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24/05/2026

31 मई को राहु शतभिषा नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश 6 जातकों के लिए किसी वरदान से कम
करियर में उछाल: नौकरीपेशा लोगों को इस अवधि में प्रमोशन या पदोन्नति की खुशखबरी मिल सकती है. जो लोग लंबे समय से नई नौकरी की तलाश में हैं,

2. तुला राशि (Libra)
तुला राशि के जातकों के लिए राहु का यह नक्षत्र परिवर्तन तरक्की के नए द्वार खोलने जा रहा
नई जिम्मेदारियां: कार्यक्षेत्र पर आपको नई और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, जो आपके करियर को नई ऊंचाई

आर्थिक मजबूती: आपकी वित्तीय स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा.  फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है और पैतृक संपत्ति से भी लाभ होने के प्रबल
पारिवारिक जीवन: पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आएगी और आपसी तालमेल बेहतर होगा. प्रेम जीवन में भी खुशहाली
3. कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि वालों के लिए राहु का शतभिषा नक्षत्र के पहले पद में जाना बेहद खास रहने वाला
मेहनत का फल: आप लंबे समय से जिस सफलता और पहचान का इंतजार कर रहे थे, वह अब आपक

17/05/2026

26/04/2026

आज के दौर में एक सच्चा और भरोसेमंद साथी मिलना किसी तोहफे से कम नहीं है। अक्सर हम रिश्तों में धोखे से डरते हैं, लेकिन ज्योतिष शास्त्र इस मामले में हमारी मदद कर सकता है। ऐसा कहा जाता है कि ग्रहों की स्थिति और राशियों के तत्व व्यक्ति के स्वभाव को गहराई से प्रभावित करते हैं। बारह राशियों में से 3 राशियां ऐसी हैं, जिन्हें वफादारी की मिसाल माना जाता है। अगर आपके जीवन में इन राशियों के लोग हैं, तो आप खुद को भाग्यशाली समझ सकते हैं।
वृषभ राशि (Ta**us)
वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है और इसका तत्व पृथ्वी है। पृथ्वी तत्व होने के कारण इस राशि के लोग बहुत ही जमीन से जुड़े और स्थिर स्वभाव के होते हैं। दोस्ती या प्यार के मामले में ये लोग एक बार हाथ थाम ले, तो उम्रभर साथ निभाते हैं। मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी ये अपनों के साथ चट्टान की तरह खड़े रहते हैं। इनका भरोसा जीतना थोड़ा कठिन हो सकता है, लेकिन एक बार जब ये आप पर विश्वास कर लेते हैं, तो उसे जीवन भर निभाते हैं।
कर्क र�

20/04/2026

Hanuman Kavach is a protective devotional hymn (Raksha Mantra Stotra) composed in praise of Lord Hanuman. It is believed that reciting or listening to it protects a person from negative energies, fear, obstacles, and life difficulties.

It is called a “Kavach” (shield) because it is believed to act like a spiritual shield for the devotee.
Just as armor protects the body, Hanuman Kavach is believed to protect the mind, soul, and life from negative influences and unseen obstacles.

Believed Benefits of Hanuman Kavach:
Protection from fear and negative energy
Increase in courage and self-confidence
Relief from the malefic effects of Saturn and Mars
Mental peace and protection from troubles

Those who recite Hanuman Kavach regularly believe that it is a powerful way to receive Lord Hanuman’s blessings, protection, and strength

20/04/2026

Hanuman Kavach is a protective devotional hymn (Raksha Mantra Stotra) composed in praise of Lord Hanuman. It is believed that reciting or listening to it protects a person from negative energies, fear, obstacles, and life difficulties.

It is called a “Kavach” (shield) because it is believed to act like a spiritual shield for the devotee.
Just as armor protects the body, Hanuman Kavach is believed to protect the mind, soul, and life from negative influences and unseen obstacles.

