Dirghayu Nirogiye Ayurveda

Dirghayu Nirogiye Ayurveda Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Dirghayu Nirogiye Ayurveda, Medical and health, Ward No. 9 Ambedkar Park khera Rudrapur, Rudrapur.

DIRGHAYU NIROGIYA AYURVEDA आयुर्वेद "जीवन का विज्ञान" है, जो प्राचीन भारत की एक संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन पर केंद्रित है,और इसके लिए खान-पान, जीवनशैली व जड़ी-बूटियों का उपयोग करके प्राकृतिक तरीकों से उपचार करती है

05/06/2026

प्रकति आयुर्वेद महिलाओं के लिए आयुर्वेद उपचार और फायदे :

1। शतावरी (Shatavari)हार्मोनल संतुलन: महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य और हार्मोनल संतुलन के लिए यह सर्वोत्तम मानी जाती है ।पाचन और कमजोरी: पेट के अल्सर, एसिडिटी को शांत करती है और शारीरिक कमजोरी दूर करती है

2. अश्वगंधा (Ashwagandha)तनाव मुक्ति: यह शरीर के तनाव (Cortisol) को कम करके नसों को शांत करती है और नींद की गुणवत्ता सुधारती है(ऊर्जा और स्टैमिना: शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाकर ऊर्जा और सहनशक्ति (Stamina) का निर्माण करती है

3. अर्जुन की छाल (Arjuna Bark)हृदय स्वास्थ्य: इसे आयुर्वेद में हृदय का रक्षक माना गया है 1.1.2 । यह कोलेस्ट्रॉल को कम करती है, नसों का ब्लॉकेज साफ़ करती है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखती है।

4. पुनर्नवा (Punarnava)किडनी और लिवर: यह शरीर से विषैले पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालकर किडनी और लिवर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है।सूजन कम करना: शरीर में पानी रुकने या सूजन की समस्या में बहुत फायदेमंद है।

5. हल्दी (Turmeric)एंटी-इंफ्लेमेटरी: इसमें सूजन-रोधी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो अंदरूनी घाव भरने, दर्द कम करने और संक्रमण से बचाते हैं।इम्युनिटी: खून साफ करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है

6. लौंग (Clove)दांत और पेट: दांत के दर्द और मसूड़ों की समस्याओं में रामबाण है।पाचन: पाचन शक्ति को बढ़ाती है, गैस/एसिडिटी से राहत देती है 1.1.2 और खांसी-जुकाम में आराम देती है 1.1.3।

7. आंवला (Amla)विटामिन सी का भंडार: शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है(त्वचा और बाल: पाचन क्रिया में सुधार, त्वचा में चमक और बालों को स्वस्थ रखने के लिए उत्तम है(यदि आप इन औषधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहते हैं, तो क्या आप बता सकते हैं:आपकी मुख्य स्वास्थ्य समस्या या लक्ष्य क्या है (जैसे- तनाव, पाचन, हृदय स्वास्थ्य या वजन)?क्या आपको पहले से हाई/लो ब्लड प्रेशर या शुगर जैसी कोई समस्या है?मैं आपको इनके सटीक संयोजन और सेवन की विधि बता सकता हूँ।

18/05/2026

आयुर्वेद में अर्क (Distillate) जड़ी-बूटियों के सबसे शुद्ध, सांद्रित और आसानी से पचने वाले रूपों में से एक हैं। वे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, पाचन तंत्र को दुरुस्त करते हैं, और बीमारियों को जड़ से खत्म करने में सहायता करते हैं। विभिन्न आयुर्वेदिक अर्क और उनके प्रमुख स्वास्थ्य लाभों की सूची निम्नलिखित है :1. तुलसी अर्क (Tulsi Ark)फायदे: सर्दी, खांसी, और गले के संक्रमण में रामबाण है। यह प्राकृतिक रूप से इम्यूनिटी बूस्टर है, तनाव कम करता है और वायरल बुखार से बचाता है।
2. गिलोय अर्क (Giloy Ark)फायदे: इसे 'अमृता' भी कहा जाता है। यह सभी प्रकार के बुखार (जैसे डेंगू, मलेरिया), डायबिटीज, और कमजोरी को दूर करने में बेहद असरदार है।

