09/06/2026
*जहरीले सांप के काटने से बिगड़ी हालत, एम्स अस्पताल में समय पर उपचार से बची मरीज की जान*
अजीतगढ़ क्षेत्र के लिसाड़िया गांव निवासी प्रभात राम सैनी (45 वर्ष) की जान समय पर मिले चिकित्सकीय उपचार से बच गई। जानकारी के अनुसार 31 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे प्रभात राम सैनी अपने घर पर सो रहे थे। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उनके पैर की उंगली पर काट लिया। सांप के काटते ही पैर में तेज दर्द, सूजन एवं बेचैनी शुरू हो गई, जिससे परिजन चिंतित हो गए।
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने बिना समय गंवाए उन्हें उपचार के लिए एम्स अस्पताल, अजीतगढ़ पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार शुरू किया। आवश्यक जांचें कर मरीज को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
एम्स अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पूरणमल सैनी के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने मरीज का उपचार शुरू किया। मरीज को एंटी-स्नेक वेनम सहित आवश्यक दवाइयां एवं इंजेक्शन दिए गए। लगातार निगरानी एवं उपचार के चलते मरीज की स्थिति में सुधार होने लगा तथा पैर की सूजन और दर्द में उल्लेखनीय कमी आई।
स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद मरीज की विभिन्न रक्त संबंधी जांचें करवाई गईं, जिनकी रिपोर्ट सामान्य एवं संतोषजनक पाई गई। चिकित्सकों ने मरीज को लगातार तीन दिनों तक निगरानी में रखकर उपचार जारी रखा। इस दौरान किसी प्रकार की गंभीर जटिलता सामने नहीं आई और मरीज की स्थिति लगातार बेहतर होती गई।
तीन दिन तक सफल उपचार एवं चिकित्सकीय देखरेख के बाद मरीज को पूरी तरह खतरे से बाहर बताते हुए अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वर्तमान में मरीज का स्वास्थ्य सामान्य है।
इस संबंध में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पूरणमल सैनी ने बताया कि सांप के काटने के मामलों में समय पर चिकित्सकीय उपचार ही जीवन बचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार लें।
एम्स अस्पताल के निदेशक मुकेश यादव एवं राजेंद्र यादव ने चिकित्सकीय टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अस्पताल में आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के लिए अनुभवी चिकित्सक एवं स्टाफ सदैव तत्पर रहते हैं।
उपचार में अस्पताल के डॉ. ओ.पी. वर्मा, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अर्चना चौधरी, डॉ. सुरज्ञान यादव, डॉ. पृथ्वीपाल सैनी सहित नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ का विशेष योगदान रहा। नर्सिंग स्टाफ राजवीर यादव दिवराला,हरिराम यादव, कमलेश गुर्जर जुगराजपुरा, के.के. चाहर, दिनेश कुमार यादव, सिद्धराज यादव, सचिन बुनकर, नवीन बुनकर एवं अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी मरीज की देखभाल एवं उपचार व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मरीज प्रभात राम सैनी एवं उनके परिजनों ने सफल उपचार के लिए वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पूरणमल सैनी, चिकित्सकीय टीम, HR सांवर मल सैनी एवं अस्पताल निदेशक मंडल तथा एम्स अस्पताल के समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए अस्पताल की सेवाओं की सराहना की।