AstroGuru Acharya Rakesh

Directions

AstroGuru Acharya Rakesh Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from AstroGuru Acharya Rakesh, Astrologist & Psychic, vrindavan, Vrindavan.

30/11/2025
🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉*🌄सुप्रभातम🌄🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓🌻रविवार, २८ सितम्बर २०२५🌻सूर्योदय: 🌄 ०६:२२सूर्यास्त: 🌅 ०६:१४चन्द्रोद...
27/09/2025

🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉*
🌄सुप्रभातम🌄
🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓
🌻रविवार, २८ सितम्बर २०२५🌻

सूर्योदय: 🌄 ०६:२२
सूर्यास्त: 🌅 ०६:१४
चन्द्रोदय: 🌝 ११:५७
चन्द्रास्त: 🌜२१:५३
अयन 🌘 दक्षिणायणे (उत्तरगोलीय)
ऋतु: 🏔️ शरद
शक सम्वत: 👉 १९४७ (विश्वावसु)
विक्रम सम्वत: 👉 २०८२ (सिद्धार्थी)
मास 👉 आश्विन
पक्ष 👉 शुक्ल
तिथि 👉 षष्ठी (१४:२७ से सप्तमी)
नक्षत्र 👉 ज्येष्ठा (२७:५५ से मूल)
योग 👉 आयुष्मान् (२४:३२ से सौभाग्य)
प्रथम करण 👉 तैतिल (१४:२७ तक)
द्वितीय करण 👉 गर (२७:३२ तक)
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
॥ गोचर ग्रहा: ॥
🌖🌗🌖🌗
सूर्य 🌟 कन्या
चंद्र 🌟 धनु (२७:५४ से)
मंगल 🌟 तुला (उदित, पूर्व, मार्गी)
बुध 🌟 कन्या (उदय, पूर्व, मार्गी)
गुरु 🌟 मिथुन (उदित, पूर्व, मार्गी)
शुक्र 🌟 सिंह (उदित, पश्चिम, मार्गी)
शनि 🌟 मीन (उदय, पूर्व, वक्री)
राहु 🌟 कुम्भ
केतु 🌟 सिंह
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
शुभाशुभ मुहूर्त विचार
⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
अभिजित मुहूर्त 👉 ११:४३ से १२:३१
अमृत काल 👉 १८:०५ से १९:५३
सर्वार्थ सिद्धि योग 👉 २७:५५ से ३०:०९
रवि योग 👉 ०६:०८ से २७:५५
विजय मुहूर्त 👉 १४:०७ से १४:५५
गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:०६ से १८:३०
सायाह्न सन्ध्या 👉 १८:०६ से १९:१८
निशिता मुहूर्त 👉 २३:४३ से २४:३२
राहुकाल 👉 १६:३६ से १८:०६
राहुवास 👉 उत्तर
यमगण्ड 👉 १२:०७ से १३:३७
दुर्मुहूर्त 👉 १६:३० से १७:१८
होमाहुति 👉 बुध (२७:५५ से शुक्र)
दिशा शूल 👉 पश्चिम
नक्षत्र शूल 👉 पूर्व (२७:५५ तक)
अग्निवास 👉 पृथ्वी (१४:२७ तक)
चन्द्र वास 👉 उत्तर (पूर्व २७:५५ से)
शिववास 👉 नन्दी पर (१४:२७ से भोजन में)
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
☄चौघड़िया विचार☄
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ - उद्वेग २ - चर
३ - लाभ ४ - अमृत
५ - काल ६ - शुभ
७ - रोग ८ - उद्वेग
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ - शुभ २ - अमृत
३ - चर ४ - रोग
५ - काल ६ - लाभ
७ - उद्वेग ८ - शुभ
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
शुभ यात्रा दिशा
🚌🚈🚗⛵🛫
उत्तर-पूर्व (पान का सेवन कर यात्रा करें)
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
तिथि विशेष
🗓📆🗓📆
〰️〰️〰️〰️
बिल्व निमंत्रण, शहीद भगत सिंह जयन्ती, विवाहादि मुहूर्त सिंह कन्या ल० (अंतरात्रि ०४:४१ से ०६:१३ तक), देवप्रतिष्ठा मुहूर्त प्रातः ११:५३ से दोपहर १२:४२ तक आदि।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
आज २७:५५ तक जन्मे शिशुओ का नाम ज्येष्ठा नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (या, यी, यू) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम मूल नक्षत्र के प्रथम चरण अनुसार क्रमशः (यें) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है।
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
उदय-लग्न मुहूर्त
कन्या - २९:२१ से ०७:३९
तुला - ०७:३९ से १०:००
वृश्चिक - १०:०० से १२:१९
धनु - १२:१९ से १४:२३
मकर - १४:२३ से १६:०४
कुम्भ - १६:०४ से १७:३०
मीन - १७:३० से १८:५३
मेष - १८:५३ से २०:२७
वृषभ - २०:२७ से २२:२२
मिथुन - २२:२२ से २४:३७+
कर्क - २४:३७+ से २६:५९+
सिंह - २६:५९+ से २९:१७+
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
पञ्चक रहित मुहूर्त
रज पञ्चक - ०६:०८ से ०७:३९
शुभ मुहूर्त - ०७:३९ से १०:००
चोर पञ्चक - १०:०० से १२:१९
शुभ मुहूर्त - १२:१९ से १४:२३
रोग पञ्चक - १४:२३ से १४:२७
शुभ मुहूर्त - १४:२७ से १६:०४
मृत्यु पञ्चक - १६:०४ से १७:३०
अग्नि पञ्चक - १७:३० से १८:५३
शुभ मुहूर्त - १८:५३ से २०:२७
मृत्यु पञ्चक - २०:२७ से २२:२२
अग्नि पञ्चक - २२:२२ से २४:३७+
शुभ मुहूर्त - २४:३७+ से २६:५९+
रज पञ्चक - २६:५९+ से २७:५५+
शुभ मुहूर्त - २७:५५+ से २९:१७+
चोर पञ्चक - २९:१७+ से ३०:०९+
