12/06/2026
Osteoarthritis knee/घुटने का ऑस्टियोआर्थराइटिस :-
एक प्रगतिशील अपक्षयी जोड़ रोग है जिसमें हड्डियों के सिरों पर मौजूद सुरक्षात्मक उपास्थि घिस जाती है।
इससे दर्द, अकड़न और सूजन होती है, जिसके कारण अक्सर हड्डियां आपस में रगड़ खाती हैं।
हालांकि इसका कोई इलाज नहीं है, लेकिन जीवनशैली में बदलाव, फिजियोथेरेपी और दवाओं से लक्षणों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है और रोग की प्रगति को धीमा किया जा सकता है।
ध्यान देने योग्य लक्षण:-
i.)दर्द
ii.) अकड़न
iii.) गतिशीलता में कमी
यांत्रिक लक्षण:-
कारण और जोखिम कारकऑस्टियोआर्थराइटिस को आमतौर पर घिसाव और टूट-फूट से संबंधित स्थिति माना जाता है।
इसके प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं:
आयु: 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में जोखिम काफी बढ़ जाता है।
वजन: अधिक वजन या मोटापे से घुटनों जैसे भार वहन करने वाले जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
जोड़ों की चोट: पहले हुए फ्रैक्चर, लिगामेंट फटना या मेनिस्कस में क्षति।
आनुवंशिकी: वंशानुगत जोड़ों की असामान्यताएं या उपास्थि संबंधी दोष।
प्रबंधन एवं उपचाररोग की अवस्था और दर्द की गंभीरता के आधार पर उपचार अत्यधिक व्यक्तिगत होते हैं:
1. जीवनशैली एवं शारीरिक चिकित्साव्यायाम:
कम प्रभाव वाली गतिविधियाँ (तैराकी, साइकिल चलाना, चलना) घुटने को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूत करती हैं, जिससे जोड़ों पर भार कम होता है।
वजन प्रबंधन: अतिरिक्त वजन कम करने से घुटने के जोड़ पर दबाव सीधे कम हो जाता है।फिजियोथेरेपी: इसका मुख्य उद्देश्य गति की सीमा में सुधार करना और पैरों की विशिष्ट ताकत का निर्माण करना है।
2. दवाएँ और गैर-सर्जिकल विकल्पदर्द निवारक दवाएं:
NSAIDs (इबुप्रोफेन, नेप्रोक्सन) या एसिटामिनोफेन।
त्वचा पर लगाने वाले उपचार: कैप्साइसिन या औषधीय क्रीम सीधे त्वचा पर लगाई जाती हैं।
इंजेक्शन: लक्षित दर्द निवारण के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन या हाइल्यूरोनिक एसिड (विस्कोसप्लीमेंटेशन)।
3. शल्य चिकित्सा विकल्प:-
आर्थ्रोस्कोपी: (अक्सर प्रारंभिक चरणों में)।
ओस्टियोटॉमी
घुटने की आर्थ्रोप्लास्टी: आंशिक या पूर्ण घुटने का प्रतिस्थापन!
👨⚕️डॉ नीरज राज
👩⚕️ डॉ शोभा कुमारी
📍 रामकली मेमोरियल हॉस्पिटल;सीतामढ़ी
📞 070503 15947