12/05/2026
🟣 **डायबिटिक न्यूरोपैथी (Diabetic Neuropathy)**
➟ डायबिटिक न्यूरोपैथी का अर्थ है मधुमेह (डायबिटीज) के कारण होने वाली तंत्रिका क्षति (नसों का नुकसान)।
➟ यह आमतौर पर पैरों और टांगों को प्रभावित करती है, लेकिन यह हाथों और शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है।
➟ लंबे समय तक रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर अधिक रहने से नसें और रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, जिससे दर्द, सुन्नता, कमजोरी और पैरों की समस्याएं हो सकती हैं।
🟣 **सामान्य संकेत और लक्षण**
➟ **पैरों में झुनझुनी:** कई लोगों को पैरों में सुई चुभने जैसा अहसास या झुनझुनी महसूस होती है।
➟ **सुन्नता (Numbness):** पैर धीरे-धीरे संवेदना खो सकते हैं, जिससे चोट लगने पर पता चलना मुश्किल हो जाता है।
➟ **जलन वाला दर्द:** कुछ लोगों को जलन, चुभन, तेज़ या बिजली के झटके जैसा दर्द महसूस होता है, जो अक्सर रात में बढ़ जाता है।
➟ **संवेदना में कमी:** गर्म, ठंडा, दर्द या स्पर्श महसूस करना कठिन हो सकता है।
➟ **पैरों में कमजोरी:** कमजोरी के कारण चलने-फिरने, संतुलन बनाने और दैनिक कार्यों में कठिनाई हो सकती है।
➟ **संतुलन की समस्या:** पैरों में संवेदना की कमी से संतुलन बिगड़ सकता है और गिरने का खतरा बढ़ सकता है।
➟ **अनदेखी चोटें:** संवेदना कम होने के कारण कटने, छालों, जूतों के काटने या घावों का पता नहीं चल पाता।
➟ **पैर के अल्सर (Foot Ulcers):** नसों की क्षति और खराब रक्त संचार से अल्सर, संक्रमण और पैरों की गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है।
🟣 **प्रबंधन (Management)**
➟ **ब्लड शुगर को अच्छी तरह नियंत्रित रखें:** शुगर पर अच्छा नियंत्रण नसों की क्षति को धीमा करने और जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है।
➟ **हर दिन पैरों की जांच करें:** कटने, छालों, लालिमा, सूजन, दरारें या घावों को देखें। जरूरत पड़ने पर शीशे (mirror) का इस्तेमाल करें।
➟ **सही फुटवियर पहनें:** अच्छी फिटिंग वाले जूते और साफ मोजे चोट से बचने में मदद करते हैं।
➟ **दर्द का सही इलाज:** डॉक्टर जरूरत पड़ने पर नसों के दर्द (nerve pain) के लिए दवाएं लिख सकते हैं।
➟ **नियमित पैर की जांच:** नियमित चेकअप से नसों की क्षति, खराब रक्त संचार और घावों का जल्दी पता लगाने में मदद मिलती है।
➟ **किसी भी घाव के लिए मदद लें:** मधुमेह वाले लोगों में छोटे घावों को भी शुरुआती चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।
🟣 **डॉक्टर से तुरंत कब मिलें?**
➟ यदि पैर में नया अल्सर, मवाद (pus), दुर्गंध, फैलती हुई लालिमा, त्वचा का काला पड़ना, बुखार, अत्यधिक सूजन या अचानक बढ़ता हुआ दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
➟ इसके अलावा, यदि सुन्नता, झुनझुनी, जलन या संतुलन की समस्या बढ़ रही हो, तो भी जांच कराएं।
डॉ नीरज कुमार BHMS (BU)
नक्कू स्थान मोहनपुर रोड समस्तीपुर
073668 73631