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज भी मध्यान तक सेहत में उतार-चढ़ाव लगा रहेगा मध्यान बाद ही इसमे स्थिरता आएगी फिर भी ज्यादा परिश्रम वाले कार्यो से बचें। बनी बनाई योजनाए अधर में लटकी रहेंगी। परिवार अथवा रिश्तेदारी में दुखद घटना होने की संभावना है। जोखिम वाले कार्यो से दूर रहना ही हितकर रहेगा। नौकरी पेशा जातको पर आकस्मिक कोई संकट आ सकता है अधिकारियों से बच कर रहें। कार्य व्यवसाय में उदासीनता दिखाने से होने वाले लाभ में कमी आएगी। आपके स्वभाव में रूखापन रहने से स्नेहीजनों को तकलीफ होगी। परिवार अथवा अन्य से किये वादे पूरे नही कर सकेंगे। आय की अपेक्षा खर्च अधिक होगा। महिलाओ को शारीरिक कमजोरी अनुभव होगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज आपकी दिनचार्य व्यवस्थित रहेगी अधिकांश कार्यो की योजना पूर्व में ही बना लेंगे फिर भी कुछ काम अकस्मात आने से फेरबदल करना पड़ेगा। नौकरी व्यवसाय में धन के साथ सम्मान की प्राप्ति भी होगी। अधिकारी वर्ग आपसे महत्त्वपूर्ण विषयों को लेकर परामर्श करेंगे। व्यापारी वर्ग को कुछ दिनों से अटके कार्य आज पूर्ण होने से तसल्ली मिलेगी। लेकिन परिवार में आर्थिक अथवा किसी अन्य वजह से खींच-तान होने की संभावना है। धन की अपेक्षा संबंधों को अधिक महत्त्व दे अन्यथा वैर-विरोध का सामना करना पड़ेगा। मध्यान के बाद का समय पूरे दिन की अपेक्षा ज्यादा सुखदायी रहेगा। धार्मिक कार्य एवं संतानो पर खर्च होगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन लाभ-हानि बराबर रहेगी। दिन के आरंभ से ही लाभदायक प्रसंग बनेंगे। आज आप व्यवसाय के साथ सामाजिक कार्य भी आने से अधिक व्यस्त रहेंगे कमाई संतोषजनक रहेगी लेकिन खर्च भी आज कम नही रहेंगे। आध्यात्म के प्रति आस्था बढ़ने पर भी धन कमाने को ज्यादा महत्त्व देंगे। आपकी मनोवृति सुखोपभोग की अधिक रहेगी। जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उनके निर्णय आरंभिक व्यवधान के बाद आपके ही पक्ष में रहेंगे। सरकारी कार्यो भी आज किसी के सहयोग मिलने से आगे बढ़ेंगे। महिलाये आज जो भी विचारेंगी फल उसके विपरीत ही मिलेगा। धार्मिक स्थानों की यात्रा के प्रसंग बन सकते है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आपका आज का दिन थोड़ा उतार चढ़ाव वाला रहेगा लेकिन आज की मेहनत संध्या बाद से रंग लाने लगेगी आलस्य भी बने रहने से जल्दी से किसी कार्य के लिये हाँ नही करेंगे अपनी इस प्रवृत्ति को बदले अन्यथा भविष्य में आर्थिक परेशानी खड़ी होगी। मनमानी रवैये के चलते भी हानि हो सकती है। कार्य व्यवसाय में आज कुछ विशेष सफलता नही मिलेगी। परिवार में आज किसी सदस्य की इच्छा पूर्ति ना होने पर वातावरण खराब होगा। नए कार्य की योजना बना रहे है तो आज अवश्य आरम्भ करें। नौकरी पेशा जातक काम मे ऊबन अनुभव करेंगे। मनोरंजन के अवसर नही मिलने से निराशा बढ़ेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज के दिन भी कई अशांति वाले प्रसंग बनेंगे। आज आप अन्य लोगो से मतलब का व्यवहार रखेंगे जिस कारण काम पड़ने पर मदद करने की जगह लोग अपना स्वार्थ साधेंगे। आर्थिक स्थिति भी गड़बड़ाने से क्रोध अधिक आएगा। संबंधों के प्रति लापरवाह रहेंगे जिससे घर मे अशांति के प्रसंग ज्यादा बढ़ेंगे। महिलाओ के अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ विचार मेल नही खाएंगे। व्यवसायी वर्ग मध्यान बाद तक व्यापार को लेकर परेशान रहेंगे इसके बाद स्थिति में सुधार आएगा परन्तु आपकी छोटि मानसिकता आज ओरो को परेशान करेगी। सेहत का भी ध्यान रखें असंयमित दिनचर्या हानि पहुचायेगी।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन परिश्रम को छोड़ अन्य सभी विषयों में उत्तम रहेगा। मेहनत आज अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक करनी पड़ेगी लेकिन इसका फल आशानुकूल मिलने से संतोष होगा। आपको आस-पास का वातावरण भी उत्साह बढ़ाने वाला मिलेगा। कार्य व्यवसाय में आरंभिक उदासीनता के बाद मध्यान पश्चात लाभजनक स्थिति बनेगी। निवेश भी निसंकोच होकर कर सकते है लाभ ही होगा। कुछ दिनों से जिस वस्तु की कामना कर रहे थे आज उसकी प्राप्ति होने से मन प्रफुल्लित रहेगा। धन लाभ के साथ साथ खर्च में भी बढ़ोतरी होगी फिर भी आर्थिक संतुलन बना रहेगा। आज कोई निकटस्थ व्यक्ति घर अथवा कार्य क्षेत्र पर आपके भेदों को सार्वजनिक कर सकता है सतर्क रहें।