3. नीम अर्क (Neem Ark)फायदे: रक्त को शुद्ध करता है, जिससे त्वचा साफ और चमकदार होती है। यह मुंहासे, एक्जिमा, और पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद करता है।
4. आंवला अर्क (Amla Ark)फायदे: विटामिन-सी से भरपूर, जो बालों और त्वचा के लिए अमृत समान है। यह पाचन सुधारने और आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी कारगर है।
5. एलोवेरा अर्क (Aloe Vera Ark)फायदे: शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है (विषाक्त पदार्थ बाहर निकालता है)। कब्ज दूर करता है और पेट की जलन व एसिडिटी में राहत देता है।
6. अश्वगंधा अर्क (Ashwagandha Ark)फायदे: शारीरिक और मानसिक ताकत बढ़ाता है। तनाव, चिंता (anxiety), और अनिद्रा को दूर करने में बहुत प्रभावी है।
7. ब्राह्मी अर्क (Brahmi Ark)फायदे: मस्तिष्क टॉनिक है। याददाश्त बढ़ाता है, ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है, और मानसिक थकान को मिटाता है।
8. अर्जुन अर्क (Arjun Ark)फायदे: हृदय (Heart) के लिए सबसे उत्तम औषधि है। यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, रक्तचाप को नियंत्रित रखता है, और दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
9. पोदीना अर्क (Pudina Ark)फायदे: पाचन क्रिया को मजबूत करता है। गैस, एसिडिटी, पेट फूलना, और उल्टी जैसी समस्याओं में तुरंत राहत देता है।
10. त्रिफला अर्क (Triphala Ark)फायदे: शरीर का कायाकल्प करता है। कब्ज को दूर करता है, वजन नियंत्रित करने में मददगार है और शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकालता है।
11. सौंफ अर्क (Saunf Ark)फायदे: पेट दर्द, अपच और दस्त में बहुत फायदेमंद है। यह पाचन शक्ति बढ़ाता है और मुंह की दुर्गंध भी दूर करता है।
12. मुलेठी अर्क (Mulethi Ark)फायदे: गले की खराश, खांसी, और ब्रोंकाइटिस में आराम देता है। पेट के अल्सर और एसिडिटी को ठीक करने में भी मदद करता है।
13. करेला अर्क (Karela Ark)फायदे: रक्त शर्करा (Blood Sugar) के स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे यह शुगर (डायबिटीज) के मरीजों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि है।

नोट:अर्क आमतौर पर पानी में मिलाकर (लगभग 5-10 बूंद एक गिलास गुनगुने पानी में) खाली पेट लेना सबसे अच्छा होता है।सभी के शरीर की तासीर अलग होती है, इसलिए किसी भी अर्क को लंबे समय तक नियमित रूप से उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

23/04/2026

धूतपापेश्वर अम्लपित्त मिश्रण (Dhootapapeshwar Amlapitta Mishran) एक प्रभावी आयुर्वेदिक सिरप है, जो मुख्य रूप से एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस, खट्टी डकार, मतली, और छाती में जलन के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह पित्त को संतुलित कर पाचन क्रिया को सुधारता है और पेट की परत को शांत करता है।
Nirogiye Ayurveda
अम्लपित्त मिश्रण के मुख्य घटक और लाभ:
आंवला, गिलोय, हरीतकी: पाचन में सुधार करते हैं।
यष्टिमधु (मुलेठी): पेट की जलन कम करती है।
वासा, गुडुची, निंबा: पित्त दोष को शांत करते हैं और जलन (Heartburn) कम करते हैं।
Dirghayu Nirogiye Ayurveda
उपयोग और खुराक:
खुराक: आमतौर पर 1 से 2 चम्मच (10-20 ml) दिन में 2-3 बार, भोजन से पहले।
सेवन विधि: इसे सीधे या बराबर मात्रा में पानी के साथ लिया जा सकता है, या चिकित्सक के निर्देशानुसार।

सावधानी और टिप्स:
कफ या पित्त की अधिकता के दौरान इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श करें।
दवा के सेवन के दौरान तेज गंध वाली चीजें जैसे कॉफी, प्याज, लहसुन से बचें।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए।
Nirogiye Ayurveda
अस्वीकरण: यह जानकारी उद्देश्यों के लिए है। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
YouTube https://youtu.be/2Bs81D7hE7M?si=Pq9d7beZz6wI3Ptt

Acidity









#पेटकीसमस्या





#अम्लपित्त

20/04/2026

Netra Tarpana is a specialized Ayurvedic treatment involving the application of lukewarm medicated ghee around the eyes to provide deep nourishment, lubrication, and rejuvenation. It reduces eye strain, treats dry eyes, corrects vision issues, and prevents degenerative eye conditions, acting as a potent "eye nourishment" therapy, commonly used for digital strain.

