25/09/2026
दशलक्षण महापर्व के दशम एवं अंतिम दिवस का संदेश — उत्तम ब्रह्मचर्य।
इन्द्रिय संयम ही आत्मबल है।
विचार, वचन और कर्म की पवित्रता के साथ इन्द्रियों पर संयम रखते हुए आत्मिक उन्नति की ओर बढ़ना ही उत्तम ब्रह्मचर्य की साधना है। 🙏
दशलक्षण महापर्व के इन दस पावन दिनों की शिक्षाएँ हमारे जीवन में क्षमा, विनम्रता, सरलता, संतोष, सत्य, संयम, तप, त्याग, अनासक्ति और आत्मसंयम के रूप में सदैव बनी रहें।