Believed Benefits of Hanuman Kavach:
Protection from fear and negative energy
Increase in courage and self-confidence
Relief from the malefic effects of Saturn and Mars
Mental peace and protection from troubles

Those who recite Hanuman Kavach regularly believe that it is a powerful way to receive Lord Hanuman’s blessings, protection, and strength

18/04/2026

अक्षय तृतीया का दिन अत्यंत ही शुभ माना जाता है। कहते हैं इस दिन किये जाने वाले पुण्य कर्मों का फल कभी समाप्त नहीं होता। यही कारण है कि इस दिन लोग दान-पुण्य के कार्य जरूर करते हैं। इसके अलावा ये दिन खरीदारी के लिए भी बेहद शुभ माना गया है। कहते हैं इस दिन खरीदी गई वस्तु में कई गुना वृद्धि होती है। बता दें इस साल ये पावन पर्व 19 अप्रैल को मनाया जा रहा है। यहां हम आपको कुछ ऐसे खास उपायों के बारे में बताएंगे जिन्हें अक्षय तृतीया के दिन करने से किस्मत पलटते देर नहीं लगती। यदि आप आर्थिक तंगी, कर्ज या फिर नौकरी को लेकर परेशान हैं तो इस दिन चुपचाप इन 5 उपायों को जरूर करें।
अगर पैसा आपके पास टिक नहीं रहा है तो धन की स्थिरता के लिए लाल कपड़े में थोड़ा सा चावल और एक साबुत हल्दी की गांठ बांध लें। इस पोटली को अक्षय तृतीया की पूजा के समय मां लक्ष्मी के चरणों में रखें। इसके बाद इसे तिजोरी में रखें या फिर पूजा स्थान पर ही रहने दें। कहते हैं इस उपाय को करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए अक्षय तृतीया के दिन 11 कौड़ियों को लाल कपड़े में बांधकर पूजा स्थान में रखें। कहते हैं इस उपाय को करने से भी धन से जुड़ी दिक्कतें दूर हो जाती हैं।
अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी की पूजा में केसर और हल्दी का प्रयोग जरूर करें। इससे धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।
इस दिन पितरों की कृपा पाने के लिए ब्राह्मणों या जरूरतमंद लोगों को घड़ा, पंखा, छाता, चप्पल, सत्तू, चीनी, घी, खरबूजा या खीरा का दान जरूर करें। कहते हैं इससे पितृ दोष से राहत मिल जाती है।
अक्षय तृतीया पर धनिया के बीज जरूर खरीदें। फिर इसे मां लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करें और पूजा के बाद इन बीजों को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। कहते हैं ऐसा करने से तरक्की के रास्ते खुलते हैं।

16/04/2026

कान छेदन संस्कार हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। इसे बच्चे के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार यह संस्कार ग्रहों के दोष को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में सहायक होता है।
🔷 ज्योतिषीय महत्व
कान छेदन से बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ती है
यह राहु और केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है
शरीर के एक्यूप्रेशर पॉइंट सक्रिय होते हैं
बच्चे को नजर दोष और बुरी ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है
🔶 सही समय (मुहूर्त)

कान छेदन हमेशा शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए:

✔️ उपयुक्त उम्र:
6 महीने से 1 वर्ष
या 3, 5, 7 वर्ष (विषम वर्ष शुभ माने जाते हैं)
✔️ शुभ दिन:
सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार
✔️ शुभ नक्षत्र:
अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, अनुराधा, श्रवण
❌ किन समयों में न करें:
अमावस्या
ग्रहण काल
अशुभ योग या भद्रा काल
🔷 कान छेदन संस्कार विधि (Step-by-Step)
गणेश पूजन से शुरुआत करें
भगवान श्री गणेश का पूजन करें ताकि सभी बाधाएं दूर हों
बच्चे को मां की गोद में बैठाएं
बच्चे को शांत और सुरक्षित रखें
दाहिने कान से शुरुआत
लड़कों का पहले दाहिना कान
लड़कियों का पहले बायां कान छेदा जाता है
सोने या चांदी की सुई का उपयोग
शुद्ध धातु का प्रयोग करना शुभ माना जाता है
मंत्र उच्चारण
“ॐ कर्णवेधाय नमः” मंत्र का जाप करें
छेदन के बाद हल्दी या एंटीसेप्टिक लगाएं
संक्रमण से बचाव के लिए
🔶 विशेष ज्योतिष उपाय
छेदन के बाद बच्चे को सोने या चांदी की बाली पहनाएं
यदि कुंडली में राहु-केतु दोष हो तो यह संस्कार और भी जरूरी हो जाता है

