01/12/2021
घर में इन जगहों पर न लगाएं परलोक गए लोगों की तस्वीरें, बढ़ जाएंगी परेशानी
दादी, माता-पिता आदि जो इस दुनिया से जा चुके हैं, वह पितर या पूर्वज कहलाए जाते हैं। इनके चले जाने के बाद केवल इनकी यादें रह जाती हैं, जिनका दिल से गहरा नाता होता है। ज्यादातर लोग पूर्वजों की तस्वीर को पूजा घर में रखकर पूजा करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करना गलत बताया है। पूर्वज देवताओं के समान होते हैं लेकिन देवताओं के स्थान पर इनकी तस्वीरों को नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से देवता नाराज होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्वजों की तस्वीरों को घर में जरूर रखना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहता है लेकिन उसके लिए कुछ नियम होते हैं, जिनसे आप पूर्वजों और देवताओं की कृपा पा सकते हैं…
यहां तस्वीर लगाने से होती है कलह
शास्त्र के अनुसार, पितरों की तस्वीर को भूलकर भी घर के ब्रह्म अर्थात मध्य स्थान पर, बेडरूम या फिर किचन में नहीं लगानी चाहिए। ऐसा करने से पूर्वजों का अपमान होता है और घर में पारिवारिक कलह बढ़ जाती है, साथ ही सुख-समृद्धि में कमी आती है।
यहां तस्वीर लगाने से लगता है देवदोष
पितरों की तस्वीरों को देवी-देवताओं के साथ रखने से देवतागण नाराज होते हैं और देवदोष भी लगता है। शास्त्रों में पितर और देवताओं के स्थान अलग-अलग बताए गए हैं क्योंकि पितर देवताओं के समान ही समर्थवान और आदरणीय हैं। एक जगह दोनों को रखने से किसी के आशीर्वाद का शुभ फल नहीं प्राप्त होता है।
स्वास्थ्य पर पड़ता है नकारात्मक प्रभाव
पितरों की तस्वीरों को कभी भी जीवीति लोगों के साथ नहीं लगानी चाहिए, ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि जिस जीवित व्यक्ति के साथ पितरों की तस्वीर होती है, उन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही उनकी आयु में भी कमी आती है और जीवन जीने का उत्साह भी कम होने लगता है। वह व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो सकता है।
इस दिशा में तस्वीर लगाना उत्तम
शास्त्र के अनुसार, पितरों की तस्वीरों को हमेशा उत्तर की दिवारों पर लगाएं ताकि उनकी दृष्टि दक्षिण की ओर रहे। दक्षिण दिशा को यम और पितरों की दिशा माना गया है, इससे अकाल मृत्यु और संकट से बचाव होता है। साथ ही आप उत्तरी हिस्से के कमरों में, ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या फिर ऐसे स्थान पर तस्वीर लगाएं जो दिशादोष से मुक्त हो।