Key Aspects of Netra Tarpana:
The Procedure: A dam or rim made of black gram dough is created around the eye socket, filled with warm, medicated ghee, allowing the patient to blink while submerged.
Benefits:
Relieves Strain: Ideal for computer vision syndrome, pain, and fatigue.
Lubrication: Effectively treats dry eye syndrome and chronic conjunctivitis.
Vision Improvement: Said to improve vision, reduce dark circles, and assist with degenerative issues like macular degeneration, glaucoma, and initial cataract stages.
Soothing: Calms the mind and helps improve sleep quality.
Indications: It is beneficial for refractive errors, burning sensations, corneal ulcers, and eye diseases linked to Vata and Pitta imbalances.

This therapy is usually done over several sessions as part of a therapeutic plan to cleanse and nourish the eye tissues.
Core: , , , ,
, , , , ,
/ : , , , ,


18/04/2026

चरक एम2 टोन टैबलेट (Charak M2 Tone Tablet) एक आयुर्वेदिक औषधि है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म (Irregular Periods), भारी ब्लीडिंग (Heavy Bleeding), और पीरियड्स के दौरान दर्द के इलाज के लिए किया जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने, गर्भाशय को स्वस्थ बनाने और प्रजनन क्षमता बढ़ाने में सहायक है।
dirghayunirogiyeayurveda
M2 Tone Tablet के प्रमुख उपयोग (Uses in Hindi):
अनियमित मासिक धर्म: पीरियड्स का समय पर न आना या देरी से आना।
भारी या ज्यादा ब्लीडिंग (Menorrhagia): पीरियड्स के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव।
पीरियड्स में दर्द (Dysmenorrhea): पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन।
हार्मोनल असंतुलन: शरीर में हार्मोन के स्तर को संतुलित करना।
प्रजनन क्षमता में सुधार: गर्भाशय की परत को मजबूत कर गर्भधारण में मदद करना।
पीसीओएस (PCOS/PCOD): पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में सहायक।
मानसिक तनाव कम करना: पीरियड्स के समय होने वाले मूड स्विंग और कमजोरी को कम करना।
dirghayunirogiyeayurveda
मुख्य घटक (Ingredients):
इसमें अशोक (सूजन कम करने वाला), जटामांसी (तनाव कम करने वाली), लोधरा (गर्भाशय को स्वस्थ रखने वाला) और शतावरी (हार्मोनल संतुलन) जैसी जड़ी-बूटियां शामिल हैं।
dirghayunirogiyeayurveda
खुराक (Dosage):
सामान्य तौर पर, 1-2 टैबलेट दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ ली जा सकती है। बेहतर परिणामों के लिए इसे 3-6 महीने तक लेने की सलाह दी जाती है।
dirghayunirogiyeayurveda
सावधानी (Precautions):
यह एक आयुर्वेदिक दवा है, लेकिन फिर भी इसे डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर ही लेना बेहतर है।
गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन न करें।

अस्वीकरण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

16/04/2026

आयुर्वेद में अदरक का काढ़ा (Ginger Tea/Kadha) पाचन में सुधार, सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी विकारों के लिए एक अचूक औषधि है। यह शरीर में कफ को कम करता है, अग्नि (डाइजेस्टिव फायर) को बढ़ाता है, सूजन कम करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह मतली, जोड़ों के दर्द और वात-कफ रोगों में विशेष रूप से फायदेमंद है।
YouTube
‪‬​ l
आयुर्वेदिक अदरक काढ़े के प्रमुख लाभ:
पाचन शक्ति (अग्नि दीपन): अदरक काढ़ा अपच, गैस, पेट फूलना और ब्लोटिंग को कम करता है। यह पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करता है।
सर्दी-खांसी और श्वसन तंत्र: यह कफ को बाहर निकालने, गले की खराश और अस्थमा के लक्षणों में राहत देने में सहायक है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): इसमें एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो मौसमी बीमारियों से बचाते हैं।
दर्द और सूजन में राहत: जोड़ों के दर्द (गठिया) और शरीर की सूजन को कम करने में यह बहुत प्रभावी है।
मतली (Nausea): सुबह की मतली, उल्टी या मोशन सिकनेस में इसका सेवन फायदेमंद है।
Facebook
‪‬​ ll
काढ़ा बनाने की विधि:
एक से दो इंच अदरक को कूट लें।
इसे 1-2 कप पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए।
इसमें शहद या थोड़ा सा गुड़ मिलाकर पिएं।