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज के दिन आपकी मानसिकता कम समय एवं परिश्रम से अधिक लाभ पाने की रहेगी पर आज आपके कार्यो में सफाई कम रहेगी विफलता मिलने पर क्रोध भी आएगा फिर भी कार्यो के प्रति एकाग्र रहे शीघ्र ही परिस्थितियां आपके अनुकूल बनने वाली है। सहकर्मी सहयोग करने में आनाकानी करेंगे जिससे कुछ समय के लिए कार्यो में अवरोध रहेगा लेकिन शीघ्र ही अन्य विकल्प भी मिल जायेंगे। मध्यान के बाद जिस भी काम मे निवेश करेंगे भविष्य में उससे दुगना धन मिलने की संभावना रहेगी लेकिन आज धन की आमद कम रहेगी। पारिवारिक वातावरण में थोड़ा विरोधाभास रहेगा परन्तु महत्त्वपूर्ण विषयो में सभी एकजुट हो जाएंगे। सेहत में सुधार आएगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन लाभदायक है लेकिन मानसिक रूप से गंभीर होने भी आवश्यक है निर्णय लेने में आज भी दुविधा होगी दिमाग पर ज्यादा दबाव न डालें निसंकोच होकर फैसले ले विजय आज आपकी ही होगी। अधिकांश कार्यो में सहज सफलता मिल जाएगी। फिर भी धन संबंधित कार्य देखभाल कर ही करें। प्रतिस्पर्धा कम रहेगी जिससे लाभ के अवसर बढ़ेंगे। सेहत भी अनुकूल रहने से हर प्रकार की परिस्थितियों में काम कर लेंगे। जो लोग अबतक आपके विपरीत चल रहे थे वो भी आपका सहयोग एवं प्रशंशा करेंगे फिर भी आकस्मिक वाद-विवाद के प्रसंग बनेंगे इससे बच कर रहें। घर मे थोड़ी उग्रता रहने पर भी प्रेम बना रहेगा।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन भी आपकी आशाओ के विपरीत रहेगा। दिन के आरंभ से ही कुछ गड़बड़ होने की आशंका रहेगी कार्य क्षेत्र अथवा परिवार में कोई छोटी-बड़ी दुर्घटना होने की संभावना है अकस्मात होने से सतर्क होने का समय मुश्किल ही मिलेगा। किसी से बंधी आशा टूटने से मन दुखी होगा। आर्थिक कारणों से मध्यान तक का समय संघर्ष वाला रहेगा कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा अधिक रहने से लाभ में कमी आएगी इसके बाद कही से थोड़ा धन लाभ होने से राहत मिलेगी। घर मे धार्मिक कार्य होने से मन हल्का होगा। महिलाये आज परिजनों के ऊपर अधिक आश्रित रहेंगी। संतानो के विषय मे नई चिंता बनेगी। वाहन अथवा उपकरणों से सावधानी बरतें दुर्घटना का भय है।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन आपके उच्च प्रतिष्ठित लोगो से संबंध बनेंगे सरकारी कार्यो के लिए दिन उत्तम है सरकार की तरफ से शुभ समाचार मिलने से व्यवसाय एवं अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यो की उलझन दूर होगी। धन लाभ की कामना लगी रहेगी इसके लिए कुछ ना कुछ तिकड़म लगाते रहेंगे आमद मध्यान पश्चात ही संभव हो सकेगी। प्रयास करने पर पुराने धन की वापसी हो सकती है। महिलाये खरीदारी पर धन खर्च करेंगी अज्ञानता में हानि होने की संभावना है सतर्क रहें। आपकी जरूरत लोगो को अधिक होने से सम्मान के साथ धन लाभ के अवसर भी मिलते रहेंगे। गृहस्थ में पूर्ण ध्यान नही देने से किसी की नाराजगी देखनी पड़ेगी लेकिन कुछ समय के लिए ही।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन कार्य सफलता वाला रहेगा। सेहत ठीक रहने पर भी कार्यो के प्रति आलस्य दिखाएंगे लेकिन जिस भी कार्य को हाथ मे लेंगे उसमे हानि लाभ की परवाह नही करेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी मौज शौक की प्रवृति के पीछे खर्च अधिक होगा। घर मे सुख सुविधा के सामान की बढ़ोतरी होगी। धन संबंधित योजनाओ को गति देने के लिए आज किसी अन्य की सहायता की आवश्यकता पड़ेगी। मध्यान तक किये परिश्रम का फल संध्या तक मिल जाएगा। जोड़-तोड़ कर धन कोष में वृद्धि होगी लेकिन दैनिक से अतिरिक्त खर्च आने से बचत नही हो पाएगी। आज किसी की सहायता मजबूरी में करेंगे। बाहर घूमने का आयोजन होगा धार्मिक कार्यो पर खर्च बढेगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति वाला रहेगा। दिन के आरंभ से ही घर मे धार्मिक कार्य को लेकर चहल-पहल रहेगी इसके लिए दैनिक कार्यो में बदलाव भी करना पड़ेगा। आध्यात्मिक एवं परोपकारी स्वभाव का लाभ किसी ना किसी रूप में अवश्य मिलेगा। नौकरी पेशा जातको को नई जगह से प्रस्ताव मिलेंगे। बेरोजगारों के भी नए रोजगार से जुड़ने की संभावना है प्रयासरत रहें। धन लाभ रुक-रुक कर परन्तु प्रचुर मात्रा में होगा जिससे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर सकेंगे। फिजूल के खर्च भी मध्यान के बाद अकस्मात ही बढ़ेंगे इनकी परवाह आज नही करेंगे। पति-पत्नि में मामूली नोक-झोंक हो सकती है। संध्या के समय थकान ज्यादा रहेगी।
*✍️भदावर राजगुरु
डॉ राकेश नारायण आचार्य
श्रीधाम वृन्दावन