15/04/2026

मां बगलामुखी जयंती पर पूजा करने की विधि बहुत विशेष और प्रभावशाली मानी जाती है। इस दिन सही नियम और भावना से की गई पूजा शत्रु बाधा, कोर्ट केस और नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने में मदद करती है।

🔱 मां बगलामुखी जयंती पूजा विधि (Step-by-Step)
🌅 1. सुबह की तैयारी
ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठें
स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें
पूजा स्थान को साफ करके पीला कपड़ा बिछाएं
🪔 2. मां का आह्वान
मां बगलामुखी की फोटो/प्रतिमा स्थापित करें
घी का दीपक जलाएं
धूप और अगरबत्ती अर्पित करें
🌼 3. पूजन सामग्री

👉 पीले फूल (गेंदा)
👉 हल्दी की गांठ या पाउडर
👉 चने की दाल
👉 बेसन के लड्डू
👉 पीला चंदन

🙏 4. मुख्य पूजा प्रक्रिया
मां को हल्दी और पीले फूल अर्पित करें
पीला चंदन लगाएं
प्रसाद चढ़ाएं (बेसन लड्डू)
🔮 5. मंत्र जाप (सबसे महत्वपूर्ण)

👉 “ॐ ह्लीं बगलामुख्यै नमः”

कम से कम 108 बार जाप करें
पीले आसन पर बैठकर करें
रुद्राक्ष या हल्दी की माला का उपयोग करें
✨ 6. विशेष उपाय
किसी जरूरतमंद को पी

13/04/2026

वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह समय-समय पर अपनी चाल में बदलाव करते हैं, जिससे कई शुभ और खास योग बनते हैं. इनका असर व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ पूरे
कब बनेगा केंद्र त्रिकोण राजयोग?

द्रिक पंचांग के अनुसार, केंद्र त्रिकोण राजयोग 19 अप्रैल को दोपहर 3 बजकर 47 मिनट पर शुक्र के वृषभ राशि में
इन राशियों को होगा लाभ

वृष राशि

वृष राशि के जातकों के लिए यह केंद्र त्रिकोण राजयोग काफी शुभ साबित हो सकता है, क्योंकि शुक्र आपकी ही राशि में प्रवेश
सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह राजयोग करियर के लिहाज से काफी अच्छा माना जा रहा है. इस समय आपको नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती
कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह राजयोग भाग्य का साथ दिलाने वाला साबित हो सकता है. इस दौरान आपके कई रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं

11/04/2026
07/04/2026

हिंदू धर्म में पंच देवता (5 प्रमुख देवता) की उपासना को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसे पंचायतन पूजा भी कहा जाता है, जिसकी परंपरा आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित की गई थी।

🔱 1. भगवान शिव
कार्य:

संहार (विनाश) के देवता

बुरी शक्तियों का नाश और परिवर्तन के कारक

ध्यान, योग और आध्यात्मिक जागरण के प्रतीक

☀️ 2. सूर्य देव
कार्य:

ऊर्जा और जीवन के स्रोत

स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सफलता प्रदान करते हैं

सभी ग्रहों के राजा माने जाते हैं

🪷 3. मां दुर्गा
कार्य:

शक्ति और सुरक्षा की देवी

नकारात्मक शक्तियों से रक्षा

साहस और विजय का प्रतीक

🐘 4. भगवान गणेश
कार्य:

विघ्नहर्ता (बाधाओं को दूर करने वाले)

बुद्धि, ज्ञान और शुभारंभ के देवता

हर कार्य की शुरुआत में पूजा की जाती है

🌿 5. भगवान विष्णु
कार्य:

पालन (सृष्टि का संचालन) करने वाले

धर्म की रक्षा और संतुलन बनाए रखते हैं

विभिन्न अवतार लेकर पृथ्वी की रक्षा करते हैं

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168 Lodi Road
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