18/07/2026
हमारा काम था, है और रहेगा—मानव सेवा।
कोविड का वह भयावह दौर...
जब अपने ही अपनों से दूर भाग रहे थे।
जब कई लोग अपने बीमार परिजनों को अस्पताल में छोड़कर लौट जाते थे।
जब कई परिवार अंतिम बार अपने प्रियजनों का चेहरा देखने तक की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे।
उस कठिन समय में डॉक्टर ही मरीजों का परिवार थे।
मनीषा हॉस्पिटल के CMD, डॉ. बिपिन कुमार सिंह, उस समय IGIMS पटना में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। कोविड ड्यूटी के दौरान वे स्वयं भी कई बार कोविड संक्रमित हुए, लेकिन स्वस्थ होते ही फिर से पीपीई किट पहनकर मरीजों की सेवा में लौट गए। क्योंकि उनके लिए सबसे पहले मरीज की जान थी।
आज कुछ लोग, जो उस कठिन दौर में घरों में सुरक्षित बैठे थे, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर बैठकर डॉक्टरों पर उंगली उठाने में व्यस्त हैं।
याद रखिए—आलोचना करना आसान है, लेकिन संकट की घड़ी में अपनी जान जोखिम में डालकर किसी अनजान की जान बचाना हर किसी के बस की बात नहीं होती।
जो लोग केवल शोर मचाते हैं, वे अपना काम करते रहेंगे।
हमारा काम था, है और रहेगा—मानव सेवा।
डॉ. बिपिन कुमार सिंह
CMD, मनीषा हॉस्पिटल
दरौली रोड, मैरवा धाम, सिवान
"कम जाँच, सटीक इलाज"
DrVipin Singh DrManisha Singh