सावधानी: बहुत अधिक मात्रा में या खाली पेट सेवन न करें, क्योंकि इससे एसिडिटी हो सकती है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि:
सर्दी-खांसी के अलावा किन बीमारियों में यह काढ़ा सबसे ज्यादा काम आता है?
इसे शहद के साथ या बिना शहद के, कब बेहतर परिणाम मिलते हैं?
इसे बच्चों को किस मात्रा में दिया जाना चाहिए?l

​ ​ ​ ​ ​ ​ ​

15/04/2026

अश्वगंधा आंवला के साथ शहद शिलाजीत केसर बादाम के साथ मिश्री कमजोरी के फायदे

Dirghayu Nirogiye ayurveda
अश्वगंधा, आंवला, शहद, शिलाजीत, केसर, बादाम और मिश्री का मिश्रण शारीरिक कमजोरी, थकान, और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए एक अत्यंत शक्तिशाली आयुर्वेदिक टॉनिक है। यह मिश्रण इम्यूनिटी बढ़ाता है, टेस्टोस्टेरोन बढ़ाता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है, और ऊर्जा (energy) को पुनर्स्थापित करता है। यह मिश्रण मुख्य रूप से कमजोरी और यौन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।
Dirghayu Nirogiye ayurveda
मुख्य फायदे:
कमजोरी और थकान दूर करें: अश्वगंधा और शिलाजीत मिलकर शारीरिक कमजोरी और थकान को दूर करते हैं और ऊर्जा का स्तर बढ़ाते हैं।
शक्ति और सहनशक्ति (Stamina) में वृद्धि: बादाम और शिलाजीत शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, जो जिम जाने वाले या एथलीटों के लिए बेहतरीन है।
यौन स्वास्थ्य में सुधार: शिलाजीत और केसर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को संतुलित करने और फर्टिलिटी में सुधार करने में मदद करते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो संक्रमण से लड़ने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
तनाव और चिंता: अश्वगंधा स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करने में सहायक है।
हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती: यह संयोजन शरीर की आंतरिक मजबूती को बढ़ाता है।
Dirghayu Nirogiye ayurveda
सेवन विधि:
आंवला पाउडर (1 चम्मच), अश्वगंधा चूर्ण (1/2 चम्मच), एक चुटकी केसर, और 3-4 भीगे हुए बादाम के पेस्ट को एक चम्मच शहद और थोड़ी मिश्री के साथ मिलाएं।
इसके साथ मटर के दाने के बराबर शिलाजीत को गुनगुने दूध के साथ रात को सोने से पहले या सुबह खाली पेट ले सकते हैं।
Dirghayu Nirogiye ayurveda
सावधानी:
इसके सेवन से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें, क्योंकि कुछ लोगों के लिए शिलाजीत का गलत सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
Dirghayu Nirogiye ayurveda
आप इस मिश्रण का उपयोग कितने समय से कर रहे हैं या किसी विशिष्ट कमजोरी के लिए इसे शुरू करना चाहते हैं? मैं आपके लिए खुराक को और बेहतर बना सकता हूँ।

13/04/2026

गर्मी में हाथ-पैरों की सूजन और जलन से राहत पाने के लिए एलोवेरा जेल, चंदन, और गुलाब जल का लेप बहुत कारगर हैं, जो त्वचा को ठंडक देते हैं। बर्फ की सिकाई सूजन कम करती है और खीरा जलन में राहत देता है। नीम के पानी से धोना भी संक्रमण और गर्मी से राहत देता है।

राहत के लिए प्रमुख उपाय:

1▪️एलोवेरा जेल (Aloe Vera Gel): ताज़ा एलोवेरा जेल सीधे प्रभावित त्वचा पर लगाने से जलन और सूजन में तुरंत आराम मिलता है और यह त्वचा को नमी देता है।

2▪️चंदन और गुलाब जल लेप: चंदन पाउडर में गुलाब जल मिलाकर लेप बनाएं और इसे जलन वाले हिस्सों पर लगाएं। यह शरीर की गर्मी को कम करने और जलन से राहत देने में बहुत प्रभावी है।

3▪️नीम के पत्ते: नीम की पत्तियों का लेप या नीम के पानी से हाथ-पैर धोने से जलन और सूजन कम होती है।

4▪️खीरे का उपयोग: खीरे का रस या खीरे के स्लाइस को प्रभावित जगह पर लगाने से ठंडक मिलती है और त्वचा की जलन शांत होती है।