जब स्विट्जरलैंड ऐसा कर सकता है तो भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता सही जगह है रेल की पटरीयों के बीच में जो खाली जगह है उसका  ...
28/07/2025

जब स्विट्जरलैंड ऐसा कर सकता है तो भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता सही जगह है रेल की पटरीयों के बीच में जो खाली जगह है उसका पूरी तरह से सदुपयोग किया जा सकता है

स्विट्जरलैंड अपनी रेल्वे ट्रैक को सोलर पैनल से ढक रहा हैं।

















30/06/2025

Nalanda university 😱😄



डॉ राजपुरोहित राकेश नारायण जी की दृष्टि मै  मानव जीवन मै नक्षत्रों का विशेष महत्वपूर्ण  योगदान है  Astrology: हर व्यक्ति...
25/08/2024

डॉ राजपुरोहित राकेश नारायण जी की दृष्टि मै मानव जीवन मै नक्षत्रों का विशेष महत्वपूर्ण योगदान है Astrology: हर व्यक्ति के जीवन में 27 नक्षत्रों का हैं खास महत्व, जानें स्वभाव और उनके स्वामी का प्रभाव
Nakshatra: ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र बताए गए है. सभी नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में पड़ता है. आइए जानते है कि किस नक्षत्र में जन्में लोगों का स्वभाव कैसा होता है.
01- अशिवनी नक्षत्र के स्वामी केतु
ज्योतिष शास्त्र में अश्विन नक्षत्र को सबसे प्रमुख और पहला नक्षत्र माना गया है. अशिवनी नक्षत्र के स्वामी केतु है, जो व्यक्ति इस नक्षत्र में जन्म लेता है, वह बहुत ऊर्जावान होने के सथ-साथ हमेशा सक्रिय रहना पसंद करता है. ये लोग रहस्यमयी प्रकृत्ति के इंसान होने के साथ-साथ थोड़े जल्दबाज भी होते हैं, जो पहले काम कर लेते हैं और बाद में उस पर विचार करते हैं. ये लोग अच्छे जीवनसाथी और एक आदर्श मित्र साबित होते हैं.
02. भारिणी नक्षत्र के स्वामी शुक्र
भारिणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होते हैं, जिसकी वजह से इस नक्षत्र में जन्में लोग आराम पसंद और आलीशान जीवन जीना चाहते हैं. ये लोग काफी आकर्षक और सुंदर होते हैं, इनका स्वभाव लोगों को आकर्षित करता है, इनके जीवन में प्रेम सर्वोपरि होता है और जो भी ये ठान लेते हैं उसे पूरा करने के बाद ही चैन से बैठते हैं, इनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान हमेशा बना रहता है.
03. कृतिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य
कृतिका नक्षत्र में जन्में जातक ना तो पहली नजर में प्यार जैसी चीज पर भरोसा करते हैं और ना ही किसी पर बहुत जल्दी एतबार करते हैं, इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर सूर्य का प्रभाव रहता है, जिसकी वजह से ये लोग आत्म गौरव करने वाले होते हैं. ये लोग स्वाभिमानी होने के साथ-साथ तुनक मिजाजी और बहुत उत्साहित रहने वाले होते हैं. ये लोग जिस भी काम को अपने हाथ में लेते हैं उसे पूरी लगन और मेहनत के साथ पूरा करते हैं.
04. रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चन्द्रमा
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा होता है और चंद्रमा के प्रभाव की वजह से ये लोग काफी कल्पनाशील और रोमांटिक स्वभाव के होते हैं. ये लोग काफी चंचल स्वभाव के होते हैं और स्थायित्व इन्हें रास नहीं आता. इन लोगों की सबसे बड़ी कमी यह होती है कि ये कभी एक ही मुद्दे या राय पर कायम नहीं रहते. ये लोग स्वभाव से काफी मिलनसार होते हैं, लेकिन जीवन की सभी सुख-सुविधाओं को पाने की कोशिश भी करते रहते हैं.
05. मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मंगल
मृगशिरा नक्षत्र के जातकों पर मंगल का प्रभाव होने की वजह से ये लोग काफी साहसी होते हैं. ये लोग स्थायी जीवन जीने में विश्वास रखते हैं और हर काम पूरी मेहनत के साथ पूरा करते हैं. इनका व्यक्तित्व काफी आकर्षक होता है और ये हमेशा सचेत रहते हैं. अगर कोई व्यक्ति इनके साथ धोखा करता है तो ये किसी भी कीमत पर उसे सबक सिखाकर ही मानते हैं. इन्हें संगीत का शौक होता है और ये सांसारिक सुखों का उपभोग करने वाले होते हैं.
06. आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु
आर्द्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों पर आजीवन बुध और राहु ग्रह का प्रभाव रहता है. राहु का प्रभाव इन्हें राजनीति की ओर लेकर जाता है और इनके प्रति दूसरों में आकर्षण विकसित करता है. ये लोग दूसरों का दिमाग पढ़ लेते हैं, इसलिए इन्हें बहुत आसानी से उलझाया नहीं जा सकता. दूसरों से काम निकलवाने में माहिर इस नक्षत्र में जन्में लोग अपने निजी स्वार्थ को पूरा करने के लिए नैतिकता को भी छोड़ देते हैं.
Also Read: Astrology: कुंडली में ये ग्रह बनते हैं पति-पत्नी के बीच झगड़े का कारण, जानें ज्योतिषीय वजह और उपाय
07. पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु
पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति के भीतर दैवीय शक्तियां होती हैं, इनका शरीर काफी भारी और यदाश्त बहुत मजबूत होती है. ये लोग काफी मिलनसार और प्रेम भावना से ओत-प्रोत होते हैं. आप कह सकते हैं कि जब भी इन पर कोई विपत्ति आती है तो कोई अदृश्य शक्ति इनकी सहायता करने अवश्य आती है. ये लोग काफी धनी भी होते हैं.
08. पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि
शनिदेव के प्रभाव वाले पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ माना गया है, इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग दूसरों की भलाई के लिए सदैव तैयार रहते हैं. ये लोग मेहनती होते हैं और अपनी मेहनत के बल पर धीरे-धीरे ही सही तरक्की हासिल कर ही लेते हैं. ये लोग कम उम्र में ही कई कठिनाइयों का सामना कर लेते हैं. चंचल मन वाले ये लोग विपरीत-लिंग के प्रति विशेष आकर्षण भी रखते हैं.
09. आश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध
आश्लेषा नक्षत्र विषैला होता है और इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के भीतर भी विष की थोड़ी बहुत मात्रा पाई जाती है. आश्लेषा नक्षत्र में जन्में व्यक्ति ईमानदार तो होते हैं किंतु मौका मिलते ही अपने रंग दिखाने से भी बाज नहीं आते, जब तक इन्हें लाभ मिलता है बस तभी तक दोस्ती निभाने वाले ये लोग दूसरों पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर पाते.
10. मघा नक्षत्र के स्वामी केतु
मघा नक्षत्र को गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में रखा गया है. सूर्य के स्वामित्व के कारण ये लोग काफी ज्यादा प्रभावी बन जाते हैं, इनके भीतर स्वाभिमान की भावना प्रबल होती है और बहुत ही जल्दी इनका दबदबा भी कायम हो जाता है. ये कर्मठ होते हैं और किसी भी काम को जल्दी से जल्दी पूरा करने की कोशिश करते हैं, इनके भीतर ईश्वरीय आस्था बहुत अधिक होती है.
11. पुर्वफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र
पुर्वफाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में संगीत और कला की विशेष समझ होती है, जो बचपन से ही दिखाई देने लगती है. ये लोग नैतिकता और ईमानदारी के रास्ते पर चलकर ही अपना जीवन व्यतीत करते हैं, इनके पास धन की मात्रा अच्छी खासी होती है जिसकी वजह से ये भौतिक सुखों का आनंद उठाते हैं. ये लोग अहंकारी प्रवृत्ति के होते हैं.
12. उतरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य
उतरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों को सरकारी क्षेत्र में ही अपना कॅरियर तलाशना चाहिए. ये लोग एक काम को करने में काफी समय लगा देते हैं. अपने हर संबंध को ये लोग लंबे समय तक निभाते हैं. इनमें धार्मिक झुकाव होता है और जीवन सुखमय होता है. ये विलासिता पसंद करते हैं.
13. हस्त नक्षत्र के स्वामी चन्द्रमा
हस्त नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में बौद्धिक, मददगार, निर्णय लेने में अक्षम, कुशल व्यवसायिक गुणों वाले ये लोग दूसरों से अपना काम निकालने में माहिर माने जाते हैं, इन्हें हर प्रकार की सुख-सुविधाएं मिलती हैं और इनका जीवन आनंद में बीतता है.
14. चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल
चित्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में व्यक्तियों के स्वभाव में आपको मंगल ग्रह का प्रभाव दिखाई दे सकता है. ये लोग हर किसी के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करते हैं, इन्हें आप सामाजिक हितों के लिए कार्य करते हुए भी देख सकते हैं. ये लोग विपरीत हालातों से बिल्कुल नहीं घबराते और खुलकर मुसीबतों का सामना करते हैं. परिश्रम और हिम्मत ही इनकी ताकत है.
Also Read: Astrology: कुंडली में इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव से होती है संतान प्राप्ति में समस्या, जानें ज्योतिषीय उपाय
15. स्वाति नक्षत्र के स्वामी राहु
स्वाति नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों का स्वभाव और आचरण स्वच्छ होता है, इस नक्षत्र में पानी की बूंद सीप पर गिरती है तो वह मोती बन जाती है. तुला राशि में होने की वजह से स्वाति नक्षत्र के जातक सात्विक और तामसिक दोनों ही प्रवृत्ति वाले होते हैं. ये लोग राजनीतिक दांव-पेंचों को अच्छी तरह समझते हैं और अपने प्रतिद्वंदियों पर हमेशा जीत हासिल करते हैं.
16. विशाखा नक्षत्र के स्वामी गुरु
विशाखा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग पठन-पाठन के कार्यों में उत्तम साबित होते हैं. स्वाति नक्षत्र में जन्में लोग शारीरिक श्रम तो नहीं कर पाते है, लेकिन अपनी बुद्धि के प्रयोग से सभी को पराजित करते हैं. ये लोग काफी सामाजिक होते हैं, जिसकी वजह से इनका सामाजिक दायरा भी बहुत विस्तृत होता है. ये लोग महत्वाकांक्षी होते हैं और अपनी हर महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए बहुत मेहनत करते हैं.
17. अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि
अनुराधा नक्षत्र में जन्में लोग अपने आदर्शों और सिद्धांतों पर जीते हैं। ये लोग अपने गुस्से को नियंत्रित नहीं कर पाते इस कारण इन्हें कई बार बड़े नुकसान उठाने पड़ते हैं। ये लोग अपने दिमाग से ज्यादा दिल से काम लेते हैं और अपनी भावनाओं को छिपाकर नहीं रख पाते। ये लोग जुबान से थोड़े कड़वे होते हैं जिसकी वजह से लोग इन्हें ज्यादा पसंद नहीं करते।
18. ज्येष्ठा नक्षत्र के स्वामी बुध
ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग तुनक मिजाजी होते है और छोटी-छोटी बातों पर लड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं. खुली मानसिकता वाले ये लोग सीमाओं में बंधकर अपना जीवन नहीं जी पाते है. ज्योतिष के अनुसार गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी में होने की वजह से यह भी अशुभ नक्षत्र ही माना जाता है.
19. मूल नक्षत्र के स्वामी केतु
मूल नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र की श्रेणी का सबसे अशुभ नक्षत्र माना गया है, इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के परिवार को भी इसके दोष का सामना करना पड़ता है. लेकिन इनमें कई विशेषताएं भी होती हैं जैसे कि इनका बुद्धिमान होना, इनकी वफादारी, सामाजिक रूप से जिम्मेदार, आदि। इन्हें आप विद्वानों की श्रेणी में रख सकते हैं.
20. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी शुक्र
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों का स्वभाव ईमानदार, प्रसन्न, खुशमिजाज, कला, सहित्य और अभिनय प्रेमी, बेहतरीन दोस्त और आदर्श जीवनसाथी, ये सभी पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्में लोगों के खासियत होती है.
21. उतराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी सूर्य
उतराषाढ़ा नक्षत्र में जन्में लोग काफी आशावादी और खुशमिजाज स्वभाव के होते हैं, इस नक्षत्र में पैदा होने वाले लोग नौकरी और व्यवसाय दोनों ही में सफलता प्राप्त करते हैं. ये पूरी भावना के साथ अपने मित्रों का साथ देते हैं और इसी स्वभाव के कारण इन्हें अपने मित्रों से परस्पर सहयोग और सहायता इन्हें मिलती रहती है. ये लोग काफी धनी भी होते हैं.
22. श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्रमा
श्रवण नक्षत्र में जन्में लोग माता-पिता के लिए अपना सर्वस्व त्यागने वाले श्रवण कुमार के नाम पर ही इस नक्षत्र का नाम पड़ा है, इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोगों में कई विशेषताएं होती हैं. ये लोग जिस भी कार्य में हाथ डालते हैं उसमें सफलता हासिल करते हैं.
23. धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल
धनिष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग काफी उर्जावान होते हैं और उन्हें खाली बैठना बिल्कुल पसंद नहीं होता. ये लोग अपनी मेहनत और लगन के बल पर अपनी मंजिल हासिल कर ही लेते हैं. इन्हें दूसरों को अपने नियंत्रण में रखना अच्छा लगता है और ये अधिकार भावना भी रखते हैं. इन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपना जीवन जीना पसंद है.
24. शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु
शतभिषा नक्षत्र में जन्में लोग शारीरिक श्रम में बिल्कुल विश्वास नहीं करते हैं और हर समय अपनी बुद्धि का परिचय देते हैं, इस नक्षत्र में जन्में लोग स्वच्छंद विचारधारा के होते है. ये लोग उन्मुक्त विचारधारा के होते हैं और मशीनी तौर पर जीना इन्हें कतई बरदाश्त नहीं होता. ये अपने शत्रुओं पर हमेशा हावी रहते हैं.
Also Read: Astrology: कुंडली में ये ग्रह व्यक्ति को बना देता हैं कंगाल, धन वृद्धि और सुख समृद्धि के लिए करें ये उपाय
25. पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु
पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी गुरु है. इस नक्षत्र में जन्में जातक सत्य और नैतिक नियमों का पालन करने वाले होते हैं. दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले ये लोग बहुत अधिक व्यवहार कुशल और मिलनसार कहे जा सकते हैं. ये लोग आध्यात्मिक प्रवृत्ति के तो होते ही हैं, इसके साथ ही ज्योतिष के भी अच्छे जानकार कहे जाते हैं.
26. उतरा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि
उतरा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि है, इस नक्षत्र में जन्में लोग हवाई किलों या कल्पना की दुनिया में विश्वास अहीं करते. ये लोग बेहद यथार्थवादी और हकीकत को समझने वाले होते हैं. व्यापार हो या नौकरी, इनका परिश्रम इन्हें हर जगह सफलता दिलवाता है. इनके भीतर त्याग भावना भी बहुत ज्यादा होती है.
27. रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध
रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध है. इस नक्षत्र में जन्में जातक बहुत ईमानदार होते है और इस कारण ये किसी भी रूप में धोखा नहीं दे सकते. परंपराओं और मान्यताओं को लेकर ये लोग काफी रूढ़िवादी होने के बावजूद अपने व्यवहार में लचीलापन रखते हैं, इनकी शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा होता है और अपनी सूझबूझ से ये बहुत सी मुश्किलों को हल कर लेते हैं.
ज्योतिष संबंधित चुनिंदा सवालों के जवाब प्रकाशित किए जाएंगे
यदि आपकी कोई ज्योतिषीय, आध्यात्मिक या गूढ़ जिज्ञासा हो, तो अपनी जन्म तिथि, जन्म समय व जन्म स्थान के साथ कम शब्दों में अपना प्रश्न [email protected] या WhatsApp No- 8109683217 पर भेजें. सब्जेक्ट लाइन में ‘प्रभात खबर डिजीटल’ जरूर लिखें. चुनिंदा सवालों के जवाब प्रभात खबर डिजीटल के धर्म सेक्शन में प्रकाशित किये जाएंगे.
सामान्य चरित्र: आत्म केन्द्रित, आक्रामक, साहसी, बुद्धिमान, ईमानदार, मेहनती
व्यवसाय: शल्य चिकित्सा, होम्योपैथी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, जेलों का काम
अनुराधा नक्षत्र में रविवार को व्यवसाय आरम्भ तथा सोमवार को यात्रा किया जा सकता है।

