12/08/2026
BPH यानी प्रोस्टेट का बढ़ना
“क्या उम्र बढ़ने के साथ आपको बार-बार पेशाब आती है? रात में कई बार उठना पड़ता है? पेशाब की धार कमजोर हो गई है?
तो इसे सिर्फ उम्र का असर समझकर नजरअंदाज मत कीजिए—यह BPH यानी प्रोस्टेट के बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं।”
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“BPH में प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के कारण पेशाब की नली पर दबाव पड़ सकता है।
इसके कारण पेशाब शुरू करने में परेशानी, बार-बार पेशाब आना, रुक-रुककर पेशाब होना और ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने जैसी शिकायतें हो सकती हैं।
आयुर्वेद में रोगी की स्थिति के अनुसार गोक्षुरादि गुग्गुल और चंद्रप्रभा वटी जैसी औषधियों का चिकित्सकीय सलाह से उपयोग किया जाता है।
इसके अलावा कुछ लोग लौकी का रस, तुलसी पत्र और थोड़ी काली मिर्च का सेवन करते हैं।
बड़ी हरड़ का उपयोग भी पाचन और कब्ज की स्थिति में किया जा सकता है।
लेकिन ध्यान रखें—ये उपाय हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त हों, ऐसा जरूरी नहीं है और इन्हें BPH का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
सबसे जरूरी बात:
अगर पेशाब बिल्कुल बंद हो जाए, तेज दर्द या बुखार हो, या पेशाब में खून आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
प्रोस्टेट की समस्या में उचित जांच और सही उपचार बेहद जरूरी है।
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“उम्र बढ़ना सामान्य है, लेकिन पेशाब की समस्या को नजरअंदाज करना सामान्य नहीं।
समय पर जांच कराइए और स्वस्थ रहिए।”
⚠️ Disclaimer:
“आयुर्वेदिक औषधियों की मात्रा और अवधि व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग होती है। इन्हें योग्य चिकित्सक की सलाह से ही लें।”