5▪️बर्फ की सिकाई (Ice Therapy): एक कपड़े में बर्फ के टुकड़े लेकर सिकाई करने से सूजन कम होती है और जलन में राहत मिलती है।
अन्य उपाय: ठंडे पानी में पैर भिगोना, नारियल तेल से मालिश करना, और सेंधा नमक के पानी का उपयोग करना भी फायदेमंद है।
Facebook

सावधानी: यदि जलन या सूजन बहुत अधिक है, या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

03/04/2026

आयुर्वेदिक आसव-अरिष्ट और क्वाथ (काढ़ा) जड़ी-बूटियों के किण्वित (fermented) तरल रूप हैं, जो पाचन, श्वसन, कमजोरी, त्वचा रोगों, बवासीर, और गठिया जैसे रोगों के इलाज में प्रभावी हैं। ये शरीर को डिटॉक्सिफाई करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
Dirghayu Nirogiye Ayurveda

प्रमुख आसव-अरिष्ट और उनके उपयोग:

अभयारिष्ट (Abhayarishta): कब्ज (constipation), बवासीर (piles), और पाचन विकारों के लिए सबसे प्रसिद्ध।

अश्वगंधारिष्ट (Ashwagandharishta): मानसिक कमजोरी, तनाव, शारीरिक दुर्बलता और जोड़ों के दर्द में कारगर।

दशमूलारिष्ट (Dashmoolarishta): प्रसव के बाद की कमजोरी, पाचन समस्याओं, और प्रदर रोगों में बेहद फायदेमंद।

खदिरारिष्ट (Khadirarishta): त्वचा रोग, मुंहासे, दाग-धब्बे और रक्त को शुद्ध करने के लिए।

कुटजारिष्ट (Kutjarishta): पेचिश (dysentery), दस्त (diarrhoea), और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए।

द्रोक्षारिष्ट (Draksharishta): कमजोरी, एनीमिया, खांसी और सांस संबंधी रोगों में उपयोगी।

पिप्पल्यासव (Pippalyasava): पाचन की कमी (मंदाग्नि), पेट की गैस, और पुरानी खांसी।

Nirogiye Ayurveda

मुख्य बिंदु:

कैसे काम करते हैं: ये सीधे शरीर के पाचन तंत्र (Agni) को सुधारते हैं और पोषक तत्वों के अवशोषण (absorption) को बढ़ाते हैं।

उपयोग: आम तौर पर, 15-30 मिलीलीटर (1-2 बड़े चम्मच) बराबर मात्रा में पानी मिलाकर भोजन के बाद लिया जाता है।

सावधानी: उपयोग करने से पहले किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह जरूर लें, खासकर अगर आपको मधुमेह (डायबिटीज) हो क्योंकि इनमें गुड़ या शहद का उपयोग होता है।
Nirogiye Ayurveda


31/03/2026

दीर्घायु (लंबी उम्र) के लिए प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ अश्वगंधा (तनाव प्रबंधन), आंवला (एंटीऑक्सीडेंट), गिलोय (प्रतिरक्षा), शतावरी (कायाकल्प), और ब्राह्मी (मस्तिष्क स्वास्थ्य) हैं, जो च्यवनप्राश जैसे रसायनों में उपयोग होती हैं। ये जड़ी-बूटियाँ कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने, तनाव कम करने और प्रतिरक्षा बढ़ाकर बुढ़ापे को धीमा करती हैं।

#दीर्घायु_निरोग्य_आयुर्वेदा

दीर्घायु के लिए प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ

अश्वगंधा: तनाव (कोर्टिसोल) को कम करने और ऊर्जा बढ़ाने के लिए (भारतीय जिनसेंग)।

आंवला: विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, जो कायाकल्प (Rejuvenation) का काम करता है।

गिलोय (अमृता): प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए।

शतावरी: शारीरिक शक्ति और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए।

ब्राह्मी: मानसिक स्पष्टता और स्मृति तेज करने के लिए।

त्रिफला: पाचन को दुरुस्त करने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए।

गोक्षुर: शारीरिक कमजोरी दूर करने और यूरिनरी हेल्थ के लिए।

तुलसी: तनाव को कम करने और सूजन को कम करने के लिए।

#दीर्घायु_निरोग्य_आयुर्वेदा



नोट: जड़ी-बूटियों का सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक (वैद्य) से परामर्श अवश्य लें।

Address

Ward No. 9 Ambedkar Park Khera Rudrapur
Rudrapur
263153

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dirghayu Nirogiye Ayurveda posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Dirghayu Nirogiye Ayurveda:

Shortcuts

Share