नक्षत्र -योनी – गण -नाड़ी व सामान्य चरित्र, व्यवसाय व मुहूर्त
1. अश्विनी – अश्व – देव- अद्य
सामान्य चरित्र: चतुर, बुद्धिमान, कुशल, चिड़चिड़ा, लोकप्रिय।
व्यवसाय: चिकित्सक, वास्तुकला, स्टॉक ब्रोकिंग, इंटीरियर डिजाइन, उड़ान, ड्राइविंग, घुड़सवारी और खेल
यह मुहूर्त विद्या प्राप्ति तथा मंगलवार की यात्रा आरम्भ करने के लिए अनुकुल है।
2. भरणी- गज- मनुष्य- मध्य
सामान्य चरित्र: सच्चा, महत्वाकांक्षी, साहसी, स्वार्थी, चालाक और जिंदगी का आनंद उठाने वाला
व्यवसाय: मनोरंजन उद्योग, खेल, आतिथ्य, उद्योग, विज्ञापन, ललित कला
गुरुवार को उतीर्ण होने संबन्धी कार्य किये जा सकते हैं। शनिवार के दिन यन्त्र सिद्धि का कार्य करना चाहिए।
3. कृत्तिका- मेष- राक्षस- अंत
सामान्य चरित्र: उत्साही, प्रतियोगी, नेतृत्व के गुण
व्यवसाय: राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा, ज्योतिष, संपत्ति खरीदने और बिक्री, सर्जरी, चार्टर्ड एकाउंटेंट
यह बुधवार को निर्माण के लिए फायदेमंद है तथा गुरुवार को सुखी विवाहित जीवन के लिए शुभ है।
4. रोहिणी- सर्प- मनुष्य- अंत
सामान्य चरित्र: सौहार्दपूर्ण, शिष्ट, सहानुभूति, सच्चा, सुंदर
व्यवसाय : आतिथ्य उद्योग, डेयरी उत्पाद, इत्र, सौंदर्य प्रसाधन, पशु – कृषि के क्षेत्र में काम
यह शादी सहित सब शुभ कार्य के लिए उत्कृष्ट है।
5. मृगशिरा- सर्प- देव- मध्य
सामान्य चरित्र: मजाकिया, उत्साही, भावुक, स्वार्थी, मजबूत
व्यवसाय: ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, आय, मनोरंजन और बिक्री कर, अनुसंधान, कंप्यूटर, खगोल विज्ञान
मृगशिरा नक्षत्र बुधवार को घर खरीदने के लिए उपयुक्त रहता है।
6. आर्द्रा- श्वान- मनुष्य- अद्य
सामान्य चरित्र : सरल, बोधगम्य, संसाधन और मानसिक रूप से सक्रिय
व्यवसाय: संचार, विज्ञापन, लेखन, अनुसंधान, पोस्ट, और टेलीग्राफ
शुक्रवार को आर्द्रा नाडी की अवधि में, संतान की शिक्षा आरम्भ की जा सकती है। रविवार को सरकारी विभागों के अधिकारियों से मिलने अथवा व्यवसायिक कार्यो से संबन्धित कार्य किया जा सकता है।
7. पुनर्वसु- मर्जर- देव- अद्य
सामान्य चरित्र: सहज ज्ञान युक्त, सुंदर, अच्छी याददाश्त, ज्ञान
व्यवसाय: संपादन, प्रकाशन, पत्रकारिता, वित्त, ज्योतिष
रविवार को देवी देवताओं की मूर्तियों की स्थापना की जा सकती है। सोमवार को पुनर्वसु मूहूर्त में नए घर में प्रवेश कर सकते हैं।
8. पुष्य – मेष – देव – मध्य
सामान्य चरित्र: अंतर्ज्ञानी, दयालु, मददगार, संतुष्ट
व्यवसाय: पनडुब्बी, पेट्रोलियम, कोयला, कृषि, निर्माण से संबंधित
पुष्य नाडी मुहूर्त में मांगलिक कार्य आरम्भ करने के लिए शुभ है। पुष्य नाडी गुरुवार को अमृत योग बनता है। इस मुहुर्त में गृह प्रवेश, वधु प्रवेश, गृह निर्माण, व्यापार का आरम्भ इत्यादि कार्य किये जा सकते है।
9. अश्लेषा – मर्जर- राक्षस- अंत
सामान्य चरित्र: सरल, तेज दिमाग और यात्रा पसंद
व्यवसाय: वैश्विक व्यापार, इंजीनियरिंग, वाणिज्य और व्यापार, यात्रा संबंधित
शुभ काम के लिए यह अच्छा नक्षत्र नहीं है।
10. मघा – मूषक – राक्षस – अंत
सामान्य चरित्र: चिड़चिड़ा, आवेगी, मेहनती, मुखर
व्यवसाय: रक्षा, शल्य चिकित्सा, रसायन और औषधि निर्माण, सरकारी सेवा
काम करने के लिए तथा शपथ लेने के लिए यह शुभ नक्षत्र है।
11. पूर्वाफाल्गुनी – मूषक – मनुष्य- मध्य
सामान्य चरित्र: उदार, स्नेही, ईमानदार और विनम्र
व्यवसाय : मनोरंजन परिवहन, शिक्षा, खेल, ऑटोमोबाइल, राजस्व
पूर्वाफाल्गुनी में मित्रता करने संबन्धी, प्रतियोगिताओं में भाग लेने, घूमने -फिरने का कार्य को करना चाहिए।
Any Query
email : [email protected]
Whatsapp : 99999 54145
12. उत्तराफाल्गुनी- गाय – मनुष्य- अद्य
सामान्य चरित्र: आशावादी, तर्कसंगत,प्रसन्न, अमीर, दिखावा करना
व्यवसाय: वाणिज्य, शेयर, नौवहन, चिकित्सा, विनिमय, सरकारी सेवा
सोमवार के दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र की अवधि, विवाह कार्यो के लिए अनुकुल होता है।

