान हैं। उन्होंने थोड़ा-बहुत इलाज भी लिया था, परंतु उससे आराम नहीं हुआ। अब मुझ पर बहुत ज्यादा pressure था।
खैर, दूसरे दिन वह आईं। मैंने उनकी पूरी history ली, कुछ दवाइयाँ दीं और उन्हें Hydrozone Therapy दी, जो एक new therapy है और osteoarthritis के लिए काफी effective है।
ऐसे मरीजों का treatment करने के बाद मन में चिंता बनी रहती है, खासकर जब मरीज इतनी दूर से आया हो। लगता रहता है कि इतनी कठिनाई और संकट झेलकर आए मरीज को दर्द में इतना आराम मिल जाए कि उसका आना व्यर्थ न हो।
दूर से आना, डॉक्टर के clinic में समय बिताना, injection लेना और पैसे खर्च करना—ये सब मरीज के लिए एक mental trauma ही है। इसलिए किसी भी डॉक्टर के मन में हमेशा यह खयाल रहता है कि मरीज थोड़ा बेहतर हो जाए। जब ऐसा होता है, तो जो खुशी मिलती है, वह बहुत अच्छी होती है।
मैंने अगले ही दिन उनके बेटे से WhatsApp पर पूछा था, “भाई, मरीज कैसी हैं?”
उन्होंने कहा, “काफी अच्छी हैं। कम-से-कम 90 प्रतिशत आराम हो गया है और पहले से काफी सुधार है।”
मैंने ऊपरवाले को धन्यवाद दिया कि उन्होंने मुझे शोहरत बख्शी।
खैर, चार-पाँच दिन बाद जब वह आईं, तो उन्होंने मुझे भरपूर आशीर्वाद दिया और तभी मैंने यह वीडियो बनाया।
मरीज का भरोसा और चेहरे पर दिखाई देने वाली राहत ही एक चिकित्सक के लिए सबसे बड़ी खुशी होती है। 🙏
यदि आपमें से कोई भी घुटने के दर्द से परेशान है, तो इस Hydrozone Therapy और Needleplasty को apply कर सकता है। यह बहुत अच्छी और बहुत फायदेमंद technique है।
📍 आर्या हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, hazi chowk ring road ,राँची
👨⚕️ डॉ. रूपक कुमार — ऑर्थोपेडिक सर्जन
यह एक मरीज का व्यक्तिगत अनुभव है। प्रत्येक मरीज की बीमारी और उपचार का परिणाम अलग हो सकता है।यदि आप घुटने के दर्द से परेशान हैं, तो विशेषज्ञ द्वारा जाँच के बाद यह तय किया जा सकता है कि Hydrozone Therapy या Needleplasty आपके लिए उपयुक्त है या नहीं।