11/08/2026
10 सेकंड तक एक पैर पर खड़े रह पाने व मृत्यु जोखिम का संबंध
2022 में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ था जो संतुलन (balance) के महत्व को बताता है। इसमें 51–75 वर्ष के लगभग 1,700 लोगों को शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों से कहा कि वे एक पैर पर खड़े हों, दूसरा पैर खड़े पैर के पीछे रखें, हाथ शरीर के बगल में रखें, आँखें खुली रखें और इसी स्थिति में 10 सेकंड तक संतुलन बनाए रखें। फिर उन्हें लगभग 7 वर्षों तक फॉलो किया गया।
परिणाम यह रहा कि जिन लोगों से 10 सेकंड तक एक पैर पर खड़ा नहीं हुआ, उनमें अध्ययन अवधि के दौरान मृत्यु का जोखिम लगभग 84% अधिक (Hazard Ratio ≈ 1.84) पाया गया। इसे अक्सर सोशल मीडिया में "लगभग दोगुना" कह दिया जाता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि शोधकर्ताओं ने उम्र, लिंग, मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जैसे कई कारकों के लिए सांख्यिकीय समायोजन (adjustment) भी किया था।
लेकिन ध्यान रहे, यह अध्ययन संबंध (association) दिखाता है, कारण (causation) नहीं। संभवतः खराब संतुलन इस बात का संकेत है कि शरीर की कई प्रणालियाँ पहले से कमजोर होने लगी हैं।
संतुलन बनाए रखने के लिए शरीर की कई प्रणालियाँ एक साथ काम करती हैं—
👁️ आँखें (Vision)
👂 भीतरी कान (Vestibular system)
🦴 जोड़ों और मांसपेशियों के सेंसर (Proprioception)
🧠 सेरिबेलम (Cerebellum)
💪 मांसपेशियों की शक्ति
🧠 मस्तिष्क की योजना बनाने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता
इनमें से किसी भी प्रणाली में कमी आने पर सबसे पहले संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह परीक्षण पूरे शरीर की कार्यक्षमता का एक सरल संकेतक (marker) माना जाता है।
संतुलन बनाने की क्षमता उम्र के साथ तेजी से घटता है।
उम्र बढ़ने पर मांसपेशियाँ कम होती हैं, प्रतिक्रिया समय धीमा होता है, भीतरी कान की कार्यक्षमता घटती है और जोड़ों की संवेदनशीलता कम होती है। इसलिए 70 वर्ष के बाद एक पैर पर 10 सेकंड खड़ा रहना कई लोगों के लिए कठिन हो जाता है।
कई अध्ययनों से पता चला है कि संतुलन का नियमित अभ्यास गिरने का जोखिम कम कर सकता है, चलने की क्षमता सुधार सकता है और आत्मविश्वास बढ़ा सकता है।
बुजुर्गों में स्वतंत्र रूप से रहने की क्षमता बनाए रखने में मदद कर सकता है। लेकिन अभी यह सिद्ध नहीं हुआ है कि केवल संतुलन का अभ्यास करने से मृत्यु दर सीधे कम हो जाती है।
लेकिन अभ्यास करते समय सावधानी रखें कि पास में दीवार या कोई और सहारा हो। यदि पहले गिर चुके हों, चक्कर आते हों या तंत्रिका संबंधी बीमारी हो, तो बिना सहारे ऐसा न करें। शुरुआत 5–10 सेकंड से करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएँ।
✔️ 10 सेकंड का एक पैर पर खड़े होने का परीक्षण स्वास्थ्य का उपयोगी संकेतक हो सकता है।
✔️ इसमें खराब प्रदर्शन भविष्य में स्वास्थ्य जोखिम से जुड़ा पाया गया है।
✔️ संतुलन का अभ्यास किसी भी उम्र में लाभकारी हो सकता है।
लेकिन दो बातों को याद रखना चाहिए कि यह केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, निदान नहीं, और यह अध्ययन कारण नहीं, केवल संबंध दर्शाता है। यदि कोई व्यक्ति 10 सेकंड तक एक पैर पर नहीं खड़ा हो पाता, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उसकी मृत्यु का जोखिम निश्चित रूप से दोगुना हो गया है। बल्कि यह संकेत है कि उसकी समग्र शारीरिक कार्यक्षमता का चिकित्सकीय मूल्यांकन और नियमित व्यायाम पर ध्यान देना उचित होगा।