13. हस्त – महिषी- देव- अद्य
सामान्य चरित्र: मेहनती, ऊर्जा से भरा हुआ, झगड़ालू, साहसी
व्यवसाय: कला, विधि, वाणिज्य, आयात निर्यात, इंजीनियरिंग, राजनीति
ऐसी मान्यता है कि भगवान हनुमान, भगवान गणेश, स्वामी विवेकानंद का जन्म इस नक्षत्र के अंतर्गत हुआ था। शादी और यात्रा के लिए यह शुभ होता है।
14. चित्रा- व्याघ्र – राक्षस – मध्य
सामान्य चरित्र: व्यावहारिक, साहसी, ऊर्जा से भरा हुआ, बेचैन और चिड़चिड़ा, सक्रिय
व्यवसाय : वित्त, रक्षा, पुलिस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, निर्माण, कानून
यह शुभ काम के लिए अच्छा होता है।
15. स्वाति- महिषी – देव- अद्य
सामान्य चरित्र: अनुकूल, संवेदनशील, सामाजिक, दयालु, पहल करने वाला ।
व्यवसाय: परिवहन, व्यापार, कपड़े, चमड़े, दूध, बेकरी।
यह शुभ काम के लिए अच्छा नक्षत्र है।

16. विशाखा- व्याघ्र- राक्षस- अंत
सामान्य चरित्र: सीधा, ईमानदार, स्वतंत्र, उदार, बुद्धिमान
व्यवसाय: बीमा, शेयर बाजार, रक्षा, आपराधिक कानून, केमिकल इंजीनियरिंग, आयुर्वेद
विशाखा नक्षत्र में रविवार के दिन विवाह कार्य कर सकते हैं। इस नक्षत्र में गुरुवार के दिन कार्य आरम्भ करने पर व्यक्ति के धन में वृद्धि होती है।
17. अनुराधा- मृग – देव – मध्य
सामान्य चरित्र: आत्म केन्द्रित, आक्रामक, साहसी, बुद्धिमान, ईमानदार, मेहनती
व्यवसाय: शल्य चिकित्सा, होम्योपैथी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, जेलों का काम
अनुराधा नक्षत्र में रविवार को व्यवसाय आरम्भ तथा सोमवार को यात्रा किया जा सकता है।

18. ज्येष्ठा – मृग – राक्षस- अंत
सामान्य चरित्र: विनोदपूर्ण, सहज, व्यावहारिक, दार्शनिक
व्यवसाय: शल्य चिकित्सा, प्रकाशन, वस्त्र मशीनरी, केबल तारों के निर्माता
शुभ काम के लिए यह नक्षत्र निषिद्ध है।
19. मूल – श्वान- राक्षस- अद्य
सामान्य चरित्र: आक्रामक, सौहार्दपूर्ण, धर्मार्थ, उदार, ईमानदार
व्यवसाय: वैश्विक व्यापार, कानून, शिक्षा, सामाजिक कार्य, व्यापार, चिकित्सा
रविवार के दिन मूल नाडी मुहूर्त में धन लाभ से जुडे कार्य ,आय में वृद्धि होने संबधित कार्य करने पर लाभ होता है।
20. पूर्वाषाढ़ा- कापी – मनुष्य – मध्य
सामान्य चरित्र: विस्तृत सोच, विनम्र, दयालु, संवेदनशील, ईमानदार
व्यवसाय: ज्योतिष, मनोगत अध्ययन, बैंक, होटल, विदेशी मुद्रा, परिवहन
रविवार को व्यापार संबंधी कार्य आरम्भ किये जा सकते है जिससे लाभ में वृद्धि होती है। सोमवार को चिकित्सा या दवाई से संबंधित कार्य करने पर रोगी को आरोग्य की प्राप्ति होती है।
21. उत्तराषाढ़ा – नुकुला- मनुष्य – अंत
सामान्य चरित्र: धर्मार्थ, सफल, धार्मिक गतिविधियाँ, अच्छे स्वभाव, प्रफुल्लित स्वाभाव पसंद
व्यवसाय: राजनीति, वित्त, धर्मार्थ संस्थाओं, नर्सिंग शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा
रविवार के दिन की उ.षा. नाडी मुहूर्त, नव निर्माण कार्यो को करने के लिये तथा किसी काम में उतीर्ण होने के लिये अनुकुल रहता है।
22. श्रवण – कापी- देव- अंत
सामान्य चरित्र: निराशावादी, डरपोक, मितव्ययी, अतिरिक्त सतर्क
व्यवसाय: तेल, पेट्रोल, मत्स्य पालन, कृषि के क्षेत्र में व्यवसाय
श्रवण नक्षत्र में रविवार को जीवन साथी को वस्तु भेंट करना। सोमवार को कृषि के कार्य ,खेतों में बीज डालने का कार्य करना लाभकारी रहता है।मंगलवार को नया वाहन लेना हितकारी रहता है।
23. घनिष्टा – सिंह – राक्षस- मध्य
सामान्य चरित्र: सक्रिय, मजबूत इच्छाशक्ति, स्वार्थी, लालची
व्यवसाय: बीमा, शराब व्यापारी, पुनर्वास सेवा, सीमेंट, स्पेयर पार्ट्स
सोमवार को लॉटरी कार्यो से लाभ हो सकता है तथा मंगलवार को वाहन के क्रय-विक्रय से संबन्धित कार्य करने चाहिए।
24. शतभिषा – अश्व- राक्षस- अद्य
सामान्य चरित्र: स्वतंत्र, रोगी, अवकाश पसंद और आलसी
व्यवसाय: बिजली, विज्ञान, खगोल, ज्योतिष, शेयर बाजार, शिक्षा, हवाई यात्रा
शतभिषा नक्षत्र में रविवार को यात्रा करना उतम रहता है तथा सोमवार को इस नक्षत्र में काम करने से सरकारी क्षेत्रों के कार्यो में सफलता मिलती है।
25. पूर्वभाद्र – अश्व- मनुष्य – अद्य
सामान्य चरित्र: संगीत, कला प्रेमी, खुशहाल, समृद्ध, मनीषी
व्यवसाय: नियोजन, विदेशी मुद्रा, अस्पताल, कानून, संगीत
इस नक्षत्र में रविवार को कोर्ट-कचहरी से संबंधित कार्य तथा सोमवार को धार्मिक कार्य आरम्भ करने चाहिए।
26. उत्तरभाद्र – गो- मनुष्य- अद्य
सामान्य चरित्र: दार्शनिक, शांति और तनहाई पसंद, सहायक, स्वतंत्र
व्यवसाय: जेल से संबंधित, अस्पताल, इंजीनियरिंग, धर्मार्थ संस्थानों, शिक्षा, आयात निर्यात
इस नक्षत्र में रविवार को दवा लेना शुरू करने से अधिक लाभ होता है। इसके अलावा इस नक्षत्र में सोमवार को अपने लिए साथी की तलाश करने से अच्छा जीवन साथी मिलता है। निवेश, नया व्यवसाय शुरू करने के लिए यह शुभ है।
27. रेवती- गज- देव- अंत
सामान्य चरित्र: सहज ज्ञान युक्त, सहानुभूति, चालाक, ईमानदार लचीला, अध्ययनशील
व्यवसाय: अंकेक्षणल्क, ज्योतिष, बैंक, सिविल इंजीनियरिंग, राजनीति, संचार
यह नक्षत्र सभी तरह के शुभ काम करने के लिए अच्छा है।
गुण धर्म, प्रकृति के आधार पर सम्पूर्ण 27 नक्षत्रों का तीन समूहों में विभाजन किया गया है—–
(1)देव प्रकृति:-अश्विनी, म्रृगशीर्ष, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, स्वाति, अनुराधा, श्रवण और रेवती नक्षत्र
(2)मनुष्य प्रकृति:-भरणी, रोहिणी, पूर्वा फ़ाल्गुनी, उत्तरा फ़ाल्गुनी, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और आद्रा नक्षत्र
(3)राक्षस प्रकृति:- कृतिका, आश्लेषा, मघा, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र

Address

Vrindavan
Vrindavan
281121

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when AstroGuru Acharya Rakesh posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share